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29 अग॰ 2019

Hindi Christian Crosstalk | अंत के दिनों के फ़रीसी | Who Stops Us From Welcoming Lord Jesus' Return?


Hindi Christian Video | अंत के दिनों के फ़रीसी | Who Stops Us From Welcoming Lord Jesus' 

Return?


ईसाई झांग यी ने गवाही सुनी कि प्रभु लौट आये हैं, लेकिन जब उसने सत्य मार्ग की जाँच-पड़ताल की, तो उसके पादरी और एल्डर ने उसे कई बार यह कहकर रोकने और रुकावट डालने की कोशिश की कि, "यह दावा करने वाले कि प्रभु देहधारण करके आ गये हैं, पाखंड और झूठी बातें फैला रहे हैं। उनकी बात मत सुनो, उनके वचनों को मत पढ़ो, और उनसे कोई सम्पर्क न रखो!" इससे झांग उलझन में पड़ गया, क्योंकि प्रभु यीशु ने साफ़ तौर पर कहा है, "आधी रात को धूम मची : 'देखो, दूल्हा आ रहा है!

7 अग॰ 2019

2. अंतिम दिनों में चीन में कार्य करने के लिए परमेश्वर के देह-धारण का उद्देश्य और महत्व क्या है?




2. अंतिम दिनों में चीन में कार्य करने के लिए परमेश्वर के देह-धारण का उद्देश्य और महत्व क्या है?
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
परमेश्वर के कार्य का प्रत्येक चरण सारी मानवजाति के वास्ते है, और समूची मानवजाति की ओर निर्देशित है। यद्यपि यह देह में उसका कार्य है, फिर भी इसे अब भी सारी मानवजाति की ओर निर्देशित किया गया है; वह सारी मानवजाति का परमेश्वर है, वह सभी सृजे गए और न सृजे गए प्राणियों का परमेश्वर है। यद्यपि देह में उसका कार्य एक सीमित दायरे के भीतर होता है, और इस कार्य का विषय भी सीमित होता है, फिर भी हर बार जब वह अपना कार्य करने के लिए देह धारण करता है तो वह अपने कार्य का एक विषय चुनता है जो अत्यंत प्रतिनिधिक है; वह सामान्य एवं मामूली लोगों के एक समूह को नहीं चुनता है कि उन पर कार्य करे, किन्तु इसके बजाए अपने कार्य के विषय के रूप में लोगों के ऐसे समूह को चुनता है जो देह में उसके कार्य के प्रतिनिधि होने में सक्षम हैं।

2 अग॰ 2019

Hindi Christian Skit | क्या हम उद्धार पाकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं?


Hindi Christian Video | क्या हम उद्धार पाकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं?

झांग मुदे एक गृह कलीसिया में प्रचारक है, उसका मानना है कि "क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्‍वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुँह से अंगीकार किया जाता है" (रोमियों 10:10)।(© BSI) उसे लगता है कि चूँकि वह प्रभु यीशु में विश्वास रखता है, इसलिये वह पहले से ही धार्मिक है, उसे पहले ही उद्धार प्राप्त हो चुका है। जब प्रभु यीशु लौटकर आयेंगे, तो उसे सीधे स्वर्ग के राज्य में आरोहित कर दिया जायेगा। एक दिन, उसकी बेटी किसी दूसरी जगह पर मिशनरी कार्य से लौटकर घर आती है।

30 जुल॰ 2019

1. परमेश्वर की आवाज़ को वास्तव मरण कैसे पहचानना चाहिए? कोई कैसे इस बात की पुष्टि कर सकता है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर वास्तव में लौटा हुआ प्रभु यीशु है?

XII. परमेश्वर की आवाज़ सुनती समझदार कुँवारियों से संबंधित सच्चाई के पहलू पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाहिए


1. परमेश्वर की आवाज़ को वास्तव मरण कैसे पहचानना चाहिए? कोई कैसे इस बात की पुष्टि कर सकता है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर वास्तव में लौटा हुआ प्रभु यीशु है?

 संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं" (युहन्ना 10:27)।
"मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा" (युहन्ना 16:12-13)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
देहधारी परमेश्वर के वचन एक नया युग आरंभ करते हैं, समस्त मानवजाति का मार्गदर्शन करते हैं, रहस्यों को प्रकट करते हैं, और एक नये युग में मनुष्य को दिशा दिखाते हैं। मनुष्य द्वारा प्राप्त की गई प्रबुद्धता मात्र एक आसान अभ्यास या ज्ञान है। वह समस्त मानवजाति को एक नये युग में मार्गदर्शन नहीं दे सकती है या स्वयं परमेश्वर के रहस्य को प्रकट नहीं कर सकती है। परमेश्वर आखिरकार परमेश्वर है, और मनुष्य मनुष्य ही है। परमेश्वर में परमेश्वर का सार है और मनुष्य में मनुष्य का सार है।
"वचन देह में प्रकट होता है" के लिए प्रस्तावना से

27 जुल॰ 2019

4. बाइबल में अनन्त जीवन का कोई मार्ग नहीं है; यदि मनुष्य बाइबल को थामे रहता है और उसकी आराधना करता है, तो वह अनन्त जीवन को प्राप्त नहीं करेगा।

संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो, या ढूँढ़ो क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते" (युहन्ना 5:39-40)।
"मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता" (युहन्ना 14:6)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
जीवन का मार्ग कोई साधारण चीज़ नहीं है जो चाहे कोई भी प्राप्त कर ले, न ही इसे सभी के द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह इसलिए कि जीवन केवल परमेश्वर से ही आता है, कहने का अर्थ है कि केवल स्वयं परमेश्वर ही जीवन के तत्व का अधिकारी है, स्वयं परमेश्वर के बिना जीवन का मार्ग नहीं है, और इसलिए केवल परमेश्वर ही जीवन का स्रोत है, और जीवन के जल का सदा बहने वाला सोता है।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है" से
परमेश्वर स्वयं ही जीवन है, सत्य है, और उसका जीवन और सत्य साथ ही साथ रहते हैं। जो सत्य को प्राप्त करने में असफल रहते हैं वे कभी भी जीवन को प्राप्त नहीं कर सकते। बिना मार्गदर्शन, सहायता और सत्य के प्रावधान के तुम केवल संदेश, सिद्धांत और मृत्यु को ही प्राप्त करोगे। परमेश्वर का जीवन सतत विद्यमान है, और उसका सत्य और जीवन एक साथ उपस्थित रहते हैं। यदि तुम सत्य के स्रोत को नहीं प्राप्त कर पाते, तो तुम जीवन के पोषण को प्राप्त नहीं कर पाओगे; यदि तुम जीवन के प्रावधान को प्राप्त नहीं कर सकते तो तुम्हारे जीवन में निश्चय ही सत्य नहीं होगा, और इसलिए कल्पनाओं और धारणाओं से दूरी होगी, तुम्हारी सम्पूर्ण देह केवल देह होगी, तुम्हारी घिनौनी देह।

20 जुल॰ 2019

2. परमेश्वर के स्वभाव और सार को कोई कैसे जान सकता है?

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-प्रभु यीशु की वापसी,परमेश्वर का स्वभाव,परमेश्वर को जानना

2. परमेश्वर के स्वभाव और सार को कोई कैसे जान सकता है?
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
लोग अकसर कहते हैं कि परमेश्वर को जानना सरल बात नहीं है। फिर भी, मैं कहता हूं कि परमेश्वर को जानना बिलकुल भी कठिन विषय नहीं है, क्योंकि वह बार बार मनुष्य को अपने कामों का गवाह बनने देता है। परमेश्वर ने कभी भी मनुष्य के साथ संवाद करना बंद नहीं किया है; उसने कभी भी मनुष्य से अपने आपको गुप्त नहीं रखा है, न ही उसने स्वयं को छिपाया है। उसके विचारों, उसके उपायों, उसके वचनों और उसके कार्यों को मानवजाति के लिए पूरी तरह से प्रकाशित किया गया है। इसलिए, जब तक मनुष्य परमेश्वर को जानने की कामना करता है, वह सभी प्रकार के माध्यमों और पद्धतियों के जरिए उन्हें समझ और जान सकता है।

11 जुल॰ 2019

3. हर किसी को अनुग्रह के युग में पश्चाताप के मार्ग और अंतिम दिनों में अनन्त जीवन के मार्ग के बीच रहे अंतर को अवश्य पहचानना चाहिए।

VII. अंतिम दिनों का मसीह जो लाता है केवल वही अनन्त जीवन का मार्ग है, इस बारे में अवश्य ही हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाहिए

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-3. हर किसी को अनुग्रह के युग में पश्चाताप के मार्ग और अंतिम दिनों में अनन्त जीवन के मार्ग के बीच रहे अंतर को अवश्य पहचानना चाहिए।

3. हर किसी को अनुग्रह के युग में पश्चाताप के मार्ग और अंतिम दिनों में अनन्त जीवन के मार्ग के बीच रहे अंतर को अवश्य पहचानना चाहिए।
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"यदि कोई मेरी बातें सुनकर न माने, तो मैं उसे दोषी नहीं ठहराता; क्योंकि मैं जगत को दोषी ठहराने के लिये नहीं, परन्तु जगत का उद्धार करने के लिये आया हूँ। जो मुझे तुच्छ जानता है और मेरी बातें ग्रहण नहीं करता है उसको दोषी ठहरानेवाला तो एक है: अर्थात् जो वचन मैं ने कहा है, वही पिछले दिन में उसे दोषी ठहराएगा" (यूहन्ना 12:47-48)।
"जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
यद्यपि यीशु ने मनुष्यों के बीच अधिक कार्य किया है, उसने केवल समस्त मानवजाति के छुटकारे के कार्य को पूरा किया और वह मनुष्य की पाप-बलि बना, मनुष्य को उसके भ्रष्ट स्वभाव से छुटकारा नहीं दिलाया। शैतान के प्रभाव से मनुष्य को पूरी तरह बचाने के लिये यीशु को न केवल पाप-बलि के रूप में मनुष्यों के पापों को लेना आवश्यक था, बल्कि मनुष्य को उसके भ्रष्ट स्वभाव से पूरी तरह मुक्त करने के लिए परमेश्वर को और भी बड़े कार्य करने की आवश्यकता थी जिसे शैतान द्वारा भ्रष्ट कर दिया गया था। और इसलिए, मनुष्य को उसके पापों के लिए क्षमा कर दिए जाने के बाद, एक नये युग में मनुष्य की अगुवाई करने के लिए परमेश्वर वापस देह में लौटा, और उसने ताड़ना एवं न्याय के कार्य को आरंभ किया, और इस कार्य ने मनुष्य को एक उच्चतर क्षेत्र में पहुँचा दिया। वे सब जो परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन समर्पण करेंगे उच्चतर सत्य का आनंद लेंगे और अधिक बड़ी आशीषें प्राप्त करेंगे। वे वास्तव में ज्योति में निवास करेंगे, और सत्य, मार्ग और जीवन को प्राप्त करेंगे।
"वचन देह में प्रकट होता है" के लिए प्रस्तावना से

10 जुल॰ 2019

2. हर किसी को यह समझना चाहिए कि अंतिम दिनों में परमेश्वर द्वारा व्यक्त की गई सारी सच्चाई अनन्त जीवन का मार्ग है।

VII. अंतिम दिनों का मसीह जो लाता है केवल वही अनन्त जीवन का मार्ग है, इस बारे में अवश्य ही हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाहिए

2. हर किसी को यह समझना चाहिए कि अंतिम दिनों में परमेश्वर द्वारा व्यक्त की गई सारी सच्चाई अनन्त जीवन का मार्ग है।
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा" (यूहन्ना 16:12-13)।
"जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है। जो जय पाए, उस को दूसरी मृत्यु से हानि न पहुँचेगी" (प्रकाशितवाक्य 2:11)।
"फिर उसने मुझे बिल्‍लौर की सी झलकती हुई, जीवन के जल की नदी दिखाई, जो परमेश्‍वर और मेम्ने के सिंहासन से निकलकर उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी। नदी के इस पार और उस पार जीवन का वृक्ष था; उसमें बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस वृक्ष के पत्तों से जाति-जाति के लोग चंगे होते थे" (प्रकाशितवाक्य 22:1-2)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
परमेश्वर स्वयं ही जीवन है, सत्य है, और उसका जीवन और सत्य साथ ही साथ रहते हैं। जो सत्य को प्राप्त करने में असफल रहते हैं वे कभी भी जीवन को प्राप्त नहीं कर सकते। बिना मार्गदर्शन, सहायता और सत्य के प्रावधान के तुम केवल संदेश, सिद्धांत और मृत्यु को ही प्राप्त करोगे। परमेश्वर का जीवन सतत विद्यमान है, और उसका सत्य और जीवन एक साथ उपस्थित रहते हैं। यदि तुम सत्य के स्रोत को नहीं प्राप्त कर पाते, तो तुम जीवन के पोषण को प्राप्त नहीं कर पाओगे; यदि तुम जीवन के प्रावधान को प्राप्त नहीं कर सकते तो तुम्हारे जीवन में निश्चय ही सत्य नहीं होगा, और इसलिए कल्पनाओं और धारणाओं से दूरी होगी, तुम्हारी सम्पूर्ण देह केवल देह होगी, तुम्हारी घिनौनी देह। ध्यान रखो कि किताबों की बातें जीवन के तौर पर नहीं गिनी जाती हैं, इतिहास के लेखों को सत्य के रूप में चित्रित नहीं किया जा सकता, और अतीत के सिद्धांत आज के समय में परमेश्वर के द्वारा कहे गए वचनों का लेखा-जोखा नहीं माने जा सकते। केवल वही बात जो परमेश्वर ने पृथ्वी पर आकर और लोगों के बीच रहकर कही है, सत्य, जीवन, परमेश्वर की इच्छा है और कार्य करने का असली तरीका है।
"वचन देह में प्रकट होता है" से "केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है" से

7 जुल॰ 2019

बचाया जाना क्या है? उद्धार क्या है?

बचाया जाना क्या है? उद्धार क्या है?

संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"जो विश्‍वास करे और बपतिस्मा ले उसी का उद्धार होगा, परन्तु जो विश्‍वास न करेगा वह दोषी ठहराया जाएगा" (मरकुस 16:16)।
"क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है" (मत्ती 26:28)।
"जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
उस समय यीशु का कार्य समस्त मानव जाति का छुटकारा था। उन सभी के पापों को क्षमा कर दिया गया था जो उसमें विश्वास करते थे; जितने समय तक तुम उस पर विश्वास करते थे, उतने समय तक वह तुम्हें छुटकारा देगा; यदि तुम उस पर विश्वास करते थे, तो तुम अब और पापी नहीं थे, तुम अपने पापों से मुक्त हो गए थे। यही है बचाए जाने, और विश्वास द्वारा उचित ठहराए जाने का अर्थ। फिर भी जो विश्वास करते थे उन लोगों के बीच, वह रह गया था जो विद्रोही था और परमेश्वर का विरोधी था, और जिसे अभी भी धीरे-धीरे हटाया जाना था। उद्धार का अर्थ यह नहीं था कि मनुष्य पूरी तरह से यीशु द्वारा प्राप्त कर लिया गया था, लेकिन यह कि मनुष्य अब और पापी नहीं था, कि उसे उसके पापों से क्षमा कर दिया गया था: बशर्ते कि तुम विश्वास करते थे, तुम कभी भी अब और पापी नहीं बनोगे।

4 जुल॰ 2019

1. अनुग्रह के युग में प्रभु यीशु द्वारा व्यक्त वचनों और राज्य के युग में सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त वचनों में क्या अंतर है?

V. अंतिम दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य और अनुग्रह के युग में उसके छुटकारे के कार्य के बीच रहे अंतर से सम्बंधित सत्य के पहलू पर हर किसी को अवश्य गवाही देनी चाहिए

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर की गवाही देते बीस सत्य, प्रभु यीशु की वापसी, सर्वशक्तिमान परमेश्वर

1. अनुग्रह के युग में प्रभु यीशु द्वारा व्यक्त वचनों और राज्य के युग में सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त वचनों में क्या अंतर है?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है" (मत्ती 4:17)।
"और यरूशलेम से लेकर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा" (लूका 24:47)।

21 मई 2019

चमकती पूर्वी बिजली कहां से आती है?

प्रभु यीशु के ज्यादातर अनुयायी अपने पादरियों, एल्डर्स, या प्रचारकों से चमकती पूर्वी बिजली के बारे में सुनते हैं, लेकिन असलियत में कोई नहीं जानता है कि चमकती पूर्वी बिजली आई कहां से। जब चमकती पूर्वी बिजली के अस्तित्व की बात हो,तो हर किसी का स्‍वयं ही का मत है: कुछ लोग मानते हैं कि यह ईसाई धर्म के नए संप्रदाय से अधिक और कुछ नहीं, तो दूसरे इसे ‘विधर्म‘ या ‘एक दुष्‍ट कुपंथ‘ कहकर इसकी निंदा करते हैं। लोगों की एक बेतुकी धारणाएं इसलिए है क्योंकि वे परमेश्वर को कार्य को नहीं जानते हैं।

20 मई 2019

"एक मृत व्‍यक्ति के पुनरुत्‍थान" का रहस्‍य

ली चेंग
भाइयो और बहनो, आप सबको शांति मिले! प्रभु की तैयारियों के लिए उनका आभार, जिनकी वजह से हम बाइबल के सत्यों पर यहाँ संवाद करने आए हैं। प्रभु हमारा मार्गदर्शन करें। आज, मैं सभी से "एक मृत व्‍यक्ति के पुनरुत्‍थान" विषय पर चर्चा करना चाहूँगा।
जैसा कि प्रभु में विश्‍वास करने वाले सभी लोग जानते हैं, "एक मृत व्‍यक्ति का पुनरुत्‍थान" यीशु के लौटने के समय से संबंध रखता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसे देखने का हम सभी ईसाई बेताबी से इंतज़ार कर रहे हैं। तो फ़िर, एक "मृत इंसान" का पुनरुत्‍थान किस तरह हो सकता है? कई लोग यहेजकेल की पुस्‍तक के अध्‍याय 37, पद 5-6 के बारे में विचार करेंगे: "परमेश्वर यहोवा तुम हड्डियों से यों कहता है: देखो, मैं आप तुम में साँस समाऊँगा, और तुम जी उठोगी। मैं तुम्हारी नसें उपजाकर मांस चढ़ाऊँगा, और तुम को चमड़े से ढाँपूँगा; और तुम में साँस समाऊँगा और तुम जी जाओगी; और तुम जान लोगी कि मैं यहोवा हूँ।" यूहन्‍ना के सुसमाचार, अध्‍याय 6, पद 39 में यीशु ने कहा था: "और मेरे भेजनेवाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊँ, परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊँ।

15 मई 2019

जब प्रभु द्वार पर दस्तक देने आएंगे तो हम उनका स्वागत कैसे करेंगे?

शियाओ फेई
परमेश्वर पर विश्वास करने में मेरे प्रवेश के बाद, भाइयों और बहनों को "द गुड मैन इज़ नॉकिंग एट द डोर" ('भला आदमी दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है') नामक एक स्तुतिगान पसंद था, जिसके शब्द हैं: "भला आदमी दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है, उसके बाल ओस से गीले हैं; आओ, हम जल्दी से उठें और दरवाज़ा खोलें, और उस भले आदमी को लौट कर चले जाने न दें..."। जब भी हम इस स्तुतिगान को गाते थे, तो हमारे दिल गहराई से द्रवित और प्ररित हो जाते थे। हम सभी उस भले आदमी से रात भर रुक जाने के लिए कहना चाहते हैं, इसलिए जब वह भला आदमी आता है और दरवाज़े पर दस्तक देता है, तो हम उस भले आदमी की पहली आवाज़ सुनते ही प्रभु का स्वागत करेंगे। यह कहा जा सकता है कि हमारी सभी की, जो प्रभु में विश्वास करते हैं, एक ऐसी ही आशा है। लेकिन जब प्रभु आता है, वह कैसे दस्तक देगा? जब प्रभु दस्तक देता है, तो हमें यह सुनिश्चित करने के लिए क्या करना चाहिए कि हम उसका प्रभु के रूप में स्वागत कर रहे हैं? यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में उन लोगों को जो प्रभु में विश्वास करते हैं, सोचना चाहिए।

9 मई 2019

अपने दिल से सुनने के बाद, मैंने प्रभु की वापसी का स्वागत किया है

मैक्स, संयुक्त राज्य अमेरिका
1994 में, मेरा जन्म संयुक्त राज्य में हुआ था। मेरे माता-पिता दोनों चीनी थे। मेरी मां एक सफल कामकाजी महिला का विशिष्ट उदाहरण थी। वह अपने बारे में सोचने में सक्षम है और काफी निपुण है। मैं अपनी मां से बहुत प्यार करता हूं। जब मैं दूसरी कक्षा में था, तो मेरे माता-पिता मुझे अध्ययन करने के लिए चीन वापस ले गए ताकि मैं चीनी सीख सकूं। इसी दौरान मैंने प्रभु यीशु से परिचित होना शुरू किया था। मुझे याद है कि 2004 में एक दिन, जब मैं विद्यालय से घर पहुंचा, तो मेरे घर में कुछ मेहमान थे। मेरी मां ने उनसे मेरा परिचय कराया और मुझे बताया कि वह संयुक्त राज्य से आए एक पादरी हैं। मैं काफी खुश था क्योंकि तभी मुझे पता चला था कि मेरी मां कुछ समय से प्रभु यीशु में विश्वास कर रही थी। पहले, वह नहीं करती थी। हर चीनी नव वर्ष में, वे अगरबत्ती जलाया करती थी और बुद्ध की पूजा किया करती थी। हालांकि, जब से मेरी मां ने प्रभु यीशु में विश्वास करना शुरू किया था, तब से मुझे जलती अगरबत्ती की खुशबू नहीं आई थी। उस दिन, उस अमेरिकी पादरी ने मुझे प्रभु यीशु के बारे में एक कहानी सुनाई। कुछ समय बाद, मुझे बाथरूम में ले जाया गया और इससे पहले कि मैं कुछ प्रतिक्रिया दे पाता, 'अचानक ही' उस पादरी ने मेरा सिर बाथटब में डाल दिया और कुछ पल के बाद, मेरे सिर को बाहर निकाल लिया। मुझे बस मेरी मां और उस पादरी की बातें सुनाई दे रही थी, "परमेश्वर के अनुग्रह में तुम्हारा स्वागत है। हम सभी खोई हुई भेड़े हैं।" इस प्रकार से, इससे पहले कि मैं इसे जान पाता, मैंने एक नई जीवन यात्रा की शुरुआत की। चूंकि परमेश्वर मेरे साथ था, इसलिए मेरा दिल बहुत खुश था। उसके बाद, प्रत्येक रविवार, मैं पूजा करने, पादरी से बाइबल की कहानियाँ सुनने और ग्रंथों से कथन पढ़ने के लिए कलीसिया जाया करता था। मैं पूरी तरह से खुश था। मेरा दिल स्थिर था और मैं मानता था कि प्रभु यीशु में विश्वास करना वाकई अच्छी बात है।

5 मई 2019

तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को तब देखोगे जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुकता है


सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन “जब तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे ऐसा तब होगा जबपरमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा”


क्या तुम यीशु को देखना चाहते हो? क्या तुम यीशु के साथ रहना चाहते हो? क्या तुम यीशु के द्धारा कहे गए वचनों को सुनना चाहते हो? यदि ऐसा है, तो तुम यीशु के लौटने का कैसे स्वागत करेंगे? क्या तुम पूरी तरह से तैयार हो? किस ढंग से तुम यीशु के लौटने का स्वागत करेंगे? मुझे लगता है कि प्रत्येक भाई और बहन जो यीशु का अनुसरण करतें हो यीशु का अच्छी तरह से स्वागत करना चाहेंगे। परन्तु क्या तुम लोगों ने इस पर विचार किया है: जब यीशु वापस आएगा तो क्या तुम सचमुच में उसे पहचान लोगे? क्या तुम लोग सचमुच में वह सब कुछ समझ जाएँगे जो वह कहेगा? क्या तुम लोग वे सब कार्य जो यीशु करेगा, उन्हें, बिना किसी शर्त के, सचमुच में स्वीकार कर लेंगे? वे सब जिन्होंने बाइबल पढ़ी है, यीशु के लौटने के बारे में जानते हो, और वे सब जिन्होंने बाइबल को अभिप्राय से पढ़ी है, उसके आगमन की प्रतीक्षा करते हो। तुम सब लोग उस क्षण के आने के ऊपर ग्रस्त हो गए हो, और तुम लोगों की ईमानदारी प्रशंसनीय है, तुम लोगों का विश्वास वास्तव में स्पृहणीय है, परन्तु क्या तुम लोग यह एहसास करते हो कि तुम लोगों ने एक गंभीर त्रुटी की है? यीशु किस ढंग से वापस आएगा?

1 मई 2019

प्रभु के लौटने का स्वागत-इस तरह मैंने परमेश्वर का स्वागत किया

ज़ियू, जापान
जब मैं छः वर्ष की थी, तब मेरी माँ प्रभु यीशु में विश्वास करती थी, और वह अक्सर मुझे कलीसिया की सभाओं में लाती थी। मैं धीरे-धीरे इस तथ्य से अवगत हो गई कि इंसान परमेश्वर द्वारा बनाया गया था, कि अगर हम परेशानी में हैं तो हमें परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए और परमेश्वर पर भरोसा करना चाहिए, और हमें हर बात के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए। मेरी माँ ने मुझे बताया था: "परमेश्वर लोगों से प्यार करता है, जब तक हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं और हमारे मन में जो कुछ भी हो, उसे सौंप देते हैं और वास्तव में उस पर भरोसा रखते हैं, तो वह हमारी समस्याओं का समाधान करेगा और हमें भरपूर अनुग्रह प्रदान करेगा। अगर हम वास्तव में प्रभु में विश्वास करते हैं तो वह हमें भविष्य में स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए आएगा!" माँ के शब्दों को सुनकर, मेरा दिल शांत और चिंता से मुक्त महसूस करता था, मुझे लगता था जैसे मेरे पास भरोसा करने के लिए कुछ था, और मैं दृढ़ता से विश्वास करती थी कि एक दिन प्रभु यीशु हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए लौटेगा। मैंने इंतजार किया और मैं इस दिन के आने का सपना देखती थी।

30 अप्रैल 2019

प्रभु के लौटने का स्वागत-परमेश्वर पूर्व में प्रकट हुआ है

च्यू ज़ेन, चीन
एक दिन, मेरी बहन ने मुझे फ़ोन किया और कहा कि वह उत्तर से वापस आ गई थी और मुझे बताने के लिए उसके पास कोई महत्वपूर्ण बात थी। उसने मुझे तुरंत आने के लिए कहा। मैं सोच रही थी कि क्या हुआ होगा, और फ़ोन के बाद मैं मेरी बहन के यहाँ जा पहुँची। जैसे ही मैंने प्रवेश किया और देखा कि मेरी बहन एक किताब पढ़ रही थी, मुझे कुछ राहत मिली। मेरी बहन ने देखा कि मैं आ चुकी थी, वह अचानक खड़ी हुई और बोली: "बहन! उत्तर में इस बार मुझे कुछ अच्छी खबर मिली: प्रभु यीशु वापस आ गया है!

29 अप्रैल 2019

प्रभु के लौटने का स्वागत-खटखटाओ और तुम्हारे लिए द्वार खोला जायेगा

किंग टिंग द्वारा, चीन
1989 में, मैंने अपनी माँ के साथ प्रभु यीशु के सुसमाचार को स्वीकार किया। जब मैंने प्रभु में विश्वास करना शुरू किया, तब अक्सर सभाओं में भाग लेने और धर्मशास्त्रों को पढ़ने के माध्यम से, मुझे पता चला कि यह परमेश्वर था जिसने स्वर्ग, पृथ्वी और उसमें सबकुछ बनाया था, और उसने मानवजाति बनाई थी, और यह परमेश्वर है जो मानवजाति के लिए सबकुछ प्रदान करता है। उस समय प्रचारक अक्सर हमें बताते थे, "चाहे कितनी भी मुश्किलें हों, जब तक हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं, परमेश्वर हमारी मदद करेंगे।

11 जन॰ 2019

देहधारण का रहस्य" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग तीन


देहधारी परमेश्वर का कार्य उन व्यक्तियों के समान नहीं है जिन्हें पवित्र आत्मा के द्वारा उपयोग किया गया था। जब परमेश्वर पृथ्वी पर अपना काम करता है, तब वह केवल अपनी सेवकाई को पूरा करने की परवाह करता है। जहाँ तक अन्य मुद्दों की बात है जो उसकी सेवकाई से सम्बन्धित नहीं हैं, वह व्यावहारिक रूप से कोई भाग नहीं लेता है, यहाँ तक कि उस हद तक जहाँ वह जान-बूझकर अनदेखा करता है। वह मात्र उस कार्य को करता है जो उसे अवश्य करना चाहिए, और वह उस कार्य के विषय में तो बिलकुल भी परवाह नहीं करता है जो मनुष्य को अवश्य करना चाहिए। जिस कार्य को वह करता है वह केवल उस युग से सम्बन्धित है जिसमें वह है और उस सेवकाई से सम्बन्धित है जिसे उसे अवश्य पूरा करना चाहिए, मानो कि अन्य सभी मुद्दे उसकी ज़िम्मेदारी नहीं हैं।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...