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4 अप्रैल 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II परमेश्वर का धर्मी स्वभाव भाग एक



स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II परमेश्वर का धर्मी स्वभाव भाग एक

परमेश्वर का धर्मी स्वभाव     भाग एक


तुम सब परमेश्वर के अधिकार के बारे में पिछली सभा में सुन चुके हो, अब मैं आश्वस्त हूं कि तुम सब उस मुद्दे पर शब्दों की व्यूह रचना के साथ पूर्ण रूप से सुसज्जित हो गए हो। तुम सब कितना अधिक स्वीकार कर सकते हो, आभास कर सकते और समझ सकते हो यह इस पर निर्भर करता है कि तुम सब उसके लिए कितना प्रयास करोगे। यह मेरी आशा है कि तुम सब इस मुद्दे तक बड़े उत्साह से पहुंच सको; तुम लोगों को किसी भी कीमत पर इसके साथ अधूरे मन से व्यवहार नहीं करना चाहिए। अब, क्या परमेश्वर के अधिकार को जानना परमेश्वर की सम्पूर्णता को जानने के समान है? कोई कह सकता है कि परमेश्वर के अधिकार को जानना स्वयं अद्वितीय परमेश्वर को जानने की शुरुआत है, और कोई यह भी कह सकता है कि परमेश्वर के अधिकार को जानने का अर्थ है कि किसी ने स्वयं अद्वितीय परमेश्वर की हस्ती को जानने हेतु पहले से ही द्वार के भीतर कदम रख दिया है। यह समझ परमेश्वर को जानने का एक भाग है। दूसरा भाग क्या है? यह वह विषय है जिसके बारे मैं आज विचार विमर्श करना चाहूंगा - परमेश्वर का धर्मी स्वभाव।

2 अप्रैल 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांच



स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांचपरमेश्वर का अधिकार (I)     भाग पांच


नीचे दिए गए वचन परमेश्वर के अधिकार को जानने के लिए अति आवश्यक हैं, और उन का अर्थ नीचे सभा के विचार विमर्श में दिया गया है। आओ हम निरन्तर पवित्र शास्त्र को पढ़ते रहें।
4. शैतान को परमेश्वर की आज्ञा
(अय्यूब 2:6) यहोवा ने शैतान से कहा, "सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना।"
शैतान ने कभी सृष्टिकर्ता के अधिकार का उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं की है, और इसी वजह से, सभी जीवित प्राणी व्यवस्था के अनुसार रहते हैं

यह अय्यूब की पुस्तक में से एक लघु अंश है, और इन वचनों में "वह " शब्द अय्यूब की ओर संकेत करता है। हालांकि यह वाक्य छोटा सा है, फिर भी यह वाक्य बहुत सारे विषयों पर प्रकाश डालता है। यह आत्मिक संसार में परमेश्वर और शैतान के बीच वार्तालाप की व्याख्या करता है, और हमें यह बताता है कि परमेश्वर के वचनों का उद्देश्य शैतान था। यह इस बात को भी दर्शाता है कि यह वाक्य परमेश्वर द्वारा विशेष रूप से क्यों कहा गया था।

31 मार्च 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग चार


स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग चारपरमेश्वर का अधिकार (I)    भाग चार


सृष्टिकर्ता के अधिकार को समय, स्थान, या भूगोल द्वारा विवश नहीं किया जा सकता है, और न ही उसके अधिकारों का मूल्यांकन किया जा सकता है
आओ हम उत्पत्ति 22:17-18 को देखें। यह यहोवा परमेश्वर के द्वारा बोला गया एक और अंश है, जिसमें उसने अब्राहम से कहा, "इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूँगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर के बालू के समान अनगिनत करूँगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का अधिकारी होगा। और पृथ्वी की सारी जातियाँ अपने को तेरे वंश के कारण धन्य मानेंगीः क्योंकि तू ने मेरी बात मानी है।" यहोवा परमेश्वर ने अब्राहम को कई बार आशीष दी कि उसके वंश के लोग बहुगुणित होंगे - और किस सीमा तक बहुगुणित होंगे? उस सीमा तक जितना पवित्र शास्त्र में लिखा हैः "आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर के बालू के समान।" कहने का तात्पर्य है कि परमेश्वर अब्राहम को आकाश के तारों के समान अनगिनित, और समुद्र के तीर के रेत के किनकों के समान ढेर सारा वंश देना चाहता था।

17 जन॰ 2019

जीतने वाले कार्य का भीतरी सत्य" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग दो भाग दो


आज तुम्हें मालूम होना चाहिये कि तुम पर विजय कैसे हो, और लोग खुद पर विजय उपरांत अपना आचरण कैसा रखते हैं। तुम यह कह सकते हो कि तुम पर विजय पा ली गयी है, पर क्या तुम मृत्युपर्यंत आज्ञाकारी रहोगे? संभावनाओं की परवाह किए बगैर तुम में पूरे अंत तक अनुसरण करने की क्षमता होनी चाहिए और तुम्हें किसी भी परिस्थिति में परमेश्वर पर विश्वास नहीं खोना चाहिए। अतंतः तुम्हें गवाही के दो पक्ष प्राप्त करने हैं: अय्यूब की गवाही-मृत्यु तक आज्ञाकारिता और पतरस की गवाही - परमेश्वर का सर्वोच्च प्रेम। एक मामले में तुम्हें अय्यूब की तरह होना चाहिए, उसके पास कुछ भी सांसारिक संसाधन नहीं थे और शारीरिक पीड़ा से वह घिरा हुआ था, तब भी उसने यहोवा का नाम नहीं त्यागा। यह अय्यूब की गवाही थी।

5 जन॰ 2019

"कार्य और प्रवेश" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग पांच



मनुष्य की प्रविष्टि में तब ही सुधार आएगा जब परिवर्तन उसके दिल की गहराई में होगा, क्योंकि परमेश्वर का कार्य मनुष्य का—वह मनुष्य जिसे छुड़ा लिया गया है, जो अभी भी अंधेरे की शक्तियों के बीच रहता है, और जिसने कभी भी स्वयं को जगाया नहीं है—राक्षसों के एकत्रित होने के इस स्थान से पूर्ण उद्धार है; यह हो सकता है कि मनुष्य सदियों के पापों से मुक्त हो जाए, और परमेश्वर का चहेता बन जाए, और बड़े लाल अजगर को पूरी तरह से मार डाले, परमेश्वर के राज्य को स्थापित करे, और परमेश्वर के दिल को जल्द आराम पहुँचाए, यह बिना किसी रोकटोक के उस घृणा को अपने सीने से निकाल देना है, उन फफुंद से ढके रोगाणुओं को हटा देना है, तुम लोगों के लिए इस जीवन को छोड़ पाना संभव करना है जो एक बैल या घोड़े के जीवन से कुछ अलग नहीं, एक दास बनकर रहना छोड़ देना है, बड़े लाल अजगर से स्वतंत्रता से कुचले जाने या उसकी आज्ञा मानने को त्याग देना है; अब तुम लोग इस असफल राष्ट्र का हिस्सा नहीं रहोगे, अब घृणित बड़े लाल अजगर से नहीं जुड़े रहोगे, अब तुम लोग उसके दास नहीं रहोगे।

4 जन॰ 2019

"कार्य और प्रवेश" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग छे


सृष्टि से लेकर अब तक, परमेश्वर ने इतनी पीड़ा सहन की है, और इतने सारे हमलों का सामना किया है। पर आज भी, मनुष्य परमेश्वर से अपनी माँगे कम नहीं करता है, वह आज भी परमेश्वर की जाँच करता है, आज भी उसमें उसके प्रति कोई सहिष्णुता नहीं है, और उसे सलाह देने, आलोचना करने और अनुशासित करने के अलावा मनुष्य और कुछ भी नहीं करता है, जैसे कि उसे गहरा भय हो कि परमेश्वर भटक जाएगा, कि पृथ्वी पर परमेश्वर पाशविक और अनुचित है, या दंगा कर रहा है, या वह कुछ भी काम का न रह जाएगा। मनुष्य का परमेश्वर के प्रति हमेशा इस तरह का रवैया रहा है। यह कैसे परमेश्वर को दुखी नहीं करता?

16 नव॰ 2018

केवल वह जो परमेश्वर के कार्य को अनुभव करता है वही परमेवर में सच में विश्वास करता है



केवल वह जो परमेश्वर के कार्य को अनुभव करता है वही परमेवर में सच में विश्वास करता है

यद्यपि बहुत से लोग परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, किंतु बहुत कम लोग समझते हैं कि परमेश्वर पर विश्वास करने का अर्थ क्या है, और परमेश्वर के मन के अनुरूप बनने के लिये उन्हें क्या करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि यद्यपि लोग "परमेश्वर" शब्द और "परमेश्वर का कार्य" जैसे वाक्यांश से परिचित हैं, किंतु वे परमेश्वर को नहीं जानते हैं, और उससे भी कम वे उसके कार्य को जानते हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि तब वे सभी जो परमेश्वर को नहीं जानते हैं, वे दुविधायुक्त विश्वास रखते हैं। लोग परमेश्वर पर विश्वास करने को गंभीरता से नहीं लेते हैं, क्योंकि परमेश्वर पर विश्वास करना उनके लिये अत्यधिक अनजाना और अजीब है।

12 नव॰ 2018

"बाइबल के विषय में" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग दो



"बाइबल के विषय में" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग दो
8. बाइबल को पुराना नियम और नया नियम भी कहते हैं। क्या तुम जानते हो कि "नियम" किसे संदर्भित करता है? "पुराने नियम" में "नियम" इस्राएल के लोगों के साथ बांधी गई परमेश्वर की वाचा से आता है जब उसने मिस्रियों को मार डाला था और इस्राएलियों को फिरौन से बचाया था। हाँ वास्तव में, मेमने का लहू इस वाचा का प्रमाण था जिसे दरवाज़ों की चौखट के ऊपर पोता गया था, जिसके द्वारा परमेश्वर ने मनुष्य के साथ एक वाचा बांधी थी, एक ऐसी वाचा जिसमें कहा गया था कि वे सभी लोग जिनके दरवाज़ों के ऊपर और अगल बगल मेमने का लहू लगा हुआ हो वे इस्राएली हैं, वे परमेश्वर के चुने हुए लोग हैं, और उन सभी को परमेश्वर के द्वारा बख्श दिया जाएगा (क्योंकि यहोवा उस समय मिस्र के पहिलौठे पुत्रों और भेड़ों और पशुओं के पहिलौठों को मारने ही वाला था)।

15 अग॰ 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सहस्राब्दि राज्य आ चुका है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सहस्राब्दि राज्य आ चुका है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "पृथ्वी पर सहस्राब्दि राज्य का आगमन ही पृथ्वी पर परमेश्वर के वचनों का आगमन है। नए यरूशलेम का स्वर्ग से अवरोहण मनुष्य के बीच में रहने, मनुष्य की प्रत्येक क्रिया और उसके अंतरतम विचारों में साथ देने के लिए, परमेश्वर के वचन का आगमन है। यह भी एक सत्य है जिसे, और सहस्राब्दि राज्य के अद्भुत दृश्य को परमेश्वर पूर्ण करेगा। यह परमेश्वर के द्वारा निर्धारित योजना हैः उसके शब्द एक हज़ार वर्षों तक पृथ्वी पर प्रकट होंगे और वे उसके सभी कर्मों को व्यक्त करेंगे और पृथ्वी पर उसके समस्त कार्य को पूर्ण करेंगे, जिसके बाद मानवजाति के इस चरण का अंत हो जाएगा।"

14 अग॰ 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग एक)

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)" (भाग एक)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट हुआ से आगे जारी" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: पहले दिन, परमेश्वर के अधिकार के कारण मानवजाति के दिन और रात उत्पन्न हुए और स्थिर बने हुए हैं दूसरे दिन, परमेश्वर के अधिकार ने मनुष्य के जीवित रहने के लिए जल का प्रबन्ध किया, और आसमान, और अंतरीक्ष को बनाया तीसरे दिन, परमेश्वर के वचनों ने पृथ्वी और समुद्रों की उत्पत्ति की, और परमेश्वर के अधिकार ने संसार को जीवन से लबालब भर दिया

27 जून 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए"


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "बीते समयों में, अनेक लोग मनुष्य की महत्वाकांक्षा और धारणाओं के साथ मनुष्य की आशाओं के लिए आगे बढ़े। अब इन मामलों पर चर्चा नहीं की जाएगी। कुंजी है अभ्यास का ऐसा ढंग खोजना जो तुम में से हर एक को परमेश्वर के सम्मुख एक सामान्य स्थिति बनाये रखने और धीरे-धीरे शैतान के प्रभाव की बेड़ियों को तोड़ डालने में सक्षम करे, ताकि तुम परमेश्वर को प्राप्त हो सको और पृथ्वी पर वैसे जियो जैसे परमेश्वर तुमसे चाहता है।

14 जून 2018

जो सच्चे हृदय से परमेश्वर के आज्ञाकारी हैं वे निश्चित रूप से परमेश्वर के द्वारा ग्रहण किए जाएँगे

जो सच्चे हृदय से परमेश्वर के आज्ञाकारी हैं वे निश्चित रूप से परमेश्वर के द्वारा ग्रहण किए जाएँगे

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और परमेश्वर के कार्य के प्रति समर्पण एक समान हैं। जो केवल परमेश्वर के प्रति समर्पित होते हैं लेकिन उसके कार्य के प्रति समर्पित नहीं होते हैं उन्हें आज्ञाकारी नहीं माना जा सकता है, और उन्हें तो बिल्कुल भी नहीं माना जा सकता है जो सचमुच में समर्पण नहीं करते हैं, और बाहरी तौर पर वे चापलूस हैं।

7 जून 2018

New Hindi Christian Song 2018 | यीशु के प्रति फ़रीसियों के विरोध का मूल कारण


New Hindi Christian Song 2018 | यीशु के प्रति फ़रीसियों के विरोध का मूल कारण

यीशु के प्रति फ़रीसियों के विरोध का मूल कारण जानना चाहोगे फरीसी, यीशु के ख़िलाफ़ क्यों थे? जानना चाहोगे उनका सार-तत्व क्या है? जानना चाहोगे फरीसी, यीशु के ख़िलाफ़ क्यों थे? जानना चाहोगे उनका सार-तत्व क्या है? बस उनके ख़्यालों में था मसीहा, यकीं करते थे, आयेगा वो इक दिन, खोजते नहीं ज़िंदगी की सच्चाई।

The Word of the Holy Spirit | परमेश्वर के कथन "क्या तुम परमेश्वर के एक सच्चे विश्वासी हो?" (Hindi)

The Word of the Holy Spirit | परमेश्वर के कथन "क्या तुम परमेश्वर के एक सच्चे विश्वासी हो?" (Hindi)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "तुम लोग केवल स्वर्ग के अनदेखे परमेश्वर को चाहते हो और भय मानते हो और धरती पर जीते-जागते मसीह के लिए कोई सम्मान नहीं है। क्या यह भी तुम्हारा अविश्वास नहीं है? तुम सब केवल अतीत में कार्य करने वाले परमेश्वर के लिए लालायित रहते हो परन्तु आज के मसीह का सामना तक नहीं करते। ये हमेशा से "विश्वास" है जो तुम्हारे हृदय में घुलमिल जाता है, जो आज के मसीह पर विश्वास नहीं करता। मैं तुम्हारे महत्व को कम करके नहीं आंकता, क्योंकि तुम्हारे भीतर अत्यधिक अविश्वास है, तुम लोगों में बहुत ज्यादा अशुद्धि है और इसे काटकर अलग करना आवश्यक है।

4 जून 2018

Hindi Christian Movie "बदलाव की घड़ी" | How to Be Raptured Into the Kingdom of Heaven (Hindi Dubbed)

Hindi Christian Movie "बदलाव की घड़ी" | How to Be Raptured Into the Kingdom of Heaven (Hindi Dubbed)

सू मिंग्यू मुख्य-भूमि चीन में एक गृह कलीसिया में उपदेशिका हैं। वर्षों से वे प्रभु की धर्मनिष्ठ सेविका रही हैं, जो प्रभु के लिए उपदेश देने का कार्य करती हैं और कलीसिया के कार्य का भार उठाने पर ज़ोर देती हैं। वे बाइबल में पौलुस के कथन पर चलती हैं, यह समझते हुए कि केवल प्रभु में विश्वास कर लेने मात्र से धार्मिक कहलाया जा सकता है और अनुग्रह द्वारा रक्षा मिल सकती है। हालांकि मनुष्य अब भी निरंतर पाप करता है, परंतु उसके पाप प्रभु द्वारा क्षमा किये जा चुके हैं, और प्रभु के लौटने पर उसकी छवि उसी पल बदल कर पवित्र कर दी जायेगी उसे स्वर्ग के राज्य में आरोहित कर लिया जाएगा।

2 जून 2018

The True Meaning of Faith in God | Hindi Gospel Movie Trailer | "परमेश्वर में आस्था"

The True Meaning of Faith in God | Hindi Gospel Movie Trailer | "परमेश्वर में आस्था"

यू कोंगगुआंग सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया के लिए सुसमाचार देता है। सुसमाचार देते समय चीन की साम्यवादी सरकार उसके पीछे लगी रहती थी। वह पहाड़ों में भाग गया, जहाँ उसे स्थानीय गृह कलीसिया के एक सहकर्मी, झेंग सुन से मदद मिली। जब वे पहली बार एक दूसरे से मिले, उन्हें ऐसा लगा कि वे पहले ही बहुत समय से एक दूसरे को जानते हैं। झेंग सुन, यू कोंगगुआंग को एक फूस की झोपड़ी में ले गए जहाँ वह और उनके सह-कर्मी इकट्ठे हुए।

20 मार्च 2018

Hindi Christian Song "परमेश्वर मानता है इंसान को अपना सबसे प्रिय" | God Is Love

Hindi Christian Song "परमेश्वर मानता है इंसान को अपना सबसे प्रिय"| God Is Love

परमेश्वर मानता है इंसान को अपना सबसे प्रिय परमेश्वर ने इंसान को बनाया। चाहे इंसान हो गया दूषित या चले उसके पीछे, परमेश्वर के लिए इंसान है दुलारा, या इंसान के शब्दों में परमेश्वर का सबसे प्यारा प्रियजन।

18 मार्च 2018

Hindi Best Christian Song | सबसे बड़ी आशीष जो ईश्वर मानव को प्रदान करता है

Hindi Best Christian Song | सबसे बड़ी आशीष जो ईश्वर मानव को प्रदान करता है

परमेश्वर के शब्दों के समापन के साथ, उसका साम्राज्य है बन रहा। फिर से मानव के होने से सामान्य, प्रभु का साम्राज्य बना। साम्राज्य में रहते परमेश्वर के जन, फिर पाओगे तुम मनुष्योचित जीवन। आज, तुम जीते हो प्रभु के समक्ष; उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।

15 मार्च 2018

Hindi Christian Song | "परमेश्वर का प्रेम और सार हमेशा से रहा है निस्वार्थ" | The Great Love of God

Hindi Christian Song | "परमेश्वर का प्रेम और सार हमेशा से रहा है निस्वार्थ"The Great Love of God

परमेश्वर का प्रेम और सार हमेशा से रहा है निस्वार्थ परमेश्वर देता है अपना सर्वोत्तम पक्ष। चीज़ें उत्तम, सर्वोत्तम चीज़ें देता है। बिना बताये, दुखों को बिना दिखाए, सहता है परमेश्वर प्रतीक्षा में ख़ामोशी से। न असहाय न सुन्न, न यह चिन्ह कमज़ोरी का, ईश्वर का सार और उसका प्रेम सदा ही निस्वार्थ है। परमेश्वर देता है अपना सर्वोत्तम पक्ष। चीज़ें उत्तम, सर्वोत्तम चीज़ें देता है।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...