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7 दिस॰ 2018

सफलता या असफलता उस पथ पर निर्भर होती है जिस पर मनुष्य चलता है


अधिकांश लोग अपनी भविष्य की नियति के लिए, या अल्पकालिक आनन्द के लिए परमेश्वर में विश्वास करते हैं। क्योंकि ऐसे लोग जो किसी व्यवहार से होकर नहीं गुज़रे हैं, परमेश्वर में उनका विश्वास स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए, एवं प्रतिफल अर्जित करने के लिए होता है। यह सिद्ध किए जाने के लिए, या परमेश्वर के किसी प्राणी के कर्तव्य को निभाने के लिए नहीं होता है। कहने का तात्पर्य है कि अधिकांश लोग अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाने के लिए, या अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए परमेश्वर में विश्वास नहीं करते हैं। अर्थपूर्ण ज़िन्दगियों को जीने के लिए बिरले ही लोग परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, और न ही ऐसे लोग हैं जो विश्वास करते हैं कि जबसे मनुष्य जीवित है, उन्हें परमेश्वर से प्रेम करना चाहिए क्योंकि यह स्वर्ग की व्यवस्था है और पृथ्वी का सिद्धान्त है कि ऐसा करें, और यह मनुष्य का स्वाभाविक पेशा है।

27 नव॰ 2018

दस प्रशासनिक आज्ञाएँ जिनका परमेश्वर के चयनित लोगों द्वारा राज्य के युग में पालन अवश्य किया जाना चाहिए



दस प्रशासनिक आज्ञाएँ जिनका परमेश्वर के चयनित लोगों द्वारा राज्य के युग में पालन अवश्य किया जाना चाहिए
1.मनुष्य को स्वयं को बड़ा नहीं ठहराना चाहिए, और न ही अपने आपको ऊँचा ठहराना चाहिए। उसे परमेश्वर की आराधना करनी चाहिए और परमेश्वर को ऊँचा ठहराना चाहिए।
2. तुम्हें ऐसा कुछ भी करना चाहिए जो परमेश्वर के कार्य के लिए लाभदायक हो, और ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जो परमेश्वर के कार्य के लिए हानिकारक हो। तुम्हें परमेश्वर के नाम, परमेश्वर की गवाही, और परमेश्वर के कार्य का समर्थन करना चाहिए।

26 नव॰ 2018

केवल वही जो परमेश्वर को जानते हैं, उसकी गवाही दे सकते हैं



केवल वही जो परमेश्वर को जानते हैं, उसकी गवाही दे सकते हैं

यह स्वर्ग का नियम और पृथ्वी का सिद्धांत है कि परमेश्वर पर विश्वास किया जाए और उसको जाना जाए, और आज - इस युग के दौरान जब देहधारी परमेश्वर स्वयं अपना कार्य करता है - यह परमेश्वर को जानने के लिए विशेष अच्छा समय है। परमेश्वर को संतुष्ट करना उसकी इच्छा को समझने पर आधारित है, और परमेश्वर की इच्छा को जानने के लिए, परमेश्वर को अच्छी तरह से जानना आवश्यक है। परमेश्वर की यह जानकारी एक दर्शन है जो एक विश्वासी के पास होना चाहिए; यह परमेश्वर में मनुष्य के विश्वास का आधार है।

25 अग॰ 2018

हे परमेश्वर, तेरे प्यार के काबिल नहीं मैं


  • आराधना गीत
  • हे परमेश्वर, तेरे प्यार के काबिल नहीं मैं
  •  
  • I
  • इतने आँसू बहाए ख़ुद की ख़ातिर,
  • इतना दुख सहा मैंने ख़ुद की ख़ातिर।
  • कितने ही लम्बे रास्तों पर चला हूँ मैं ख़ुद की ख़ातिर।
  • कितनी बार गिना है नफ़ा-नुकसान मैंने।
  • कितनी बार ख़्वाहिशें चूर-चूर हुई हैं।
  • कितनी बार सोचा छोड़ दूँ परमेश्वर को मैं।
  • मगर अपनी उंगलियों में लेकर उंगलियां मेरी,
  • उसकी मोहब्बत मुझे कस के थाम लेती है,
  • निष्क्रियता से दूर मुझे ले जा रही है,
  • एक बार में एक कदम दूर मुझे ले जा रही है।
  • कितनी बार कोशिशें करता हूँ जाने की मगर,
  • उसकी मोहब्बत मुझे कस के थाम लेती है।
  • खंडित कर देते हैं मेरी रूह को वचन उसके,
  • शर्म से मैं कहीं मुंह छुपा नहीं पाता हूँ।

25 जुल॰ 2018

Hindi Christian Family Movie | बच्चे, घर लौट आओ | God Saved a Young Gaming Addict

Hindi Christian Family Movie | बच्चे, घर लौट आओ | God Saved a Young Gaming Addict


लाइ शिंगुआंग वरिष्ठ हाई स्कूल का छात्र है। बहुत छोटी उम्र में वह एक समझदार और सुशील लड़का था। उसके माता-पिता और शिक्षक उसको बहुत चाहते थे। माध्यमिक शाला में जाते समय वह इंटरनेट कंप्यूटर खेलों में आसक्त हो गया था। वह इंटरनेट कैफे जाने के लिए अक्सर अपनी कक्षाएं छोड़ने लगा। उसके माता-पिता ने उसकी इंटरनेट गेमिंग की लत छुड़वाने में उसकी मदद करने की भरसक कोशिश की। दुर्भाग्य से लाइ शिंगुआंग की लत बुरी से और अधिक बुरी हो गयी। वह हतोत्साहित हो गया और धीरे-धीरे एक बदमाश लड़के में बदल गया.....।

16 जून 2018

Hindi Gospel Song "दो हज़ार सालों की अभिलाषा" | Meeting Christ

Hindi Gospel Song "दो हज़ार सालों की अभिलाषा" | Meeting Christ

कि परमेश्वर ने किया है देहधारण हिल उठता है धार्मिक संसार, होती है परेशान धार्मिक व्यवस्था, और उन सभी की आत्मा होती है उद्वेलित जिनको है अभिलाषा परमेश्वर के प्रकटन की। होता मोहित इस पर कौन नहीं?

8 जून 2018

परमेश्वर के कथन "तुम विश्वास के विषय में क्या जानते हो?" What Is True Faith in God?(Hindi)

परमेश्वर के कथन "तुम विश्वास के विषय में क्या जानते हो?" What Is True Faith in God?(Hindi)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "इसलिए मैं कहता हूँ कि मनुष्य मुझ पर विश्वास करता है क्योंकि मैं बहुत अनुग्रह रखता हूँ, और प्राप्त करने के लिए और भी बहुत कुछ है। मेरे अनुग्रह के कारण यहूदी मुझ पर विश्वास करते थे, और जहाँ कहीं मैं जाता था मेरा अनुसरण करते थे। सीमित ज्ञान और अनुभव के ये निर्बुद्धि मनुष्य केवल उन चिन्हों और चमत्कारों की खोज करते थे जो मैं प्रकट करता था।

2 जून 2018

The True Meaning of Faith in God | Hindi Gospel Movie Trailer | "परमेश्वर में आस्था"

The True Meaning of Faith in God | Hindi Gospel Movie Trailer | "परमेश्वर में आस्था"

यू कोंगगुआंग सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया के लिए सुसमाचार देता है। सुसमाचार देते समय चीन की साम्यवादी सरकार उसके पीछे लगी रहती थी। वह पहाड़ों में भाग गया, जहाँ उसे स्थानीय गृह कलीसिया के एक सहकर्मी, झेंग सुन से मदद मिली। जब वे पहली बार एक दूसरे से मिले, उन्हें ऐसा लगा कि वे पहले ही बहुत समय से एक दूसरे को जानते हैं। झेंग सुन, यू कोंगगुआंग को एक फूस की झोपड़ी में ले गए जहाँ वह और उनके सह-कर्मी इकट्ठे हुए।

30 मार्च 2018

Worship God in Spirit and in Truth | Hindi Christian Worship Song | "प्रार्थना का महत्व"

Worship God in Spirit and in Truth | Hindi Christian Worship Song | "प्रार्थना का महत्व"

प्रार्थनाएँ वह मार्ग होती हैं जो जोड़ें मानव को परमेश्वर से,
जिससे वह पुकारे पवित्र आत्मा को 
और प्राप्त करे स्पर्श परमेश्वर का।
जितनी करोगे प्रार्थना, उतना ही स्पर्श पाओगे,
प्रबुद्ध होगे और मन में शक्ति आएगी।
ऐसे ही लोगों को मिल सकती है पूर्णता शीघ्र ही,
शीघ्र ही, शीघ्र ही, शीघ्र ही।
तो जो ना करे प्रार्थना वह है जैसे मृत बिना आत्मा के।
ना मिले स्पर्श परमेश्वर का, 
ना कर सके अनुपालन परमेश्वर के कार्यों के।
जो नहीं करोगे प्रार्थना तो छूट जाएगा सामान्य आत्मिक जीवन,
नहीं पाओगे परमेश्वर का साथ; वो तुमको अपनाएगा नहीं,
वो तुमको अपनाएगा नहीं।

जितनी करोगे प्रार्थना, उतना ही स्पर्श पाओगे,
प्रबुद्ध होगे और मन में शक्ति आएगी।
ऐसे ही लोगों को मिल सकती है पूर्णता शीघ्र ही,
ऐसे ही लोगों को मिल सकती है पूर्णता शीघ्र ही,
शीघ्र ही, शीघ्र ही, शीघ्र ही, शीघ्र ही।
"मसीह की बातचीतों के अभिलेख" से

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...