30 अग॰ 2019

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाहिए

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर की गवाही देते बीस सत्य, परमेश्वर की इच्छा, परमेश्वर को जानना
1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुत से लोग मुझ से कहेंगे, 'हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से भविष्यद्वाणी नहीं की, और तेरे नाम से दुष्‍टात्माओं को नहीं निकाला, और तेरे नाम से बहुत से आश्‍चर्यकर्म नहीं किए?' तब मैं उनसे खुलकर कह दूँगा, 'मैं ने तुम को कभी नहीं जाना। हे कुकर्म करनेवालो, मेरे पास से चले जाओ" (मत्ती 7:21-23)।
"तू परमेश्‍वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है। और उसी के समान यह दूसरी भी है कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।" (मत्ती 22:37-39)।
"यदि कोई मुझ से प्रेम रखेगा तो वह मेरे वचन को मानेगा … जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता" (युहन्ना 14:23-24)।
"यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे …" (युहन्ना 8:31)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
इस वक्त पवित्र आत्मा जिस मार्ग को अपनाता है वह परमेश्वर के वास्तविक वचन हैं। अतः उस मार्ग पर चलने के इच्छुक व्यक्ति को देहधारी परमेश्वर के वास्तविक वचनों का पालन करना चाहिए, और उन्हें खाना तथा पीना चाहिए। वह वचनों का कार्य कर रहा है, और सब कुछ उसके वचनों से कहा जाता है, और सब कुछ उसके वचनों, उसके वास्तविक वचन, पर स्थापित है। परमेश्वर का सत्य वचन।

29 अग॰ 2019

Hindi Christian Crosstalk | अंत के दिनों के फ़रीसी | Who Stops Us From Welcoming Lord Jesus' Return?


Hindi Christian Video | अंत के दिनों के फ़रीसी | Who Stops Us From Welcoming Lord Jesus' 

Return?


ईसाई झांग यी ने गवाही सुनी कि प्रभु लौट आये हैं, लेकिन जब उसने सत्य मार्ग की जाँच-पड़ताल की, तो उसके पादरी और एल्डर ने उसे कई बार यह कहकर रोकने और रुकावट डालने की कोशिश की कि, "यह दावा करने वाले कि प्रभु देहधारण करके आ गये हैं, पाखंड और झूठी बातें फैला रहे हैं। उनकी बात मत सुनो, उनके वचनों को मत पढ़ो, और उनसे कोई सम्पर्क न रखो!" इससे झांग उलझन में पड़ गया, क्योंकि प्रभु यीशु ने साफ़ तौर पर कहा है, "आधी रात को धूम मची : 'देखो, दूल्हा आ रहा है!

28 अग॰ 2019

मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है: परमेश्वर का अधिकार" (उद्धरण, मंच पर सस्वर पाठ)


मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है: परमेश्वर का अधिकार" (उद्धरण, मंच पर सस्वर पाठ)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर का अधिकार हर जगह, हर घण्टे, और हर एक क्षण है। यदि स्वर्ग और पृथ्वी समाप्त जाएँ, तब भी उसका अधिकार कभी समाप्त नहीं होगा, क्योंकि वह स्वयं परमेश्वर है, वह अद्वितीय अधिकार धारण करता है, और उसका अधिकार लोगों, घटनाओं या चीज़ों के द्वारा, अंतरीक्ष के द्वारा या भूगोल के द्वारा प्रतिबन्धित या सीमित नहीं होता है। परमेश्वर हमेशा अपने अधिकार को काम में लाता है, अपनी ताक़त दिखाता है, हमेशा की तरह अपने प्रबंधन के कार्य को करता रहता है; वह हमेशा सभी चीज़ों के ऊपर शासन करता है, सभी चीज़ों का भरण-पोषण करता है, और सभी चीज़ों का आयोजन करता है, ठीक वैसे ही जैसे उसने हमेशा से किया था। इसे कोई नहीं बदल सकता है। यह एक तथ्य है; यह आदि काल से अपरिवर्तनीय सत्य है।"

सम्बन्धित सामग्री:प्रार्थना की शक्ति, आइए वास्तविक जीवन में परमेश्वर की सर्वशक्तिमानता और संप्रभुता को जानें।

27 अग॰ 2019

3. अंतिम दिनों में परमेश्वर के द्वारा व्यक्त सच्चाई मनुष्य को शुद्ध करने, उसे परिपूर्ण करने और उसका जीवन बन जाने में सक्षम क्यों है?

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3. अंतिम दिनों में परमेश्वर के द्वारा व्यक्त सच्चाई मनुष्य को शुद्ध करने, उसे परिपूर्ण करने और उसका जीवन बन जाने में सक्षम क्यों है?
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
जीवन का मार्ग कोई साधारण चीज़ नहीं है जो चाहे कोई भी प्राप्त कर ले, न ही इसे सभी के द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह इसलिए कि जीवन केवल परमेश्वर से ही आता है, कहने का अर्थ है कि केवल स्वयं परमेश्वर ही जीवन के तत्व का अधिकारी है, स्वयं परमेश्वर के बिना जीवन का मार्ग नहीं है, और इसलिए केवल परमेश्वर ही जीवन का स्रोत है, और जीवन के जल का सदा बहने वाला सोता है। जब से उसने संसार को रचा है, परमेश्वर ने बहुत सा कार्य जीवन को महत्वपूर्ण बनाने के लिये किया है, बहुत सारा कार्य मनुष्य को जीवन प्रदान करने के लिए किया है और बहुत अधिक मूल्य चुकाया है ताकि मनुष्य जीवन को प्राप्त करे, क्योंकि परमेश्वर स्वयं ही अनन्त जीवन है, और वह स्वयं ही वह मार्ग है जिससे मनुष्य नया जन्म लेता है। परमेश्वर मनुष्य के हृदय से कभी भी दूर नहीं रहा है और हर समय उनके मध्य में रहता है। वह मनुष्यों के जीवन यापन की असली ताकत है, मनुष्य के अस्तित्व का आधार है, जन्म के बाद मनुष्य के अस्तित्व के लिए उर्वर संचय है। वह मनुष्य को नया जन्म लेने देता है, और प्रत्येक भूमिका में दृढ़तापूर्वक जीने के लिये सक्षम बनाता है। उसकी सामर्थ्य के लिए और उसकी सदा जीवित रहने वाली जीवन की शक्ति के लिए धन्यवाद, मनुष्य पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रहता है, जिसके द्वारा परमेश्वर के जीवन की सामर्थ्य मनुष्य के अस्तित्व के लिए मुख्य आधार बनती है और जिसके लिए परमेश्वर ने कीमत चुकाई है जिसे कोई भी साधारण मनुष्य कभी भी नहीं चुका सकता।

26 अग॰ 2019

2. बाइबल के धर्म-शास्त्रीय ज्ञान पर भरोसा करते हुए यदि कोई परमेश्वर पर विश्वास करता है तो इसका क्या अंजाम होगा?

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2. बाइबल के धर्म-शास्त्रीय ज्ञान पर भरोसा करते हुए यदि कोई परमेश्वर पर विश्वास करता है तो इसका क्या अंजाम होगा?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उनका मन मुझ से दूर रहता है। और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्यों की विधियों को धर्मोपदेश करके सिखाते हैं।" (मत्ती 15:8-9)।
"क्योंकि शब्द मारता है, पर आत्मा जिलाता है" (2 कुरिन्थियों 3:6)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
लोग वचनों और सिद्धांतों को जितना अधिक बोलते हैं, वे परमेश्वर से उतना ही दूर भटकते हैं, और वे मनुष्य के सार को जानने में उतना ही अधिक अक्षम हो जाते हैं, और वे उतना ही अधिक परमेश्वर की अवज्ञा करते हैं, और वे परमेश्वर की अपेक्षाओं से उतना ही दूर चले जाते हैं।

25 अग॰ 2019

1. सच्चाई क्या है? बाइबल का ज्ञान और सिद्धांत क्या है?

XVII. सत्य की वास्तविकता और बाइबल के ज्ञान और सिद्धांत के बीच में कैसे भेद करें, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाहिए

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर की गवाही देते बीस सत्य, परमेश्वर को महिमा, परमेश्वर को जानना
1. सच्चाई क्या है? बाइबल का ज्ञान और सिद्धांत क्या है?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"आदि में वचन था, और वचन परमेश्‍वर के साथ था, और वचन परमेश्‍वर था।" "और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्‍चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया, …" (युहन्ना 1:1, 14)।
"मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ" (युहन्ना 14:6)।
"सत्य के द्वारा उन्हें पवित्र कर: तेरा वचन सत्य है" (युहन्ना 17:17)।
"उसने उनसे कहा, 'यशायाह ने तुम कपटियों के विषय में बहुत ठीक भविष्यद्वाणी की; जैसा लिखा है: "ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उनका मन मुझ से दूर रहता है। ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्यों की आज्ञाओं को धर्मोपदेश करके सिखाते हैं।" क्योंकि तुम परमेश्‍वर की आज्ञा को टालकर मनुष्यों की रीतियों को मानते हो।' उसने उनसे कहा, 'तुम अपनी परम्पराओं को मानने के लिये परमेश्‍वर की आज्ञा कैसी अच्छी तरह टाल देते हो! … इस प्रकार तुम अपनी परम्पराओं से, जिन्हें तुम ने ठहराया है, परमेश्‍वर का वचन टाल देते हो; और ऐसे ऐसे बहुत से काम करते हो'" (मरकुस 7:6-9,13)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
परमेश्वर ही मार्ग, सत्य और जीवन है।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "परमेश्वर का प्रकटीकरण एक नया युग लाया है" से

24 अग॰ 2019

Hindi Christian Worship Song | मेरा घर कहां है (Lyrics)


Hindi Christian Song | मेरा घर कहां है (Lyrics)


अपने नन्हें काग़ज़ पर रंगों से, नन्हा-सा घर बनाती हूं मैं, प्यारी मम्मी घर में है, प्यारे पापा भी घर पर हैं। अपनी प्यारी बहना के संग खेलूं मैं, खिली-खिली धूप में, हम सब तपन से भर जाते हैं। मम्मी भी ख़ुश है, पापा भी ख़ुश हैं, हम दोनों बहनें भी ख़ुश हैं, बस ख़ुशियां ही ख़ुशियां हैं। काग़ज़ पर रंगों में सिमटा, ये मेरा परिवार है। ये मेरे मीठे सपनों का, प्यारा-सा संसार है।

23 अग॰ 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सर्वशक्तिमान का आह भरना" (अंश II)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सर्वशक्तिमान का आह भरना" (अंश II)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "वे जो बुरी तरह से दुख में हैं सर्वशक्तिमान उन पर करुणा दिखाता है। साथ ही, वह उन लोगों से ऊब चुका है जो होश में नहीं है, क्योंकि उसे उनसे प्रत्युत्तर पाने में लंबा इंतजार करना पड़ा है। वह खोजने की इच्छा करता है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारी आत्मा को खोजना चाहता है। वह तुम्हें भोजन-पानी देना चाहता है, जगाना चाहता है, ताकि तुम फिर और भूखे और प्यासे न रहो।

22 अग॰ 2019

3. एक मात्र सच्चे परमेश्वर को "त्रिदेव या त्रिविध परमेश्वर" के रूप में वर्णित करना, परमेश्वर की अवहेलना और निंदा करना है।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव, परमेश्वर की गवाही देते बीस सत्य

3. एक मात्र सच्चे परमेश्वर को "त्रिदेव या त्रिविध परमेश्वर" के रूप में वर्णित करना, परमेश्वर की अवहेलना और निंदा करना है।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
मैं बताता हूँ कि वास्तव में, ब्रह्माण्ड में कहीं भी त्रित्व का अस्तित्व नहीं है। परमेश्वर के न पिता हैं और न पुत्र, पिता और पुत्र के द्वारा संयुक्त तौर पर उपयोग किया जाने वाले एक साधन: पवित्र-आत्मा, की परिकल्पना तो बिल्कुल नहीं है। यह सब बड़ा भ्रम है और संसार में इसका कोई अस्तित्व नहीं है! परन्तु इस प्रकार के भ्रम का अपना मूल है और यह पूरी तरह से बिना आधार के नहीं है, क्योंकि तुम लोगों की बुद्धि बहुत ही साधारण नहीं है और विचार बिना तर्क के नहीं हैं। बल्कि, वे काफी उपयुक्त और प्रवीण हैं, इतने कि किसी शैतान के द्वारा भी अभेद्य हैं। अफसोस यह है कि ये विचार बिल्कुल भ्रामक हैं और इनका अस्तित्व नहीं है! तुम लोगों ने वास्तविक सत्य को देखा ही नहीं है; तुम लोग केवल अनुमान और धारणाएं बना रहे हो, फिर धोखेबाज़ी से दूसरों का विश्वास प्राप्त करने या बुद्धिहीन या तर्कहीन लोगों पर प्रभुत्व प्राप्त करने के लिए इन सब को कहानी में पिरो रहे हो, ताकि वे तुम्हारी महान और प्रसिद्ध "विशेषज्ञ शिक्षाओं" पर विश्वास करें। क्या यह सच है? क्या जीवन का यह तरीका है जो मनुष्य को प्राप्त करना चाहिए?

21 अग॰ 2019

2. यह क्यों कहा गया है कि "त्रिविध परमेश्वर" सबसे बेतुकी बात है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
यीशु के देहधारी होने के सत्य के विकसित होने के बाद ही मनुष्य इस बात को महसूस कर पाया: यह न केवल स्वर्ग का परमेश्वर है, बल्कि यह पुत्र भी है, और यहां तक कि वह आत्मा भी है। यह पारम्परिक धारणा है जिसे मनुष्य धारण किए हुए है, कि एक ऐसा परमेश्वर है जो स्वर्ग में हैः एक त्रित्व जो पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा है, और ये सभी एक में हैं। सभी मानवों की यही धारणाएं हैं: परमेश्वर केवल एक ही परमेश्वर है, परन्तु उसके तीन भाग हैं, जिसे कष्टदायक रूप से पारंपरिक धारणा में दृढ़ता से जकड़े सभी लोग पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा मानते हैं। केवल यही तीनों संपूर्ण परमेश्वर को बनाते हैं। बिना पवित्र पिता के परमेश्वर संपूर्ण नहीं बनता है। इसी प्रकार से परमेश्वर पुत्र और पवित्र आत्मा के बिना संपूर्ण नहीं है।

20 अग॰ 2019

1. वह सच्चा परमेश्वर जिसने आकाश, पृथ्वी और सब कुछ बनाया है, एक है या तीन है?

XVI. हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाहिए कि परमेश्वर वास्तव में त्रिविध परमेश्वर है, या एक ही सच्चा परमेश्वर है

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर की गवाही देते बीस सत्य, परमेश्वर को जानना, परमेश्वर के शासन
1. वह सच्चा परमेश्वर जिसने आकाश, पृथ्वी और सब कुछ बनाया है, एक है या तीन है?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"फिलिप्पुस ने उससे कहा, 'हे प्रभु, पिता को हमें दिखा दे, यही हमारे लिये बहुत है।' यीशु ने उससे कहा, 'हे फिलिप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूँ, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है। तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा? क्या तू विश्‍वास नहीं करता कि मैं पिता में हूँ और पिता मुझ में है? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूँ, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है'" (युहन्ना 14:8-10)।
"मैं और पिता एक हैं" (यूहन्ना 10:30)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
परमेश्वर वह है जो सभी चीज़ों पर राज्य करता है, और सभी चीज़ों का प्रबंधन करता है। जो कुछ है वह उसी ने रचा है, जो कुछ है उसकी व्यवस्था वही करता है और जो कुछ है उस पर वही राज्य करता है और सभी चीज़ें उसी के द्वारा पोषित होती हैं। यह परमेश्वर का पद और पहचान है। सभी चीजों के लिए और सब कुछ जो है, परमेश्वर की असली पहचान सृष्टिकर्ता की है, और वह सभी चीज़ों का शासक है। इस प्रकार की पहचान परमेश्वर की है और वह सभी बातों में अद्वितीय है। परमेश्वर की कोई भी रचना - चाहे वह मनुष्य के मध्य हो या आत्मिक दुनिया में होः किसी भी साधन या बहाने का उपयोग करके परमेश्वर की पहचान और पद को परमेश्वर का वेष धारण करने या हटाने के लिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि सभी बातों में वह ही एक है जो इस पहचान, शक्ति, अधिकार, और सभी बातों पर राज्य करने की योग्यता को अपने अधीन रखता है: हमारा अद्वितीय परमेश्वर स्वयं।

19 अग॰ 2019

5. किसी ऐसे व्यक्ति का क्या अंजाम होता है जो धर्म में परमेश्वर पर विश्वास करता है और फरीसियों और मसीह-शत्रुओं के भ्रम और नियंत्रण से पीड़ित है? क्या इस तरह से परमेश्वर में विश्वास करने वाला कोई व्यक्ति परमेश्वर द्वारा बचाया जा सकता है?

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5. किसी ऐसे व्यक्ति का क्या अंजाम होता है जो धर्म में परमेश्वर पर विश्वास करता है और फरीसियों और मसीह-शत्रुओं के भ्रम और नियंत्रण से पीड़ित है? क्या इस तरह से परमेश्वर में विश्वास करने वाला कोई व्यक्ति परमेश्वर द्वारा बचाया जा सकता है?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"उन को जाने दो; वे अंधे मार्गदर्शक हैं और अंधा यदि अंधे को मार्ग दिखाए, तो दोनों ही गड़हे में गिर पड़ेंगे" (मत्‍ती 15:14)।
"क्योंकि जो इन लोगों की अगुवाई करते हैं वे इनको भटका देते हैं, और जिनकी अगुवाई होती है वे नष्‍ट हो जाते हैं" (यशायाह 9:16)।
"मेरे ज्ञान के न होने से मेरी प्रजा नष्ट हो गई.... जैसे वे बढ़ते गए, वैसे ही वे मेरे विरुद्ध पाप करते गए; मैं उनके वैभव के बदले उनका अनादर करूँगा। वे मेरी प्रजा के पापबलियों को खाते हैं, और प्रजा के पापी होने की लालसा करते हैं। इसलिये जो प्रजा की दशा होगी, वही याजक की भी होगी; मैं उनके चालचलन का दण्ड दूँगा, और उनके कामों के अनुकूल उन्हें बदला दूँगा" (होशे 4:6-9)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
उदाहरण के लिए, इस धार्मिक संसार में पास्टर एवं अगुवे अपने कार्य को करने के लिए अपने वरदानों एवं पदों पर भरोसा रखते हैं। ऐसे लोग जो लोग लम्बे समय से उनका अनुसरण करते हैं वे उनके वरदानों के द्वारा संक्रमित हो जाएंगे और जो वे हैं उनमें से कुछ के द्वारा उन्हें प्रभावित किया जाएगा। वे लोगों के वरदानों, योग्यताओं एवं ज्ञान पर ध्यान केन्द्रित करते हैं, और वे कुछ अलौकिक कार्यों और अनेक गम्भीर अवास्तविक सिद्धान्तों पर ध्यान देते हैं (हाँ वास्तव में, इन गम्भीर सिद्धान्तों को हासिल नहीं किया जा सकता है)।

18 अग॰ 2019

Hindi Christian Song | व्यवहारिक परमेश्वर में आस्था से बहुत लाभ हैं | Thank God for His Love


Hindi Christian Song | व्यवहारिक परमेश्वर में आस्था से बहुत लाभ हैं | Thank God for His Love


मानव का पुत्र निरंतर बोलता है। ये मामूली इंसान परमेश्वर के काम में हर कदम पर अगुवाई करता है हमारी। बहुत से इम्तहानों, ताड़नाओं से गुज़रे हैं हम, और मौत की परीक्षा से भी गुज़रे हैं हम। परमेश्वर की धार्मिकता और प्रताप का पता चलता है हमें। परमेश्वर की करुणा और प्रेम का आनंद लेते हैं हम। उसकी बुद्धि और सामर्थ्य का मान करते हैं हम, देखते हैं मनोहर है वो, इंसान को बचाने के लिये आतुर है वो। इस मामूली इंसान के वचनों में, परमेश्वर के सार, इच्छा और स्वभाव का पता चलता है हमें।

17 अग॰ 2019

Hindi Christian Skit | क्या आपने सच्चा प्रायश्चित किया है?


Hindi Christian Video | क्या आपने सच्चा प्रायश्चित किया है?

किसी समय, झांग मिंगेन एक गृह कलीसिया में प्रचारक था। उसने बरसों प्रभु में आस्था रखी और उस दौरान, वह हर समय, प्रचार करता, कार्य करता, कष्ट उठाता, और प्रभु के लिये ख़ुद को खपाता था। इस तरह उसे लगता था कि उसने सच्चा प्रायश्चित और बदलाव हासिल कर लिया है। लेकिन, कलीसिया के चुनाव में, झांग मिंगेन ने दूसरे भाई-बहनों को अगुवा और उपयाजक चुने जाते देखा, जबकि उसे सभाओं के आयोजन का कार्य दिया गया। हालाँकि ऊपर से तो उसने स्वीकृति और समर्पण की भावना दिखाई, लेकिन वह बेहद नाख़ुश था।

16 अग॰ 2019

4. क्या धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग सभी वास्तव में परमेश्वर द्वारा प्रतिष्ठित हैं? क्या धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों के प्रति स्वीकृति और आज्ञाकारिता परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और उसके अनुसरण को दर्शा सकती हैं?

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर की गवाही देते बीस सत्य,परमेश्वर का कार्य,परमेश्वर को जानना
4. क्या धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग सभी वास्तव में परमेश्वर द्वारा प्रतिष्ठित हैं? क्या धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों के प्रति स्वीकृति और आज्ञाकारिता परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और उसके अनुसरण को दर्शा सकती हैं?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"इसलिये अब सुन, इस्राएलियों की चिल्‍लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है। इसलिये आ, मैं तुझे फ़िरौन के पास भेजता हूँ कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए" (निर्गमन 3:9-10)।
"भोजन करने के बाद यीशु ने शमौन पतरस से कहा, 'हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू इन से बढ़कर मुझ से प्रेम रखता है?' ... उसने उससे कहा, 'मेरे मेमनों को चरा।' उसने फिर दूसरी बार उससे कहा, 'हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू मुझ से प्रेम रखता है?' ... उसने उससे कहा, 'मेरी भेड़ों की रखवाली कर' (युहन्ना 21:15-16)।
"मैं तुझे स्वर्ग के राज्य की कुंजियाँ दूँगा: और जो कुछ तू पृथ्वी पर बाँधेगा, वह स्वर्ग में बंधेगा; और जो कुछ तू पृथ्वी पर खोलेगा, वह स्वर्ग में खुलेगा" (मत्‍ती 16:19)।
"मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्‍वर की आज्ञा का पालन करना ही हमारा कर्तव्य है" (प्रेरितों 5:29)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
परमेश्वर के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले व्यक्ति के द्वारा किए जाने वाले कार्य का इस्तेमाल परमेश्वर, मसीह और पवित्र आत्मा के कार्य के साथ सहयोग करने के लिए करता है। यह मनुष्य परमेश्वर के द्वारा मनुष्य के बीच में खड़ा किया गया है, वह परमेश्वर के चुने हुए लोगों का नेतृत्व करने के लिए है, और परमेश्वर ने उसे मानवीय सहयोग का कार्य करने के लिए भी खड़ा किया है। इस तरह का व्यक्ति, जो मानवीय सहयोग का कार्य करने में सक्षम है, मनुष्य से परमेश्वर की अपेक्षाओं और जो कार्य पवित्र आत्मा के द्वारा किया जाना चाहिए, वह उसके माध्यम से पूरा किया जाता है।

15 अग॰ 2019

3. क्यों परमेश्वर के कार्य का हर नया चरण धार्मिक दुनिया की प्रचंड अवज्ञा और निंदा का सामना करता है? इसका मूल कारण क्या है?


सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर की गवाही देते बीस सत्य, पवित्र आत्मा का कार्य, परमेश्वर को जानना
3. क्यों परमेश्वर के कार्य का हर नया चरण धार्मिक दुनिया की प्रचंड अवज्ञा और निंदा का सामना करता है? इसका मूल कारण क्या है?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"फिर वह दृष्‍टान्तों में उनसे बातें करने लगा: 'किसी मनुष्य ने दाख की बारी लगाई, और उसके चारों ओर बाड़ा बाँधा, और रस का कुण्ड खोदा, और गुम्मट बनाया; और किसानों को उसका ठेका देकर परदेश चला गया। फिर फल के मौसम में उसने किसानों के पास एक दास को भेजा कि किसानों से दाख की बारी के फलों का भाग ले। पर उन्होंने उसे पकड़कर पीटा और छूछे हाथ लौटा दिया। फिर उसने एक और दास को उनके पास भेजा; उन्होंने उसका सिर फोड़ डाला और उसका अपमान किया। फिर उसने एक और को भेजा; उन्होंने उसे मार डाला। तब उसने और बहुतों को भेजा; उनमें से उन्होंने कुछ को पीटा, और कुछ को मार डाला। अब एक ही रह गया था, जो उसका प्रिय पुत्र था; अन्त में उसने उसे भी उनके पास यह सोचकर भेजा कि वे मेरे पुत्र का आदर करेंगे। पर उन किसानों ने आपस में कहा, 'यही तो वारिस है; आओ, हम इसे मार डालें, तब मीरास हमारी हो जाएगी।' और उन्होंने उसे पकड़कर मार डाला, और दाख की बारी के बाहर फेंक दिया। इसलिये दाख की बारी का स्वामी क्या करेगा? वह आकर उन किसानों का नाश करेगा, और दाख की बारी दूसरों को दे देगा'" (मरकुस 12:1-9)।

14 अग॰ 2019

2. परमेश्वर केवल उस कलीसिया को आशीष क्यों देता है जो उसके कार्य को स्वीकार कर उसका अनुपालन करती है? वह धार्मिक संगठनों को क्यों शाप देता है?

XIV. परमेश्वर की कलीसिया और धार्मिक संस्थाओं के बीच रही भिन्नता पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाहिए

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर की गवाही देते बीस सत्य, परमेश्वर को जानना, फरीसियों के मार्ग
2. परमेश्वर केवल उस कलीसिया को आशीष क्यों देता है जो उसके कार्य को स्वीकार कर उसका अनुपालन करती है? वह धार्मिक संगठनों को क्यों शाप देता है?
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
क्योंकि ऐसे लोग जो किसी धर्म में हैं वे परमेश्वर के नए कार्य को स्वीकार करने में असमर्थ हैं, और वे केवल भूतकाल के पुराने कार्य को ही थामे रहते हैं, इस प्रकार परमेश्वर ने इन लोगों को छोड़ दिया है, और उन लोगों पर अपना कार्य करता है जो उसके नए कार्य को स्वीकार करते हैं। ये ऐसे लोग हैं जो उसके नए कार्य में उसका सहयोग करते हैं, और केवल इसी रीति से ही उसके प्रबंधन को पूरा किया जा सकता है।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" से

13 अग॰ 2019

Hindi Christian Worship Song 2019 | शुद्ध प्रेम बिना दोष के (Lyrics)


Hindi Christian Song Download 2019 | शुद्ध प्रेम बिना दोष के (Lyrics)


प्रेम एक शुद्ध भावना है, शुद्ध बिना किसी भी दोष के। अपने हृदय का प्रयोग करो, प्रेम के लिए, अनुभूति के लिए और परवाह करने के लिए। प्रेम नियत नहीं करता, शर्तें, बाधाएँ या दूरी। अपने हृदय का प्रयोग करो, प्रेम के लिए, अनुभूति के लिए और परवाह करने के लिए।

12 अग॰ 2019

Hindi Christian Song "मधुर प्रेम का गीत" | Praise and Thank God for His Love


Hindi Christian Song "मधुर प्रेम का गीत" | Praise and Thank God for His Love


तेरा प्रेम छुपा है मेरे दिल में। ये ले जाता है मुझे तेरे करीब मधुरता से। तेरे दिल की सेवा करने से, मेरा दिल बेहतर बना है। मैं करती हूँ सेवा तेरी तन-मन से, मुझे न और कुछ चाहिए। तेरे वचन राह दिखाते मेरे दिल को, और मैं चलती तेरे कदमों के पीछे। तेरी इच्छानुसार काम करुँगी मैं, तुझे संतुष्ट करना लगता है सर्वोत्तम मुझे।

11 अग॰ 2019

2. यह क्यों कहा जाता है कि धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग सभी फरीसियों के मार्ग पर चल रहे हैं? उनका सार क्या है?

संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"फिर वह दृष्‍टान्तों में उनसे बातें करने लगा: "किसी मनुष्य ने दाख की बारी लगाई, और उसके चारों ओर बाड़ा बाँधा, और रस का कुण्ड खोदा, और गुम्मट बनाया; और किसानों को उसका ठेका देकर परदेश चला गया। फिर फल के मौसम में उसने किसानों के पास एक दास को भेजा कि किसानों से दाख की बारी के फलों का भाग ले। पर उन्होंने उसे पकड़कर पीटा और छूछे हाथ लौटा दिया। फिर उसने एक और दास को उनके पास भेजा; उन्होंने उसका सिर फोड़ डाला और उसका अपमान किया। फिर उसने एक और को भेजा; उन्होंने उसे मार डाला। तब उसने और बहुतों को भेजा; उनमें से उन्होंने कुछ को पीटा, और कुछ को मार डाला। अब एक ही रह गया था, जो उसका प्रिय पुत्र था; अन्त में उसने उसे भी उनके पास यह सोचकर भेजा कि वे मेरे पुत्र का आदर करेंगे। पर उन किसानों ने आपस में कहा, 'यही तो वारिस है; आओ, हम इसे मार डालें, तब मीरास हमारी हो जाएगी।' और उन्होंने उसे पकड़कर मार डाला, और दाख की बारी के बाहर फेंक दिया। इसलिये दाख की बारी का स्वामी क्या करेगा? वह आकर उन किसानों का नाश करेगा, और दाख की बारी दूसरों को दे देगा"" (मरकुस 12:1-9)।
"झूठे भविष्यद्वक्‍ताओं से सावधान रहो, जो भेड़ों के भेस में तुम्हारे पास आते हैं, परन्तु अन्तर में वे फाड़नेवाले भेड़िए हैं" (मत्ती 7:15)।
"हे कपटी शास्त्रियो और फरीसियो, तुम पर हाय! … हे साँपो, हे करैतों के बच्‍चो, तुम नरक के दण्ड से कैसे बचोगे?" (मत्ती 23:29, 33)।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...