12 सित॰ 2018

यातनाओं के दौरान सिर्फ़ विजयी लोग अडिग रहते हैं

  • यातनाओं के दौरान सिर्फ़ विजयी लोग अडिग रहते हैं

  •  
  • I
  • राज्य के युग में,
  • मानवता हो जाएगी पूरी,
  • राज्य के युग में हो जाएगी पूरी तरह से पूर्ण।
  • जब विजय का काम हो जाएगा पूरा,
  • तो गुज़रेंगे वे शुद्धिकरण और यातना से,
  • जब विजय हो जाएगी पूरी।
  • जो होंगे विजयी,
  • इस यातना से गुज़रकर देंगे जो गवाही,
  • वही हैं जो अंत में
  • किए जाएंगे पूर्ण, बनेंगे वही विजयी।
  • II
  • इन सभी यातनाओं के दौरान,
  • इंसान के शुद्धिकरण की होती है उम्मीद।
  • यह है परमेश्वर के काम का अंतिम चरण,
  • परमेश्वर के प्रबंधन कार्य की समाप्ति से पहले
  • अंतिम बार जब होता है इंसान का शुद्धिकरण।
  • जो करते हैं अनुसरण, उन्हें करना होगा इस परीक्षा को स्वीकार।
  • जो होंगे विजयी,
  • इस यातना से गुज़रकर देंगे जो गवाही,
  • वही हैं जो अंत में
  • किए जाएंगे पूर्ण, बनेंगे वही विजयी।
  • III
  • जो लोग करेंगे यातना का सामना,
  • होगी नहीं उनके पास परमेश्वर की रहनुमाई, आत्मा का काम।
  • लेकिन परमेश्वर की तलाश में जिन पर की जाएगी विजय प्राप्त,
  • वे रहेंगे खड़े।
  • परमेश्वर कुछ भी करे,
  • उनका दर्शन रहेगा उनके पास,
  • गवाही देते हुए, करेंगे वे सत्य का अभ्यास।
  • यही होंगे जो निकलेंगे आगे यातना से।
  • यही होंगे वो,
  • जिनमें होगी मानवता,
  • जो सच में करते होंगे परमेश्वर से प्यार।
  • जो होंगे विजयी,
  • इस यातना से गुज़रकर देंगे जो गवाही,
  • वही हैं जो अंत में
  • किए जाएंगे पूर्ण, बनेंगे वही विजयी।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से

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