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24 अग॰ 2019

Hindi Christian Worship Song | मेरा घर कहां है (Lyrics)


Hindi Christian Song | मेरा घर कहां है (Lyrics)


अपने नन्हें काग़ज़ पर रंगों से, नन्हा-सा घर बनाती हूं मैं, प्यारी मम्मी घर में है, प्यारे पापा भी घर पर हैं। अपनी प्यारी बहना के संग खेलूं मैं, खिली-खिली धूप में, हम सब तपन से भर जाते हैं। मम्मी भी ख़ुश है, पापा भी ख़ुश हैं, हम दोनों बहनें भी ख़ुश हैं, बस ख़ुशियां ही ख़ुशियां हैं। काग़ज़ पर रंगों में सिमटा, ये मेरा परिवार है। ये मेरे मीठे सपनों का, प्यारा-सा संसार है।

23 अग॰ 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सर्वशक्तिमान का आह भरना" (अंश II)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सर्वशक्तिमान का आह भरना" (अंश II)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "वे जो बुरी तरह से दुख में हैं सर्वशक्तिमान उन पर करुणा दिखाता है। साथ ही, वह उन लोगों से ऊब चुका है जो होश में नहीं है, क्योंकि उसे उनसे प्रत्युत्तर पाने में लंबा इंतजार करना पड़ा है। वह खोजने की इच्छा करता है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारी आत्मा को खोजना चाहता है। वह तुम्हें भोजन-पानी देना चाहता है, जगाना चाहता है, ताकि तुम फिर और भूखे और प्यासे न रहो।

18 अग॰ 2019

Hindi Christian Song | व्यवहारिक परमेश्वर में आस्था से बहुत लाभ हैं | Thank God for His Love


Hindi Christian Song | व्यवहारिक परमेश्वर में आस्था से बहुत लाभ हैं | Thank God for His Love


मानव का पुत्र निरंतर बोलता है। ये मामूली इंसान परमेश्वर के काम में हर कदम पर अगुवाई करता है हमारी। बहुत से इम्तहानों, ताड़नाओं से गुज़रे हैं हम, और मौत की परीक्षा से भी गुज़रे हैं हम। परमेश्वर की धार्मिकता और प्रताप का पता चलता है हमें। परमेश्वर की करुणा और प्रेम का आनंद लेते हैं हम। उसकी बुद्धि और सामर्थ्य का मान करते हैं हम, देखते हैं मनोहर है वो, इंसान को बचाने के लिये आतुर है वो। इस मामूली इंसान के वचनों में, परमेश्वर के सार, इच्छा और स्वभाव का पता चलता है हमें।

12 अग॰ 2019

Hindi Christian Song "मधुर प्रेम का गीत" | Praise and Thank God for His Love


Hindi Christian Song "मधुर प्रेम का गीत" | Praise and Thank God for His Love


तेरा प्रेम छुपा है मेरे दिल में। ये ले जाता है मुझे तेरे करीब मधुरता से। तेरे दिल की सेवा करने से, मेरा दिल बेहतर बना है। मैं करती हूँ सेवा तेरी तन-मन से, मुझे न और कुछ चाहिए। तेरे वचन राह दिखाते मेरे दिल को, और मैं चलती तेरे कदमों के पीछे। तेरी इच्छानुसार काम करुँगी मैं, तुझे संतुष्ट करना लगता है सर्वोत्तम मुझे।

22 जुल॰ 2019

4. आज तक परमेश्वर ने कैसे मानव जाति का नेतृत्व और भरण-पोषण किया है?

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर के शासन,परमेश्वर का उद्धार,परमेश्वर का प्रेम,परमेश्वर को जानना

4. आज तक परमेश्वर ने कैसे मानव जाति का नेतृत्व और भरण-पोषण किया है?
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
परमेश्वर के प्रबंधन का कार्य संसार की उत्पत्ति से प्रारम्भ हुआ था और मनुष्य उसके कार्य का मुख्य बिन्दु है। ऐसा कह सकते हैं कि परमेश्वर की सभी चीज़ों की सृष्टि, मनुष्य के लिए ही है। क्योंकि उसके प्रबंधन का कार्य हज़ारों सालों से अधिक में फैला हुआ है, और यह केवल एक ही मिनट या सेकंड में या पलक झपकते या एक या दो सालों में पूरा नहीं होता है, उसे मनुष्य के अस्तित्व के लिए बहुत-सी आवश्यक चीज़ों का निर्माण करना पड़ा जैसे सूर्य, चंद्रमा, सभी जीवों का सृजन और मानवजाति के लिए आहार और रहने योग्य पर्यावरण। यही परमेश्वर के प्रबंधन का प्रारम्भ था।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है" से

2 जून 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने मुझे जिंदगी में दूसरा मौका दिया है

दो साधारण भाई व बहन, बीजिंग
15 अगस्त, 2012
मेरे लिए 21 जुलाई 2012 सबसे अविस्मरणीय दिन था, साथ ही साथ मेरी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण दिन भी।
उस दिन, बीजिंग में फांगशान जिले में भारी बारिश हो रही थी, सबसे भारी बारिश जो हमने इकसठ सालों में वहां देखी थी। शाम 4 बजे के थोड़ी देर बाद, मैं यूं ही नज़र डालने के लिए सड़क की ओर गया और देखा कि सब ओर पानी था। हमारी परिवार की कार पहले ही बह रही थी, लेकिन वह अभी तक बह कर आगे नहीं गई थी तो इसका एकमात्र कारण यह था कि इसके सामने कुछ था जो इसे आगे बहने से रोक रहा था। इस नजारे ने मुझे बहुत चिंतित कर दिया, तो मैंने जल्दी से अपने पति को बुलाया, वह भी एक विश्वासी हैं, लेकिन मैं कितनी ही बार कोशिश की पर मेरी उनसे बात नहीं हो पाई। फिर, परमेश्वर की इच्छा जानने की बजाय, मैं उन्हें बुलाने के लिए जल्दी से घर की ओर जाने लगी।

31 मई 2019

परमेश्वर ने आपदा से हमारे परिवार की रक्षा की

वैंग लैन, बीजिंग
6 अगस्त, 2012
21 जुलाई 2012 को, साठ वर्षों में सबसे बड़ी बाढ़ ने हमारे गांव को तहस—नहस कर दिया। यह आपदा स्वर्ग से गिरी थी, बाढ़ के पानी में मिट्टी और पत्थर मिश्रित थे एवं इसने पूरे गांव को तबाह कर दिया था। अधिकांश घरों को पानी व कीचड़ के भूस्खलन ने नष्ट कर दिया था।
उस दोपहर पांच बजे के बाद, बारिश बहुत ही भयंकर हो रही थी। हमारे घर के ऊपर से बाढ़ का पानी और बड़े पत्थर बरस रहे थे, और हमारे घर के सामने व पीछे बाढ़ का बहुत पानी था। वे हजारों मुर्गियों के साथ मेरी बेटी के मुर्गियों के दरबे को बहाकर ले गए, वे सुअर के बाड़े को बहाकर ले गए, और सुअरों को भी। पानी हमारे घर से ऊपर बस बहने ही वाला था। हमारे साथ एक 94 साल के बुजुर्ग व दस माह का बच्चा था। हम बेहद डरे हुए थे।

30 मई 2019

परमेश्वर का प्रेम सर्वाधिक यथार्थ है

वेंझोंग बीजिंग शहर
11 अगस्त 2012
21 जुलाई 2012 की रात को हमारे यहाँ एक भयावह बाढ़ आई थी। इस प्रकार की दुर्घटनाएं कभी कभी ही घटित होती है। मैंने इस दुर्घटना के दौरान क्या अनुभव किया और मैंने क्या देखा; उन सभी लोगों को बताना चाहती हूँ जो लोग परमेश्वर के लिए लालायित रहते हैं।
उस दिन मैंने और मेरे पति ने, मेरी बहन के लिए चारागाह को ठीक ठाक किया था। रात में भारी बरसात जारी थी और हम लोग काफी जल्दी सोने चले गए। रात 3 बजकर 45 मिनट पर हमारे जीजाजी ने हमें जगाया और बताया: "वे लोग जलाशय खोलने जा रहे हैं! सब कुछ बाढ़ में विलीन होने वाला है! हमें जल्दी तैयार होना होगा!" यह सुनकर मेरे होश उड़ गए, और परमेश्वर से गुहार लगाने के लिए "हे परमेश्वर, हे परमेश्वर!" कहने के अलावा मेरे पास और कोई शब्द नहीं था।

29 मई 2019

उत्पीड़न और आपदा ने पनपने में मेरी सहायता की

बाइतुओ डेझोउ शहर, शैंडॉन्ग प्रांत
पहले, मैं सिर्फ इतना ही जानती थी कि परमेश्वर की बुद्धि का प्रयोग शैतान की साज़िश के आधार पर किया जाता था, यह कि परमेश्वर बुद्धिमान परमेश्वर है और यह कि शैतान सिद्धांत रूप से हमेशा ही परमेश्वर का पराजित शत्रु होगा, लेकिन मुझे इस बारे में कोई समझ या ज्ञान नहीं था कि यह वास्तविक अनुभव पर आधारित है। बाद में, केवल परमेश्वर द्वारा व्यवस्थित वातावरण के भीतर ही मुझे सत्य के इस पहलू का कुछ वास्तविक अनुभव प्राप्त हुआ।

2 मई 2019

प्रभु के लौटने का स्वागत-एक अलग तरह का प्रेम

चिन्सिंग, ब्राज़ील
2011 में संयोग से, मैं चीन से ब्राजील आया था। जब मैं अभी पहुँचा ही था, मेरी आँखें ताज़ा, नए अनुभवों और जिज्ञासा से छलक रही थीं, और मुझे भविष्य के बारे में एक सुंदर भावना थी। लेकिन कुछ समय के बाद, इस ताज़ा और नई भावना का स्थान तुरंत ही एक अकेलेपन ने और एक दूर-दराज़ परदेशी भूमि में खुद को पाने की पीड़ा ने, ले लिया। हर दिन मैं अकेले घर वापस आता, अकेले ही भोजन करता, रोज मेरे आस-पास की दीवारों को देखता रहता, कोई भी न था जिससे मैं बात कर सकता था, और मैं अपने दिल में विशेष रूप से तनहा महसूस करता, अक्सर अकेले रोया करता था। जब मुझे सबसे अधिक पीड़ा हुई और असहाय-सा महसूस हुआ, तो प्रभु यीशु मुझे एक दोस्त के माध्यम से एक सभा में ले आया। प्रभु के वचन को पढ़ने, स्तुति-गीतों को गाने, और सभाओं में प्रार्थना करने के माध्यम से मेरे अकेले दिल ने प्रभु की सांत्वना पाई।

18 अप्रैल 2019

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर के वचन के भजन-परमेश्वर अपनी उम्मीद रखता है पूरी तरह इंसान पर




परमेश्वर के वचन के भजन-
भजन के आॅडियो, परमेश्वर की इच्छा, परमेश्वर का प्रेम
परमेश्वर के वचन के भजन-परमेश्वर अपनी उम्मीद रखता है पूरी तरह इंसान पर

  • I
  • प्रारंभ से लेकर आजतक,
  • बस इंसान ही कर पाया बात परमेश्वर से।
  • उसके बनाए गए सभी जीवित प्राणियों के बीच,
  • बस इंसान ही कर पाता है बात परमेश्वर से।
  • इंसान सुनता है कानों से और देखता है आँखों से,
  • सोच और भाषा के साथ है उसके पास इच्छा की आज़ादी।
  • इंसान के पास हैं सभी क्षमताएं ज़रूरी
  • परमेश्वर को सुनने के लिए, उसकी इच्छा समझने के लिए,
  • परमेश्वर का आदेश स्वीकारने के लिए,
  • परमेश्वर के दिए आदेश को अपनाने के लिए।

12 अप्रैल 2019

परमेश्वर की इच्छा खुली रही है सबके लिए

  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर की इच्छा खुली रही है सबके लिए
  •  
  • I
  • इन्सान के सृजन से,
  • परमेश्वर का स्वरूप, उसकी इच्छा, स्वभाव और वो जो है,
  • इन्सान के सृजन से,
  • परमेश्वर का स्वरूप, उसकी इच्छा, स्वभाव और वो जो है,
  • रहा है खुला, खुला सभी के लिए, रहा है खुला, खुला सभी के लिए।

10 अप्रैल 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है III परमेश्वर का अधिकार (II) भाग दो



स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है III परमेश्वर का अधिकार (II) भाग दो
परमेश्वर का अधिकार (II)     भाग दो
एक मनुष्य के जीवन में छ: घटनाक्रम
अपने जीवन के पथक्रम में, हर एक व्यक्ति महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की एक श्रृंखला पर पहुँचता है। ये अत्याधिक बुनियादी, और अति महत्वपूर्ण कदम हैं जो जीवन में किसी व्यक्ति की नियति को निर्धारित करते हैं। जो कुछ नीचे दिया गया है वह इन मील के पत्थरों का एक संक्षिप्त विवरण है जिनसे होकर हर एक स्त्री या पुरुष को अपने जीवन के पथक्रम में गुज़रना होगा।
जन्म: पहला घटनाक्रम
जहाँ किसी व्यक्ति का जन्म होता है, जिस परिवार में उस स्त्री या पुरुष का जन्म होता है, उसका लिंग, रंग-रूप, जन्म का समय: ये किसी व्यक्ति के जीवन के प्रथम घटनाक्रम के विवरण हैं।

16 जन॰ 2019

जीतने वाले कार्य का भीतरी सत्य" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग तीन


जब परमेश्वर ने अपने दो चरणों का कार्य इज़राइल में किया, तो इज़राइलियों और गैर-यहूदी जातियों ने समान रूप से यह धारणा अपना ली: यद्यपि यह सत्य है कि परमेश्वर ने सभी चीज़ें बनाई हैं, वह केवल इज़राइलियों का परमेश्वर बनने को तैयार है, गैर-यहूदियों का परमेश्वर नहीं। इज़राइली निम्नलिखित पर विश्वास करते हैं: परमेश्वर केवल हमारा परमेश्वर हो सकता है, तुम सभी गैर-यहूदियों का परमेश्वर नहीं, और क्योंकि तुम लोग यहोवा को नहीं मानते हो, यहोवा—हमारा परमेश्वर—तुम लोगों से घृणा करता है। इसके अतिरिक्त, उन यहुदियों का यह भी मानना है: प्रभु यीशु ने हम यहूदियों की छवि ग्रहण की थी और यह एक ऐसा परमेश्वर है जिस पर यहूदियों का चिन्ह उपस्थित है। हमारे बीच ही परमेश्वर कार्य करता है। परमेश्वर की छवि और हमारी छवि समान हैं; हमारी छवि परमेश्वर के करीब है। प्रभु यीशु हम यहूदियों का राजा है; अन्य जातियाँ ऐसा महान उद्धार प्राप्त करने के योग्य नहीं हैं।

26 दिस॰ 2018

परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का काम भाग एक


मनुष्य के काम में कितना कार्य पवित्र आत्मा का कार्य है और कितना मनुष्य का अनुभव है? यहाँ तक कि अब भी, ऐसा कहा जा सकता है कि लोग अब तक इन प्रश्नों को नहीं समझते हैं, यह सब इसलिए है क्योंकि लोग पवित्र आत्मा के कार्य करने के सिद्धान्तों को नहीं समझते हैं। मनुष्य का काम जिसके बारे में मैं बात कर रहा हूँ वह वास्तव उन लोगों के कार्य की ओर संकेत कर रहा है जिनके पास पवित्र आत्मा का कार्य है या ऐसे लोग जिन्हें पवित्र आत्मा के द्वारा उपयोग किया जाता है। मैं उस कार्य की ओर संकेत नहीं कर रहा हूँ जो मनुष्य की इच्छा से उत्पन्न होता है किन्तु पवित्र आत्मा के कार्य के दायरे के भीतर प्रेरितों, कार्यकर्ताओं या सामान्य भाईयों एवं बहनों के कामों की ओर संकेत कर रहा हूँ।

13 दिस॰ 2018

परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे भाग दो


जो अपने सर्वथा अविश्वासी बच्चों और रिश्तेदारों को कलीसिया में लाते हैं, वे बहुत स्वार्थी हैं और अपनी दयालुता का प्रदर्शन करते हैं। ये लोग इस बात की कोई परवाह न करते हुए कि क्या वे विश्वास करते हैं या क्या यह परमेश्वर की इच्छा है, केवल प्रेम पर ज़ोर देते हैं। कुछ लोग अपनी पत्नी को परमेश्वर के सामने लाते हैं, या अपने माता-पिता को परमेश्वर के सामने लाते हैं, और इस बात की परवाह किए बिना कि क्या पवित्र आत्मा सहमत है या अपना कार्य करता है, वे आँखें बंद करके परमेश्वर के लिए "प्रतिभाशाली लोगों को अपनाते हैं"। इन लोगों के प्रति इस तरह की दया को बढ़ाने से संभवतः क्या लाभ मिल सकता है जो विश्वास नहीं करते हैं? भले ही ये अविश्वासी लोग जो पवित्रात्मा की उपस्थिति से रहित हैं, परमेश्वर का अनुसरण करने के लिए संघर्ष करते हैं, तब भी वे बचाए नहीं जा सकते हैं जैसा कि कोई सोचता हो कि वह बचाया जा सकता है। जो लोग उद्धार प्राप्त करते हैं उनके लिए वास्तव में प्राप्त करना उतना आसान नहीं है।

4 दिस॰ 2018

पतरस के अनुभव: ताड़ना और न्याय का उसका ज्ञान भाग दो




वे अवस्थाएँ ऐसी ही हैं जिन्हें मनुष्य को सिद्ध किए जाने के बाद हासिल करना होगा। यदि तू इतना कुछ हासिल नहीं कर सकता है, तो तू एक सार्थक जीवन नहीं बिता सकता है। मनुष्य शरीर में रहता है, इसका मतलब है कि वह मानवीय नरक में रहता है, और परमेश्वर के न्याय और उसकी ताड़ना के बगैर, मनुष्य शैतान के समान ही गन्दा है। मनुष्य पवित्र कैसे हो सकता है? पतरस ने यह विश्वास किया कि परमेश्वर की ताड़ना और उसका न्याय मनुष्य की सब से बड़ी सुरक्षा और सब से महान अनुग्रह है। केवल परमेश्वर की ताड़ना और न्याय के द्वारा ही मनुष्य जागृत हो सकता है, और शरीर और शैतान से बैर कर सकता है।

30 नव॰ 2018

तुम किस के प्रति वफादार हो?





जो जीवन तुम हर दिन जीते हो वह अब तुम्हारी नियति और तुम्हारी तकदीर के लिए निर्णायक और बहुत ही महत्वपूर्ण है। अतः जो कुछ तुम्हारे पास है और हर मिनट जो गुज़रता जाता है उसमें तुम्हें आनन्दित होना चाहिए। खुद को सबसे बड़ा लाभ देने के लिए तुम्हें अपने समय का हर सम्भव सदुपयोग करना चाहिए, ताकि तुम अपने जीवन को व्यर्थ में न जियो। शायद तुम इसके बारे में भ्रमित हो कि मैं ये वचन क्यों कह रहा हूँ? खुलकर कहूँ, तो मैं तुम में से किसी के भी कार्यों से प्रसन्न नहीं हूँ। क्योंकि तुम्हारे लिए मुझ में जो आशाएँ हैं वे वैसी नहीं हैं जैसे तुम अब हो। इस प्रकार, मैं इसे इस तरह से प्रकट कर सकता हूँ: तुम सभी खतरे के मुहाने पर हो।

25 नव॰ 2018

केवल पूर्ण बनाया गया ही एक सार्थक जीवन जी सकता है



केवल पूर्ण बनाया गया ही एक सार्थक जीवन जी सकता है
वास्तव में, जो कार्य अब किया जा रहा है वह लोगों से शैतान का त्याग करवाने, उनके पुराने पूर्वजों का त्याग करवाने के लिए किया जा रहा है। वचन के द्वारा सभी न्यायों का उद्देश्य मानवता के भ्रष्ट स्वभाव को उजागर करना है और लोगों को जीवन का सार समझने में समर्थ बनाना है। ये बार-बार के न्याय मनुष्य के हदयों को छेद देते हैं।

22 नव॰ 2018

एक अपरिवर्तित स्वभाव का होना परमेश्वर के साथ शत्रुता होना है



एक अपरिवर्तित स्वभाव का होना परमेश्वर के साथ शत्रुता होना है
भ्रष्टाचार के हजारों सालों बाद, मनुष्य सुन्न और मूर्ख बन गया है, एक दुष्ट आत्मा जो परमेश्वर का विरोध करती है, इस हद तक कि परमेश्वर के प्रति मनुष्य की विद्रोहशीलता इतिहास की पुस्तकों में दर्ज है, और यहाँ तक कि मनुष्य खुद भी अपने विद्रोही स्वभाव का पूरा लेखा देने के अयोग्य है—क्योंकि मनुष्य शैतान के द्वारा पूरी तरह से भ्रष्ट किया जा चुका है, और शैतान के द्वारा रास्ते से भटका दिया गया है कि नहीं जानता कि कहाँ मुड़ना हैं।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...