- हम हैं सबसे अधिक धन्य
- I
- है सब परमेश्वर का अनुग्रह कि हम देख सकते हैं उसकी सुंदरता,
- कि आज हम करते हैं उसे प्रेम करने की कोशिश,
- कि हम चाहते हैं स्वीकार करना
- हमारे समय के राज्य का प्रशिक्षण।
- है ये सब परमेश्वर का अनुग्रह,
- जिससे करता है वो हमारा उत्थान।
- जब मैं सोचता हूं इस बारे में,
- मुझे होता है परमेश्वर की सुंदरता का एहसास।
- परमेश्वर सच में करता है हमें प्यार,
- वरना हमें होता न यह एहसास, यह एहसास।
- II
- यह सब है योजना परमेश्वर की।
- परमेश्वर ने बहुत पहले अंतिम दिनों में
- हमें हासिल करना पूर्वनियत किया था,
- ताकि पूरा ब्रह्मांड हम में देख पाए परमेश्वर की महिमा।
- हम हैं परमेश्वर की योजना का फल, उसके काम का प्रतीक।
- परमेश्वर का वचन और जो काम वो हम में करता है,
- सभी बीते हुए युगों से लाख गुना अधिक है।
- इज़राइल में नहीं, पतरस के साथ भी नहीं,
- परमेश्वर ने कभी किया नहीं इतना काम,
- परमेश्वर ने नहीं इतना कहा, नहीं इतना कहा।
- जब मैं सोचता हूं इस बारे में,
- मुझे होता है परमेश्वर की सुंदरता का अहसास।
- परमेश्वर सच में करता है हमें प्यार, वरना हमें होता न यह अहसास।
- यह दिखाता है हम हैं धन्य
- संतों से अधिक, दूसरों से ज़्यादा।
- परमेश्वर कहता है हमेशा अंतिम दिनों के लोग हैं धन्य।
- यह दिखाता है हम हैं धन्य, हम हैं धन्य, हम हैं धन्य, हम हैं धन्य।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- और पढ़ें: सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया - सुसमाचार गवाही
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