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29 मई 2019

उत्पीड़न और आपदा ने पनपने में मेरी सहायता की

बाइतुओ डेझोउ शहर, शैंडॉन्ग प्रांत
पहले, मैं सिर्फ इतना ही जानती थी कि परमेश्वर की बुद्धि का प्रयोग शैतान की साज़िश के आधार पर किया जाता था, यह कि परमेश्वर बुद्धिमान परमेश्वर है और यह कि शैतान सिद्धांत रूप से हमेशा ही परमेश्वर का पराजित शत्रु होगा, लेकिन मुझे इस बारे में कोई समझ या ज्ञान नहीं था कि यह वास्तविक अनुभव पर आधारित है। बाद में, केवल परमेश्वर द्वारा व्यवस्थित वातावरण के भीतर ही मुझे सत्य के इस पहलू का कुछ वास्तविक अनुभव प्राप्त हुआ।

28 मई 2019

विवाह को बचाने का रहस्य (भाग 2) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने मेरे विवाह को बचाया

ली क्वान
बहरहाल, जब मैंने अपनी पत्नी के साथ सुसमाचार को साझा किया, तो उसने इसे स्वीकार नहीं किया। फिर, मैंने कलीसिया के भाई-बहनों से कहा कि वे आएँ और मेरी पत्नी के साथ सुसमाचार को साझा करें, लेकिन वह अभी भी सुनने की इच्छुक नहीं थी और वह उन्हें मेहमानों के रूप में भी नहीं चाहती थी। इन परिस्थितियों के सन्दर्भ में, मैं अपनी पत्नी के लिए अपनी उत्सुक इच्छाओं को केवल परमेश्वर को सौंप सकता था। एक दिन, मैंने परमेश्वर के वचन में पढ़ा: "वास्तविक जीवन में तुम्हारा व्यवहार और प्रकाशन परमेश्वर के लिए गवाही है, वे मनुष्य के द्वारा जीए जाते हैं और परमेश्वर के लिए गवाही ठहरते हैं, और वास्वत में यही परमेश्वर के प्रेम का आनन्द लेना है; जब इस बिन्दु तक तुम्हारा अनुभव होता है, तो उसमें एक प्रभाव की उपलब्धि हो चुकी होती है। तुम असली जीवन जी रहे होते हैं, और तुम्हारे प्रत्येक कार्य को अन्य लोग प्रशंसा से देखते हैं, तुम्हारा बाह्य रूप साधारण होता है परन्तु तुम अत्यंत धार्मिकता का जीवन जीते हो... दूसरों के द्वारा प्रशंसा प्राप्त करते हैं - और यह वे लोग हैं जो गवाही देते हैं और परमेश्वर की अभिव्यक्ति हैं" ("वचन देह में प्रकट होता है" से "परमेश्वर से प्रेम करने वाले लोग हमेशा के लिए उसके प्रकाश में रहेंगे")।

27 मई 2019

विवाह को बचाने का रहस्य (भाग 1) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने मेरे विवाह को बचाया

ली क्वान
जब मैं छोटा था, मेरी माँ और मेरे पिताजी के बीच अक्सर बहस होती थी, और मेरी माँ को अक्सर मेरे पिता के हाथों मार और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। माँ ने अपने दिल में इतना मालिन्य भर लिया कि वह काफ़ी छोटी ही गुज़र गईं। उसके बाद मैंने खुद से वादा किया: जब मैं बड़ा हो जाऊँगा और एक परिवार को शुरू करूँगा, तो मैं अपनी पत्नी के साथ अच्छा व्यवहार करूँगा और एक प्रसन्न और शांत परिवार का सर्जन करूँगा। मैं अपने माता-पिता के विवाह की असफलताओं को नहीं दोहराऊँगा।

26 मई 2019

वह कौन था जिसने उसके विवाह को बचा लिया?

यांग ज़ी, ह्यूबे
वह अभी बीस साल की हुई थी, उसके पास एक खूबसूरत डील-डौल था और वह फूल की तरह सुंदर दिखती थी, और उसके पीछे कई चाहने वाले घूमते थे। लेकिन उसने इस ओर तब तक ध्यान नहीं दिया जब उसकी एक सहेली ने एक दिन उसे बाहर जाने के लिए आमंत्रित किया जहाँ संयोग से उसकी मुलाकात लिन से हुई। लिन लगभग 6 फीट लंबा था, एक प्रभावशाली चाल-ढाल के साथ वह ऊँचा और सुंदर था। उसने विनोद और हाज़िरजवाबी के साथ बातचीत की, और उसे तुरंत आकर्षित कर लिया। और लिन ने भी उसमें काफी रुचि ली। उन दोनों ने बहुत जल्द मिलना शुरू कर दिया, और कुछ महीनों के बाद उन्होंने शादी कर ली। समय आते, उनका एक बच्चा हुआ और उसने बहुत धन्य महसूस किया। लेकिन अच्छी चीजें हमेशा के लिए नहीं रहती हैं। जब वह सब कुछ का आनंद ले रही थी और एक सुंदर भविष्य की आशा कर रही थी, उसने पाया कि लिन हर दिन काम में ध्यान नहीं देता था।

25 मई 2019

दुनिया के अंधकार और बुराई के स्रोत के बारे में एक संक्षिप्त वार्ता

यांग ली वुहाई शहर, इनर मंगोलिया स्वायत्त क्षेत्र
जब मैं स्कूल में ही थी, तब मेरे पिता बीमार हो गए और उनका देहांत हो गया। उनकी मृत्यु के बाद, परिवार के दोनों पक्षों के चाचाओं/मामाओं ने, जिनकी मेरे पिता द्वारा अक्सर ही मदद की जाती थी, न केवल हमारा—मेरी माँ जिनके पास कमाई का कोई स्रोत नहीं था, मेरी दो बहनों और मुझ पर—कोई ध्यान नहीं दिया, बल्कि, इसके विपरीत, हमसे फायदा उठाने के लिए वे जो कुछ भी कर सकते थे, उन्होंने किया, यहाँ तक कि उस थोड़ी सी विरासत के लिए भी हमसे लड़ाई करते थे जो मेरे पिता पीछे छोड़ गए थे। मेरे रिश्तेदारों की बेरुख़ी और उन्होंने जो कुछ भी किया जिसकी मैं कभी उम्मीद भी नहीं कर सकती थी, उसके सामने मुझे बहुत पीड़ा महसूस होती थी और मैं इन रिश्तेदारों द्वारा प्रदर्शित विवेक के पूर्ण अभाव और निष्ठुरता से नफ़रत करने के अलावा और कुछ नहीं कर सकती थी, साथ ही मुझे मानव प्रकृति की अस्थिरता का भी ज्ञान हो रहा था। इसके बाद, जब भी मैं समाज में पारिवारिक सदस्यों के धन के पीछे एक-दूसरे से लड़ने, या धन के लिए लोगों के चोरी या हत्या करने की घटनाओं को देखती, तो मैं अक्सर विलाप किया करती थी कि आजकल दुनिया अत्यधिक अंधकार से भर गई है, कि लोगों के दिल वाकई बेईमान हो गए हैं और यह दुनिया वाकई बहुत अस्थिर है।

24 मई 2019

मेरे जीवन सिद्धांतों ने मेरा अहित किया

चैंगकाई बेंग्ज़ी शहर, लियाओनिंग प्रांत
एक सामान्य वाक्यांश "अच्छे लोग सबसे पीछे रह जाते हैं", ऐसी बात है जिससे मैं निजी रूप से बेहद परिचित हूँ। मैं और मेरा पति विशेष रूप से निष्कपट लोग थे: जब ऐसे मामलों की बात आती जिनमें हमारा खुद का निजी लाभ या हानि शामल हो, तो हम दूसरों के साथ बखेड़ा या झंझट वाले लोगों में से नहीं थे। हम जहाँ धीरज रख सकते थे हम धीरज रखते थे, हम जहाँ समझौतापरक हो सकते थे, वहाँ हम समझौतापरक होने की पूरी कोशिश करते थे। परिणामस्वरूप, अक्सर ही हम अपने को दूसरों के द्वारा धोखा दिया जाता हुआ और हमें अपमानित किया जाता हुआ पाते थे। वाकई ऐसा लगता था कि जीवन में, "अच्छे लोग सबसे पीछे रह जाते हैं"—अगर तुम्हारे दिल में बहुत ज्यादा अच्छाई हो, अगर तुम अपने मामलों में बहुत समझौतापरक और शालीन हो, तो तुम छले जाने के लिए काफी ज़िम्मेदार हो। मन में इन विचारों के साथ, मैंने खुद को इन सभी शोषणों के अधीन न होने और निराशा में और न जीने का संकल्प लिया: भविष्य के मामलों में और दूसरों के साथ व्यवहार में, मैं बहुत समझौतापरक न होने का संकल्प लेती हूँ। यहाँ तक कि मेरे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार कर लेने के बाद भी, मैं अभी भी अपने आचरण और दूसरों के साथ अपनी बातचीत में इस सिद्धांत को लागू करती थी।

23 मई 2019

तथाकथित अच्‍छे व्‍यक्ति का असली चेहरा

केमु, झ़ुमैडियन शहर, हेनन प्रांत
अपने मन में, मैं हमेशा स्वयं को एक अच्‍छी मानवता वाली व्‍यक्ति समझती थी। मुझे ऐसा इसलिए लगता था क्योंकि, मेरे पड़ोसी अक्सर मेरे माता-पिता के सामने मेरी समझदार और अपने परिवार की चिंता करने वाली होने के लिए तारीफ करते थे; कहते थे कि मैं अपने माता-पिता की आँखों का तारा हूँ। विवाह के बाद, मेरे ससुराल के लोग पड़ोसियों के सामने मेरे दयालु और संतानोचित होने के लिए प्रशंसा करते थे। मेरी इकाई में, मेरा अगुआ मेरे ईमानदार और सक्षम होने की वजह से मेरी सराहना करता था। और परमेश्वर के कार्य के इस चरण को स्‍वीकार करने के बाद से, मैं कलीसिया द्वारा मुझसे कही गई हर चीज़ को करने के लिए के प्रति आज्ञाकारी रही हूँ। अपने अगुआ द्वारा अच्‍छा काम न करने पर डाँटे जाने पर भी मैं उसका कभी भी विरोध नहीं करती थी और मैं प्रायः ज़रूरतमंद भाई-बहनों की मदद करती थी। वैसे तो, मैं अपने आप को समझदार, कृपालु और मानवता-युक्‍त सहृदय व्‍यक्ति समझती हूँ।

22 मई 2019

भाग्य से जूझने के उन दिनों को विदाई

सत्यइशिन
एक पिछड़ा हुआ देहाती गाँव, अपने काम से थके हुए मेरे माता-पिता, वित्तीय कठिनाइयों का एक जीवन... मेरे युवा दिमाग पर इन उदास यादों की छाप पड़ी हुई थी, "भाग्य" के बारे में यह मेरी पहली धारणा थी। स्कूल जाना शुरू करने के बाद, जब मैंने पहली बार मेरे शिक्षक को यह कहते हुए सुना कि "तुम अपने भाग्य को अपने ही हाथों से नियंत्रित करते हो", तो मैंने इन शब्दों को दृढ़ता से मेरे मानस में रख लिया। मेरा मानना था कि हालांकि मैं इस तथ्य को नहीं बदल सकती थी कि मैं गरीबी में पैदा हुई थी, फिर भी कड़ी मेहनत के द्वारा मैं अपने भाग्य को बदल सकती थी। परिणामस्वरूप, अपने "भाग्य" के साथ कुश्ती करने के लिए और स्वर्ग का एक ऐसा टुकड़ा हासिल करने के लिए जिसे मैं अपना कह सकूँ, मैंने अपना पूरा ज़ोर लगा दिया।

20 मई 2019

"एक मृत व्‍यक्ति के पुनरुत्‍थान" का रहस्‍य

ली चेंग
भाइयो और बहनो, आप सबको शांति मिले! प्रभु की तैयारियों के लिए उनका आभार, जिनकी वजह से हम बाइबल के सत्यों पर यहाँ संवाद करने आए हैं। प्रभु हमारा मार्गदर्शन करें। आज, मैं सभी से "एक मृत व्‍यक्ति के पुनरुत्‍थान" विषय पर चर्चा करना चाहूँगा।
जैसा कि प्रभु में विश्‍वास करने वाले सभी लोग जानते हैं, "एक मृत व्‍यक्ति का पुनरुत्‍थान" यीशु के लौटने के समय से संबंध रखता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसे देखने का हम सभी ईसाई बेताबी से इंतज़ार कर रहे हैं। तो फ़िर, एक "मृत इंसान" का पुनरुत्‍थान किस तरह हो सकता है? कई लोग यहेजकेल की पुस्‍तक के अध्‍याय 37, पद 5-6 के बारे में विचार करेंगे: "परमेश्वर यहोवा तुम हड्डियों से यों कहता है: देखो, मैं आप तुम में साँस समाऊँगा, और तुम जी उठोगी। मैं तुम्हारी नसें उपजाकर मांस चढ़ाऊँगा, और तुम को चमड़े से ढाँपूँगा; और तुम में साँस समाऊँगा और तुम जी जाओगी; और तुम जान लोगी कि मैं यहोवा हूँ।" यूहन्‍ना के सुसमाचार, अध्‍याय 6, पद 39 में यीशु ने कहा था: "और मेरे भेजनेवाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊँ, परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊँ।

19 मई 2019

प्रभु यीशु ने स्वर्ग राज्य की चाबियाँ पेत्रुस को क्यों दीं

यांग किंग
बाइबल पढ़कर चकराना
जब मैं सुबह जल्दी उठ गयी, तो मैंने प्रार्थना की, फिर बाइबल में मत्ती 16:19 खोला, जहाँ प्रभु यीशु पतरस से कहते हैं: "मैं तुझे स्वर्ग के राज्य की कुंजियाँ दूँगा: और जो कुछ तू पृथ्वी पर बाँधेगा, वह स्वर्ग में बंधेगा; और जो कुछ तू पृथ्वी पर खोलेगा, वह स्वर्ग में खुलेगा।" बाइबल के इस अवतरण को पढ़कर, मैं यह सोचते हुए उलझन में पड़ गयी: "पतरस ने कोई महान काम नहीं किया और न ही उसके लिखे पत्र ही बहुत प्रसिद्ध थे। उस पर, जब प्रभु यीशु को गिरफ्तार किया गया और वे सुनवाई के लिए खड़े हुए, तो पतरस ने उन्हें तीन बार अस्वीकार कर दिया। प्रभु ने अन्य शिष्यों को स्वर्ग के राज्य की चाबियाँ क्यों नहीं दीं, केवल पतरस को ही क्यों दी?" मैंने धर्मशास्त्रों में बहुत खोजा, लेकिन कुछ भी मेरे भ्रम को दूर नहीं कर पा रहा था। मेरे पास काम पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।

18 मई 2019

एक ईसाई के रूप में, नियमित रूप से सभाओं में भाग लेने अवहेलना नहीं की जा सकती!

शियाओगाओ
आध्‍यात्मिक प्रश्नोत्तर में शामिल होने वाले भाई-बहनों को मेरा नमस्कार,
मैं दिन के वक्‍़त काम करके बहुत थक जाती हूँ, और इस कारण रात में ठीक से सो नहीं पाती। नतीजतन, मैं सभाओं में समय पर पहुँच पाने को तैयार नहीं हूँ। मैं सीमित होकर रहना पसंद नहीं करती। मुझे लगता है कि आध्‍यात्मिक ज़रूरतें होने पर ही अगर मैं अपने भाई-बहनों से चर्चा करने के लिए मिल सकूं, तो वह ठीक रहेगा। मैं यह जानने को उत्‍सुक हूँ कि इस समस्या का कारण क्‍या है। इसका समाधान मैं किस प्रकार करूं।
एन जिंग
नमस्‍ते एन जिंग बहन,
आपने कहा कि आप समय पर सभा में शामिल होने के लिए तैयार नहीं हैं और आप ऐसा महसूस करती हैं कि जब आपकी आध्‍यात्मिक ज़रूरतें होंगी, तभी आप अपने भाई-बहनों को चर्चा करने के लिए तत्परता से खोजेंगी। हम ऐसा सोच सकते हैं क्‍योंकि हम परमेश्‍वर में सच्‍चे विश्‍वास के सही मायनों और सभाओं के महत्‍व को नहीं समझते। प्रभु का धन्यवाद। मैं इस पहलू पर अपनी समझ के बारे में थोड़ी बात करूंगी। यह चर्चा आपके लिए उपयोगी होगी, ऐसी आशा करती हूँ।

16 मई 2019

एक ईमानदार व्यक्ति होना वास्तव में बड़ी बात है!

वू मिंग, चीन
2004 में एक सहेली ने एक दिन मुझसे कहा: "हर दिन तुम जल्दी उठती हो और दिन भर कपड़े काटने में व्यस्त रहती हो, तुम खुद को थका देती हो, फिर भी तुम धन अर्जित नहीं कर पाती हो। आज का समाज पैसे कमाने के लिए जीभ पर निर्भर करता है, जैसा कि इस लोकप्रिय कहावत में कहा गया है: 'मजबूत हाथों और पैरों की तुलना में एक चतुराईपूर्ण ज़ुबान का होना बेहतर है।' तुम जानती हो कि अब मैं प्रत्यक्ष बिक्री व्यवसाय में सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों को बेच रही हूँ, न केवल यह मुझे सुंदर बनाता है, मुझे हर दिन बहुत अधिक प्रयास करने की आवश्यकता नहीं होती है, बहुत सारे पैसे कमाने के लिए मुझे बस अपने ग्राहकों से कुछ बातें करनी होती हैं और अपने उत्पादों को बेचना होता है। तुम अपना काम बदलकर मेरे साथ सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों को बेचने क्यों नहीं आ जाती हो?" मैंने अपनी सहेली को देखा, वह वास्तव में पहले से कहीं अधिक सुंदर थी, और फिर मैंने सोचा कि किस तरह मैं 10 साल से अधिक समय के लिए बस कपड़े बनाये जा रही थी, कैसे मैं वास्तव में इस काम में कोई धन अर्जित नहीं कर पाई थी, और कैसे अब मैं जवान तो हो नहीं रही थी। अगर यह वास्तव में ऐसा ही था जैसा कि मेरी सहेली बता रही थी, अगर अपना काम बदल कर प्रसाधन उत्पादों को बेचकर मैं आसानी से धन अर्जित कर सकती थी, और यहाँ तक कि मैं अधिक युवा और सुन्दर भी लग सकती थी और दूसरों से बड़ी प्रशंसा भी पा सकती थी, तो वह तो बहुत बेहतर होगा! जब मैंने इस बारे में सोचा, तो मैंने उसे बिलकुल वहीं कह दिया कि मैं उस कंपनी का एक हिस्सा बनने के लिए तैयार थी। बाद में, एक निरीक्षण के बाद, मैंने 3,000 युआन मूल्य के उत्पादों को खरीद लिया, और मैंने इस कंपनी के लिए सौंदर्य प्रसाधन उद्योग में एक सौंदर्य सलाहकार के रूप में अपना काम शुरू कर दिया।

15 मई 2019

जब प्रभु द्वार पर दस्तक देने आएंगे तो हम उनका स्वागत कैसे करेंगे?

शियाओ फेई
परमेश्वर पर विश्वास करने में मेरे प्रवेश के बाद, भाइयों और बहनों को "द गुड मैन इज़ नॉकिंग एट द डोर" ('भला आदमी दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है') नामक एक स्तुतिगान पसंद था, जिसके शब्द हैं: "भला आदमी दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है, उसके बाल ओस से गीले हैं; आओ, हम जल्दी से उठें और दरवाज़ा खोलें, और उस भले आदमी को लौट कर चले जाने न दें..."। जब भी हम इस स्तुतिगान को गाते थे, तो हमारे दिल गहराई से द्रवित और प्ररित हो जाते थे। हम सभी उस भले आदमी से रात भर रुक जाने के लिए कहना चाहते हैं, इसलिए जब वह भला आदमी आता है और दरवाज़े पर दस्तक देता है, तो हम उस भले आदमी की पहली आवाज़ सुनते ही प्रभु का स्वागत करेंगे। यह कहा जा सकता है कि हमारी सभी की, जो प्रभु में विश्वास करते हैं, एक ऐसी ही आशा है। लेकिन जब प्रभु आता है, वह कैसे दस्तक देगा? जब प्रभु दस्तक देता है, तो हमें यह सुनिश्चित करने के लिए क्या करना चाहिए कि हम उसका प्रभु के रूप में स्वागत कर रहे हैं? यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में उन लोगों को जो प्रभु में विश्वास करते हैं, सोचना चाहिए।

14 मई 2019

फूलों की दो टोकरियों से प्रबोधन

शू फन
अपने खाली समय के दौरान, मैंने इंटरनेट पर सुलैमान के बारे में एक कहानी पढ़ी। एक पड़ोसी देश के राजा ने, भेंट के तौर पर, दो असाधारण और दुर्लभ फूलों की टोकरियाँ सुलैमान को दीं। एक टोकरी के फूल वास्तविक थे और दूसरी टोकरी के फूल नकली थे। बहरहाल, दोनों टोकरी के फूल बेहद समान दिखते थे। केवल देखकर वास्तविक फूलों को नकली फूलों से अलग पहचानने का लगभग कोई रास्ता नहीं था। पड़ोसी देश के उस राज्याधिकारी ने जो फूलों की टोकरियाँ लेकर आया था, सुलैमान के ज्ञान के बारे में सुना था। इसलिए, उसने सुलैमान से असली फूलों और नकली फूलों के बीच भेद करने के लिए कहा। सुलैमान ने कुछ लोगों से अपने बगीचे में फूलों की उन दो टोकरियों को लाने के लिए कहा। कोई भी समझ नहीं पाया था कि सुलैमान के इरादे क्या थे। सुलैमान ने सभी को बगीचे में इकट्ठा होने के लिए कहा और वहीं वे समझ पाए कि उसने बगीचे में टोकरियों को लाने के लिए क्यों कहा था। असली फूलों ने कई मधुमक्खियों को आकर्षित किया, जब कि नकली फूलों के पास कोई भी मधुमक्खी नहीं थी।

13 मई 2019

क्रिसमस का अर्थ क्या है, और क्या आप वास्तव में प्रभु यीशु की आराधना कर रहे हैं?

सियुआन द्वारा
क्रिसमस का आरम्भ
हर साल, जैसे जैसे क्रिसमस करीब आता है, सड़क पर दुकानें सांता क्लॉस और क्रिसमस ट्री के साथ क्रिसमस उपहारों के चमकदार प्रदर्शनी की व्यवस्था करती हैं। पेड़ों और इमारतों पर कई रंगीन रोशनियाँ लगी होती हैं, और पूरे शहर लालटेन और रंगीन झालरों से सजे होते हैं, और हर जगह आनंद और जोश होता है। ईसाई धर्म के लिए, क्रिसमस एक बहुत ही खास समय है, और क्रिसमस से कई महीने पहले से, कई कलिसियायें क्रिसमस के अवकाश के लिए आवश्यक सभी चीज़ें तैयार करने में व्यस्त होने लगती हैं। क्रिसमस के दिन, कलिसियायें भर जाती हैं, और भाई-बहन उत्सव में शामिल होते हैं, क्रिसमस की दावत खाते हैं, नाटकों का मंचन करते हैं और प्रभु यीशु की आराधना करते हैं, आदि। हर किसी का चेहरा खुशियों से चमकता है। हालांकि, जब हम प्रभु यीशु के जन्म का जश्न मनाने के लिए खुशी से इकट्ठे होते हैं, तब क्या हम क्रिसमस का अर्थ समझते हैं? शायद भाई-बहन कहें, "प्रभु यीशु को सभी मानवजाति के छुटकारे के लिए क्रूस पर ठोका गया था, और इसलिए प्रभु यीशु के जन्म की यादगारी में और उसका उत्सव मनाने के लिए, ईसाईयों ने क्रिसमस की स्थापना की। हालाँकि जिस दिन प्रभु यीशु का जन्म हुआ था, वह बाइबिल में दर्ज नहीं है, फिर भी मसीह के सुसमाचार के विस्तार के साथ क्रिसमस धीरे-धीरे दुनिया भर में एक अवकाश बन गया।" हम इसे जानते होंगे, लेकिन क्या हम वास्तव में प्रभु यीशु के जन्म के पीछे छिपे हमारे लिए परमेश्वर के प्यार और उसकी इच्छा के बारे में जानते हैं? हम कैसे क्रिसमस के प्रति वैसा दृष्टिकोण रख सकते हैं जो कि प्रभु के हृदय के अनुसार हो?

12 मई 2019

ईसाई जीवन: 4 सलाह, जो प्रभु की मंशा के अनुरूप दूसरों के साथ आपसी संवाद करने का तरीका सिखाते हैं

वांग ज़ीहान, शांक्सी प्रान्त
पारस्परिक संबंध एक ऐसा विषय है जो कई लोगों के सिर में दर्द पैदा कर देता है। यह एक ऐसा विषय भी है जिसका अक्सर ईसाई के रूप में एक व्यक्ति पूरे जीवन भर सामना करता है। प्रभु यीशु की अपेक्षा है कि हम एक-दूसरे के साथ सामंजस्य में मिलकर रहें और दूसरों से अपने समान प्यार करें। कई आस्थावान ईसाई भी प्रभु की शिक्षाओं को अभ्यास में लाने के इच्छुक हैं। हालांकि, हकीकत में, जब हम दूसरों के साथ बातचीत करते हैं, तो हम अक्सर संघर्ष और गलतफहमी का सामना करते हैं, वो भी इतना कि हमारे रिश्ते कठोर होकर टूट जाते हैं। इससे हर किसी को दर्द होता है। क्या कारण है कि हम एक-दूसरे के साथ सामंजस्यपूर्ण रूप से रहने में असमर्थ हैं? प्रभु की मंशा के अनुसार हम ईसाई अपने जीवन में दूसरों के साथ कैसे बातचीत कर सकते हैं? अतीत में मुझे जो कठिनाई हुई है, उसमें यह समस्या भी रही है। प्रभु के मार्गदर्शन के लिए उनका धन्यवाद! बाद में, मुझे एक पुस्तक में इस सवाल का जवाब मिला, जिसने मेरी कठिनाइयों का समाधान कर दिया। यहां, मैं अपने अनुभव और समझ के बारे में कुछ बताने जा रही हूँ!

11 मई 2019

3 वैसी प्रार्थना कैसे करें जो परमेश्वर सुनें

चेंग शी
भाइयो और बहनो:
प्रभु की शांति आपके साथ हो! प्रार्थना करना हम ईसाइयों का, परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। ऐसा विशेष रूप से सुबह और रात के समय किया जाता है। यही कारण है कि प्रार्थना करना सीखना बेहद जरूरी है। हालाँकि, कई भाई-बहन परेशानी महसूस करते हैं: हर दिन, हम सुबह और रात, दोनों समय प्रार्थना करते हैं; हम खाने से पहले और और खाने के बाद भी प्रार्थना करते हैं, साथ ही साथ जब हम सभा में होते हैं तब भी प्रार्थना करते हैं; इसके अलावा, हर बार जब हम प्रार्थना करते हैं, हम प्रभु से बहुत कुछ कहते हैं और लंबे समय तक प्रार्थना करते हैं। हालाँकि, हम हमेशा ऐसा महसूस करते हैं जैसे परमेश्वर वहाँ नहीं है; ऐसा लगता है जैसे हम प्रार्थना करते समय खुद से बात कर रहे हैं, और हमारी आत्मा शांति या आनंद महसूस नहीं करती है। परमेश्वर हमारी प्रार्थनाओं को क्यों नहीं सुनते? हम ऐसी प्रार्थना कैसे करें ताकि हम परमेश्वर की प्रशंसा प्राप्त कर सकें?

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...