29 जुल॰ 2017

जो नये काम को स्वीकारते हैं वो धन्य हैं


जो नये काम को स्वीकारते हैं वो धन्य हैं


धन्य हैं वो सभी जो, हैं सक्षम आज्ञा पालन में
उस पवित्र आत्मा के, वास्तविक कथनों की।
फर्क नहीं पड़ता वो कैसे थे, कैसे पवित्र आत्मा,
कैसे पवित्र आत्मा, उनमें काम किया करती थी,
जिन्हों ने पा लिए नव अवसर, सबसे अधिक धन्य हैं वो।
नव अवसर पालन में, जो नाकाम हो जाएं वो तो लुप्त हो जायेंगे।
प्र भु उन्हें ही चाहतें हैं, नयी रोशनी को जो माने,
और उनके नए काम को जो, स्वीकारें और जानें।


क्यूँ होना है तुम्हें, एक पवित्र कुंवारी?
क्यूँ की वो ही है जो ढूंढ़ सके, कार्य पवित्र आत्मा के,
नयी चीज़ों को अपनाकर, वो त्याग सकती है पुराने विचार,
आज है सक्षम चलने में वो, प्रभु के आज्ञानुसार।
ये लोग जो स्वीकारते हैं, नव अवसरों को आज के,
जिन्हें नियुक्त किये प्रभुने दुनिया के आगे, वो सबसे ज़्यादा धन्य हैं।
तुम सुनते वाणी प्रभु की, निहारते उनकी मौजूदगी,
तो, हर काल-खंड और पीढ़ियों में, इस धरती अम्बर में,
कोई इतना धन्य है नहीं, जितने तुम हो, तुम सब हो।
“वचन देह में प्रकट हुआ” से

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

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