12 अक्टू॰ 2018

मेरा घर कहां है

  • आराधना गीत
  • मेरा घर कहां है

  •  
  • I
  • अपने नन्हें काग़ज़ पर रंगों से,
  • नन्हा-सा घर बनाती हूं मैं,
  • प्यारी मम्मी घर में है, प्यारे पापा भी घर पर हैं।
  • अपनी प्यारी बहना के संग खेलूं मैं,
  • खिली-खिली धूप में,
  • हम सब तपन से भर जाते हैं।
  • मम्मी भी ख़ुश है, पापा भी ख़ुश हैं,
  • हम दोनों बहनें भी ख़ुश हैं,
  • बस ख़ुशियां ही ख़ुशियां हैं।
  • काग़ज़ पर रंगों में सिमटा, ये मेरा परिवार है।
  • ये मेरे मीठे सपनों का, प्यारा-सा संसार है।
  • II
  • अपना नन्हा बैग उठाकर,
  • चल दी मैं अनजान नगर,
  • पापा घर के अंदर हैं, पर मम्मी बाहर।
  • मैं और मेरा नन्हा बैग जाते उस घर,
  • कभी जो जाना-पहचाना था।
  • मम्मी घर के अंदर है, पर पापा बाहर।
  • अपना नन्हा बैग उठाकर, भटक रही हूं राहों में,
  • जाना कहां, समझ नहीं पाती, भटक रही हूं राहों में।
  • मेरा नन्हा बैग ही बस मेरा इकलौता साथी है,
  • बस ये ही मेरा घर है जिसको, छोड़ नहीं पाती हूं मैं।
  • III
  • कहां है मेरा अपना घर?
  • ओह, कहां हो सकता है?
  • इतनी बड़ी दुनिया है लेकिन,
  • इसमें मेरी कोई जगह नहीं।
  • कौन ले जाए मुझको, मेरे सपनों के घर में,
  • जिसको अपनी तस्वीरों में पाया,
  • मेरे उस अपने घर में?
  • कहां है मेरा अपना घर?
  • ओह, कहां हो सकता है?
  • इतनी बड़ी दुनिया है लेकिन,
  • इसमें मेरी कोई जगह नहीं।
  • कौन ले जाए मुझको, मेरे सपनों के घर में,
  • जिसको अपनी तस्वीरों में पाया,
  • मेरे उस अपने घर में?
  • IV
  • लो, पा लिया है मैंने घर, लो, पा लिया है मैंने घर।
  • ये घर नहीं है वो, जो रंगों से मैंने खींचा था,
  • ये मेरा नन्हा बैग नहीं, ये जगह है मेरे सपनों की,
  • मम्मी-पापा, और हम दो बहनें, सब इस घर के अंदर हैं।
  • ये घर है वो, जहां हमारी रूहों को, अंतिम आराम मिले,
  • पूरी महिमा वाला घर, पूरी महिमा और उम्मीदों वाला घर।
  • ये घर है वो, जहां हमारी रूहों को, अंतिम आराम मिले,
  • पूरी महिमा वाला घर, पूरी महिमा और उम्मीदों वाला घर।
  • Da La La ……
  • पूरी महिमा वाला घर,
  • पूरी महिमा और उम्मीदों वाला घर।
  •  
  • "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से
  • अनुशंसित:   सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया - सुसमाचारीय संगीत

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...