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9 दिस॰ 2018

मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग एक


मनुष्य आज के कार्य एवं भविष्य के कार्य के विषय में थोड़ा बहुत ही जानता है, परन्तु वह उस मंज़िल को नहीं समझता जिसमें मानवजाति प्रवेश करेगी। एक प्राणी होने के नाते, मनुष्य को एक प्राणी के कर्तव्य को निभाना चाहिएः जो कुछ परमेश्वर करता है उसमें उसे उसका अनुसरण करना चाहिए, और जो भी तरीका मैं आप लोगों को बताता हूँ उसमें आप सब को आगे बढ़ना चाहिए। आपके पास स्वयं के लिए इंतज़ाम करने का कोई तरीका नहीं है, और आप स्वयं का नियन्त्रण करने में असमर्थ हैं; सब कुछ परमेश्वर की दया पर छोड़ दिया जाना चाहिए, और हर एक चीज़ उसके हाथों के द्वारा नियन्त्रित होती है।

11 अक्टू॰ 2018

तड़प

  • आराधना गीत
  • तड़प

  •  
  • I
  • हे प्रभु!
  • अंधेरी दुनिया है, हुकूमत है शैतान की।
  • लम्बी रात और लम्बी होती जा रही है।
  • सच्चे परमेश्वर में आस्था का पथ,
  • और जीवन का अनुसरण मुश्किल हो रहा है।
  • चीनी साम्यवादी दल तलाश में है हमारी,
  • ढाह रहा है ज़ुल्म परमेश्वर के लोगों पर।
  • गिरफ्तार कर रहे हैं, वो दे रहे हैं यातना हमें।
  • परिजन हमारे समझ पाते नहीं।
  • पड़ोसी करते बदनाम उड़ाते हँसी हमारी,
  • और दुनिया भी हमको ठुकराती।
  • सहता हूँ दुख-दर्द, पुकारता हूँ प्रभु को,
  • हे यीशु दो सामर्थ मुझे, दो सामर्थ मुझे।

20 सित॰ 2018

क्या तुम परमेश्वर के एक सच्चे विश्वासी हो?

क्या तुम परमेश्वर के एक सच्चे विश्वासी हो?


हो सकता है कि परमेश्वर में तुम्हारे विश्वास की यात्रा एक या दो वर्ष पुरानी हो, और हो सकता है कि इन वर्षों से अधिक भी हो जिसमें तुमने कठिनाइयों को देखा हो; या शायद तुम कठिनाइयों में होकर ही न गए हो और इसके बजाय अत्यधिक अनुग्रह को प्राप्त किया हो। ऐसा भी हो सकता है कि तुमने न ही कठिनाइयों का और न ही अनुग्रह का अनुभव किया हो, परन्तु इसके बजाए बहुत ही साधारण सा जीवन व्यतीत किया हो। चाहे कुछ भी हो, फिर भी तुम परमेश्वर के एक अनुयायी हो, इसलिए आओ उसके पीछे चलने के बारे में बातचीत करें। हालांकि, मैं उन सभी को जो यह वचन पढ़ रहे हैं यह बताना चाहता हूं कि वे सभी जो परमेश्वर को स्वीकारते और उसका अनुसरण करते हैं, परमेश्वर का वचन उनके लिये है, परन्तु वृहत तौर पर सभी लोगों के लिए नहीं, इनमें वे भी हैं जो परमेश्वर का स्वीकार नहीं करते। यदि तुम यह विश्वास करते हो कि परमेश्वर भीड़ से बातचीत कर रहा है, संसार के सभी लोगों से, तो परमेश्वर के वचन का प्रभाव तुम्हारे जीवन पर कुछ भी नहीं पड़ेगा। इसलिए, तुम्हें इन सभी वचनों को अपने हृदय के समीप रखना है, और उनके प्रभाव से अपने आप को बाहर नहीं करना है। जो भी हो, आओ हमारे घरों में क्या होता है उस पर बातचीत करें।

11 सित॰ 2018

हम हैं सबसे अधिक धन्य

  • हम हैं सबसे अधिक धन्य

  •  
  • I
  • है सब परमेश्वर का अनुग्रह कि हम देख सकते हैं उसकी सुंदरता,
  • कि आज हम करते हैं उसे प्रेम करने की कोशिश,
  • कि हम चाहते हैं स्वीकार करना
  • हमारे समय के राज्य का प्रशिक्षण।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...