11 अक्टू॰ 2018

तड़प

  • आराधना गीत
  • तड़प

  •  
  • I
  • हे प्रभु!
  • अंधेरी दुनिया है, हुकूमत है शैतान की।
  • लम्बी रात और लम्बी होती जा रही है।
  • सच्चे परमेश्वर में आस्था का पथ,
  • और जीवन का अनुसरण मुश्किल हो रहा है।
  • चीनी साम्यवादी दल तलाश में है हमारी,
  • ढाह रहा है ज़ुल्म परमेश्वर के लोगों पर।
  • गिरफ्तार कर रहे हैं, वो दे रहे हैं यातना हमें।
  • परिजन हमारे समझ पाते नहीं।
  • पड़ोसी करते बदनाम उड़ाते हँसी हमारी,
  • और दुनिया भी हमको ठुकराती।
  • सहता हूँ दुख-दर्द, पुकारता हूँ प्रभु को,
  • हे यीशु दो सामर्थ मुझे, दो सामर्थ मुझे।
  • II
  • हे प्रभु, मैं विनति करुँ, प्रबुद्ध करो,
  • दिखाओ रोशनी मुझे।
  • इस अंधेरी रात में जब चलूँ तो चलो साथ मेरे।
  • रहो मेरे साथ और मेरी आस्था को सामर्थ दो।
  • ताकि सह सकूँ मैं अंत तक और बचाया जा सकूँ।
  • हे मेरे प्रभु, जल्दी आओ, जल्दी आओ।
  • शैतान के चंगुल से हमें बचाओ,
  • ताकि तुम तक हम लौट सकें।
  • मैं तड़प रहा, तुम वापस आओ,
  • और हमें अपने संग स्वर्ग ले जाओ।
  • अनंत काल के लिये ले जाओ।
  •  
  • "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से

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1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

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