- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- सच्चाई से जी कर ही तू दे सकता है गवाही
- I
- सत्य है जिनमें, वे ही ऐसे लोग हैं जो अपने अनुभव में,
- मज़बूती से दे सकते हैं गवाही,
- खड़े रह सकते हैं डटकर, परमेश्वर के पक्ष में,
- कभी हटते नहीं पीछे, मौत आने तक मानते हैं हुक्म परमेश्वर का,
- बनाए रखते हैं सामान्य रिश्ता उनसे, जो प्रेम करते हैं परमेश्वर से।
- असल ज़िंदगी में तेरा अमल और अभिव्यक्ति
- हैं गवाही परमेश्वर की।
- जिसे इंसान को चाहिये जीना।
- यही है असल में परमेश्वर के प्यार का आनन्द लेना।
- जब पहुँचेगा तू यहाँ, तो हासिल होगा उपयुक्त नतीजा।