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8 जुल॰ 2019

2. बचाए जाने और उद्धार के बीच सारभूत अंतर क्या है?

VI. अनुग्रह के युग में बचाए जाने और राज्य के युग में उद्धार पाने के बीच रहे अंतर की सच्चाई के पहलू पर हर किसी को अवश्य स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाहिए

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर की गवाही देते बीस सत्य,सर्वशक्तिमान परमेश्वर,परमेश्वर का उद्धार

2. बचाए जाने और उद्धार के बीच सारभूत अंतर क्या है?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)।
"इसलिये तुम पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूँ" (लैयव्यवस्था 11:45)।
परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
यद्यपि यीशु ने मनुष्यों के बीच अधिक कार्य किया है, उसने केवल समस्त मानवजाति के छुटकारे के कार्य को पूरा किया और वह मनुष्य की पाप-बलि बना, मनुष्य को उसके भ्रष्ट स्वभाव से छुटकारा नहीं दिलाया। शैतान के प्रभाव से मनुष्य को पूरी तरह बचाने के लिये यीशु को न केवल पाप-बलि के रूप में मनुष्यों के पापों को लेना आवश्यक था, बल्कि मनुष्य को उसके भ्रष्ट स्वभाव से पूरी तरह मुक्त करने के लिए परमेश्वर को और भी बड़े कार्य करने की आवश्यकता थी जिसे शैतान द्वारा भ्रष्ट कर दिया गया था। और इसलिए, मनुष्य को उसके पापों के लिए क्षमा कर दिए जाने के बाद, एक नये युग में मनुष्य की अगुवाई करने के लिए परमेश्वर वापस देह में लौटा, और उसने ताड़ना एवं न्याय के कार्य को आरंभ किया, और इस कार्य ने मनुष्य को एक उच्चतर क्षेत्र में पहुँचा दिया। वे सब जो परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन समर्पण करेंगे उच्चतर सत्य का आनंद लेंगे और अधिक बड़ी आशीषें प्राप्त करेंगे। वे वास्तव में ज्योति में निवास करेंगे, और सत्य, मार्ग और जीवन को प्राप्त करेंगे।
"वचन देह में प्रकट होता है" से

27 मार्च 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग एक के क्रम में



स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I  परमेश्वर का अधिकार (I)  भाग एक के क्रम में

परमेश्वर का अधिकार (I)    भाग एक के क्रम में


आओ हम बाईबिल से निम्नलिखित आयतों को पढ़ना प्रारम्भ करें।
1. परमेश्वर सभी चीज़ों की सृष्टि करने के लिए वचनों को उपयोग करता है
1) (उत्पत्ति 1:3-5) जब परमेश्वर ने कहा, "उजियाला हो", तो उजियाला हो गया। और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अंधियारे से अलग किया। और परमेश्वर ने उजियाले को दिन और अंधियारे को रात कहा। तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार पहला दिन हो गया।
2) (उत्पत्ति 1:6-7) फिर परमेश्वर ने कहा, "जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए।" तब परमेश्वर ने एक अन्तर कर उसके नीचे के जल को और उसके ऊपर के जल को अलग अलग किया; और वैसा ही हो गया।

26 मार्च 2019

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग एक



स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I)  भाग एक

परमेश्वर का अधिकार (I)     भाग एक

मेरी पिछली अनेक सभाएँ परमेश्वर के कार्य, परमेश्वर के स्वभाव, और स्वयं परमेश्वर के विषय में थीं। इन सभाओं को सुनने के बाद, क्या तुम लोगों को एहसास होता है कि तुम सबने परमेश्वर के स्वभाव की समझ और ज्ञान को प्राप्त किया है? कितनी बड़ी समझ और ज्ञान को प्राप्त किया है? क्या तुम लोग उसे एक संख्या दे सकते हो? क्या इन सभाओं ने तुम सभी को परमेश्वर की और गहरी समझ दी है? क्या ऐसा कहा जा सकता है कि यह समझ परमेश्वर का सच्चा ज्ञान है? क्या ऐसा कहा जा सकता है कि परमेश्वर का यह ज्ञान और समझ परमेश्वर के सम्पूर्ण सार-तत्व, और जो उसके पास है और जो वह है उसका ज्ञान है? नहीं, बिलकुल नहीं!

17 जन॰ 2019

जीतने वाले कार्य का भीतरी सत्य" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग दो भाग दो


आज तुम्हें मालूम होना चाहिये कि तुम पर विजय कैसे हो, और लोग खुद पर विजय उपरांत अपना आचरण कैसा रखते हैं। तुम यह कह सकते हो कि तुम पर विजय पा ली गयी है, पर क्या तुम मृत्युपर्यंत आज्ञाकारी रहोगे? संभावनाओं की परवाह किए बगैर तुम में पूरे अंत तक अनुसरण करने की क्षमता होनी चाहिए और तुम्हें किसी भी परिस्थिति में परमेश्वर पर विश्वास नहीं खोना चाहिए। अतंतः तुम्हें गवाही के दो पक्ष प्राप्त करने हैं: अय्यूब की गवाही-मृत्यु तक आज्ञाकारिता और पतरस की गवाही - परमेश्वर का सर्वोच्च प्रेम। एक मामले में तुम्हें अय्यूब की तरह होना चाहिए, उसके पास कुछ भी सांसारिक संसाधन नहीं थे और शारीरिक पीड़ा से वह घिरा हुआ था, तब भी उसने यहोवा का नाम नहीं त्यागा। यह अय्यूब की गवाही थी।

29 सित॰ 2018

हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अब पा लिया है मैंने तुम्हें

  • आराधना गीत


  •  
  • I
  • तुम्हें पाकर सारे ग़म बदल गए हैं ख़ुशियों में।
  • तुम्हारे वचनों को खा रहे हैं, पी रहे हैं, आनंद ले रहे हैं,
  • हर दिन हम तुम्हारे साथ जी रहे हैं।
  • तुम्हारा जीवन-जल दे रहा है पोषण हमें,
  • सबकुछ हम तुम से भरपूर पा रहे हैं।
  • वास्तविकता में हो प्रवेश या हो सत्य का ज्ञान,
  • सबकुछ निर्भर है तुम पर।
  • भाइयो, उनके राज्य में रहकर हम,
  • उनके वचनों को खाएँ-पीएँ और आनंद मनाएं।
  • ईक-दूजे को प्रेम करो बहनो।
  • ईक-दिल हों और रखें ध्यान परमेश्वर के दिल का।

19 अप्रैल 2018

Hindi Christian Song 2018 | चूँकि परमेश्वर मनुष्यों को बचाता है, वह उन्हें पूर्ण रूप से बचायेगा

Hindi Christian Song 2018 | चूँकि परमेश्वर मनुष्यों को बचाता है, वह उन्हें पूर्ण रूप से बचायेगा

चूँकि मानव को परमेश्वर ने बनाया, उसकी रहनुमाई वो करेगा; चूँकि वो उसे बचाता है, वो उसे पूरी तरह हासिल करेगा और बचायेगा; चूँकि वो करता है रहनुमाई मानव की, उसे सही मंज़िल तक भी वो लाएगा। चूँकि मानवों को सृजा था परमेश्वर ने, और उनका प्रबंधन भी वही करता है, उनके भविष्य और नियति की ज़िम्मेदारी भी लेनी होगी उसे अपने कांधों पे। यही है वो कार्य जो सृष्टिकर्ता करता है।

16 अप्रैल 2018

New Hindi Christian Official Song 2018 | परमेश्वर के दो देहधारणों के मायने

New Hindi Christian Official Song 2018 | परमेश्वर के दो देहधारणों के मायने

परमेश्वर के दो देहधारणों के मायने व्यवस्था युग के अंत के बाद, अनुग्रह के युग में, अपना उद्धार कार्य आरम्भ किया परमेश्वर ने। पहले देहधारण ने मानव को पाप से छुड़ाया यीशु मसीह के देह द्वारा। क्रूस से बचाया यीशु ने उसे पर, उसका शैतानी स्वभाव बना रहा।

14 अप्रैल 2018

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है (III) परमेश्वर का अधिकार (II)" (भाग 2)

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है (III) परमेश्वर का अधिकार (II)" (भाग 2)

इस वीडियो में परमेश्वर के वचन "वचन देह में प्रकट हुआ से आगे जारी" पुस्तक से हैं। इस वीडियो की सामग्री: एक मनुष्य के जीवन में छ: घटनाक्रम

5 अप्रैल 2018

"शहर परास्त किया जाएगा" (5) - परमेश्वर के क्रोध के तहत धार्मिक बेबीलोन का पतन तय है

"शहर परास्त किया जाएगा" (5) - परमेश्वर के क्रोध के तहत धार्मिक बेबीलोन का पतन तय है

The religious world wildly defies and condemns Almighty God, committing innumerable evil deeds, and they have become Satan's camp that sets itself against God. The great city of religious Babylon is destined to fall under the wrath of God!

4 अप्रैल 2018

"शहर परास्त किया जाएगा" (3) - फरीसियों के परमेश्वर का विरोध करने का सार क्या है?

"शहर परास्त किया जाएगा" (3) - फरीसियों के परमेश्वर का विरोध करने का सार क्या है?

For two thousand years, although all believers have known the fact that the Pharisees defied the Lord Jesus, no one in the whole religious world knows exactly what the root cause and essence of the Pharisees' defiance of God is. Only with the coming of Almighty God in the last days can the truth of this question be revealed.

3 अप्रैल 2018

Hindi Gospel Movie "शहर परास्त किया जाएगा" (2) - पाखंडी फरीसियों को श्राप क्यों लगा है?

          Hindi Gospel Movie "शहर परास्त किया जाएगा" (2) - पाखंडी फरीसियों को श्राप क्यों लगा है?

It is recorded in the Bible that the Lord Jesus condemned the Pharisees with the seven woes. Nowadays, the path walked by the pastors and elders of the religious world is that of the Pharisees and they similarly suffer God's detestation and rejection. So why did the Lord Jesus condemn and curse the Pharisees?

2 अप्रैल 2018

"शहर परास्त किया जाएगा" (1) - धार्मिक संसार का पतन बेबीलोन शहर के रूप में हो गया है

"शहर परास्त किया जाएगा" (1) - धार्मिक संसार का पतन बेबीलोन शहर के रूप में हो गया है

The leaders of the religious world stray from the Lord's way and follow worldly trends, they also cooperate with the ruling power's wild defiance and condemnation of the Eastern Lightning, and they have already begun to walk the path of opposition to God. The religious world has degenerated into the city of Babylon.

29 मार्च 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर अपनी 6,000 वर्षों कीप्रबंधन योजना के रहस्यों को प्रकट करते हैं।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर अपनी 6,000 वर्षों कीप्रबंधन योजना के रहस्यों को प्रकट करते हैं।

प्रभु यीशु ने स्वर्ग के साम्राज्य के रहस्यों को प्रकट किया, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर मानवजाति के बारे में परमेश्वर के 6,000-वर्षीय प्रबंधन के सभी रहस्यों को उजागर करने आए!

28 मार्च 2018

Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – हम परमेश्वर की वाणी को अलग से कैसे पहचान सकते हैं? (2)

Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – हम परमेश्वर की वाणी को अलग से कैसे पहचान सकते हैं? (2)


"जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है" (प्रकाशित वाक्य 2:29)। क्या आपने पवित्र आत्मा को कलीसियाओं से बात करते सुना है? क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर और प्रभु यीशु द्वारा कहे गए वचन एक ही आत्मा, एक ही स्रोत से बोले गए हैं? इस मूवी क्लिप से आपको इस बात का खुलासा हो जाएगा!

25 मार्च 2018

Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – हम परमेश्वर की वाणी को अलग से कैसे पहचान सकते हैं? (1)

Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – हम परमेश्वर की वाणी को अलग से कैसे पहचान सकते हैं? (1)


"जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है" (प्रकाशित वाक्य 2:29)। क्या आपने पवित्र आत्मा को कलीसियाओं से बात करते सुना है? क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर और प्रभु यीशु द्वारा कहे गए वचन एक ही आत्मा, एक ही स्रोत से बोले गए हैं? इस मूवी क्लिप से आपको इस बात का खुलासा हो जाएगा!

24 मार्च 2018

Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – उन लोगों का अंत जो प्रभु के दूसरे आगमन का प्रतिरोध करते हैं

Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – उन लोगों का अंत जो प्रभु के दूसरे आगमन का प्रतिरोध करते हैं

वह भला कैसे प्रभु को प्रकट होते देख सकता है और उसके बावजूद प्रभु के दूसरे आगमन से इन्कार कर सकता है? यह कैसे हो सकता है कि वह हमेशा प्रभु के आगमन का ध्यान रखे और प्रतीक्षा करे, किन्तु अपनी मृत्यु के समय अपने पीछे जीवन भर का पछतावा छोड़ जाए? इस मूवी क्लिप में आपको इसका उत्तर मिलेगा।

23 मार्च 2018

केवल वे ही लोग स्वर्ग के साम्राज्य में प्रवेश करने योग्य हैं जो परमेश्वर की इच्छा का पालन करेंगे।

केवल वे ही लोग स्वर्ग के साम्राज्य में प्रवेश करने योग्य हैं जो परमेश्वर की इच्छा का पालन करेंगे।


स्वर्ग के साम्राज्य में किस तरह के व्यक्ति का आरोहणहोगा? प्रभु यीशु ने कहा है: "जो मुझसे,‘हे प्रभु! हे प्रभु! कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)। लेकिन कुछ लोग यह मानते हैं कि स्वर्गिक पिता की इच्छा के अनुसार कार्य करने का अर्थ केवल प्रभु के नाम के प्रति निष्ठावान होना, श्रमपूर्वक उसकी सेवा करना और सलीब धारण करने की पीड़ा सहना है, और यदि हम यह सब कार्य करेंगे, तो स्वर्ग के साम्राज्य में आरोहित होने के लिए हमें केवल इसी तरह प्रभु के दूसरे आगमन को देखने और प्रतीक्षा करने की जरूरत है।!--more--> क्या ये विचार प्रभु की अपेक्षाओं के अनुरूप हैं? इस क्लिप से आप यह बात जानेंगे।

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

22 मार्च 2018

"प्रतीक्षारत" – चतुर कुंवारी "सच्चे मसीह" और "झूठे मसीहों" के बीच अन्तर कर सकती है

             "प्रतीक्षारत" – चतुर कुंवारी "सच्चे मसीह" और "झूठे मसीहों" के बीच अन्तर कर सकती है

प्रभु के दूसरे आगमन का सामना होने पर, क्या आप झूठे मसीहों से इतने भयभीत हो जाएंगे कि आप अपनी रक्षा के लिए द्वार ही बंद कर लेंगे और प्रभु के प्रकटन की प्रतीक्षा करेंगे, या आप चतुर कुंवारी की तरह आचरण करेंगे, और परमेश्वर की वाणी पर ध्यान देंगे और प्रभु की वापसी का अभिनंदन करेंगे? इस वीडियो में आपको यह बताया जाएगा कि प्रभु के दूसरे आगमन का स्वागत कैसे करें।

10 मार्च 2018

Hindi Christian Song | "देहधारी परमेश्वर सबसे प्रिय है" | How Great Is the Love of God

Hindi Christian Song | "देहधारी परमेश्वर सबसे प्रिय है" | How Great Is the Love of God

देहधारी परमेश्वर सबसे प्रिय है परमेश्वर ने देह बनकर, इंसानों के बीच रहकर, देखी उनकी बुराई, और हालात ज़िंदगी के। देहधारी परमेश्वर ने महसूस कीं इंसान की मजबूरियां, इंसान की दयनीयता, इंसान का दुख-दर्द। देह में परमेश्वर अपने सहज-ज्ञान से, हो गये ज़्यादा दयालु मानव की हालत के लिये, हो गये ज़्यादा चिंतित अपने भक्तों के लिये।

8 मार्च 2018

Hindi Christian Song | परमेश्वर की सारी सृष्टि उसकी प्रभुता के अधीन होनी चाहिए

Hindi Christian Song | परमेश्वर की सारी सृष्टि उसकी प्रभुता के अधीन होनी चाहिए

परमेश्वर की सारी सृष्टि उसकी प्रभुता के अधीन होनी चाहिए परमेश्वर ने बनाया सब कुछ, और इसलिए वह सृष्टि को लेता है, अधीन अपने, और झुकाता आगे अपने प्रभुत्व के। आदेश वो देता है सब को, हाथों में लेकर नियंत्रण।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...