29 सित॰ 2018

हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अब पा लिया है मैंने तुम्हें

  • आराधना गीत


  •  
  • I
  • तुम्हें पाकर सारे ग़म बदल गए हैं ख़ुशियों में।
  • तुम्हारे वचनों को खा रहे हैं, पी रहे हैं, आनंद ले रहे हैं,
  • हर दिन हम तुम्हारे साथ जी रहे हैं।
  • तुम्हारा जीवन-जल दे रहा है पोषण हमें,
  • सबकुछ हम तुम से भरपूर पा रहे हैं।
  • वास्तविकता में हो प्रवेश या हो सत्य का ज्ञान,
  • सबकुछ निर्भर है तुम पर।
  • भाइयो, उनके राज्य में रहकर हम,
  • उनके वचनों को खाएँ-पीएँ और आनंद मनाएं।
  • ईक-दूजे को प्रेम करो बहनो।
  • ईक-दिल हों और रखें ध्यान परमेश्वर के दिल का।
  • II
  • हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर, जब पा लूँ तुम्हें,
  • तो मेरा दिल पा जाएगा संतोष।
  • अहंकार हो, सुविधा हो या शोहरत हो,
  • छोड़ दिए दुनिया के मैंने सुख सारे।
  • हे प्रिय परमेश्वर, सत्य का ही अनुसरण करूंगा,
  • उसी को पूरा पाने की ख़ातिर संघर्ष मैं करूंगा।
  • तुम्हारे वचनों पर जीऊँ, शैतान पर विजय पाऊँ,
  • और प्राप्त तुम्हें मैं हो जाऊँ।
  • भाइयो, उनके राज्य में रहकर हम,
  • उनके वचनों को खाएँ-पीएँ और आनंद मनाएं।
  • ईक-दूजे को प्रेम करो बहनो।
  • ईक-दिल हों और रखें ध्यान परमेश्वर के दिल का।
  • III
  • परमेश्वर के कदमों पर चलना है,
  • और उनके घर में ही सदा रहना है।
  • सत्य, मार्ग और जीवन प्रदान किये जाते हैं हमें।
  • अगर खोजें हम पूरे सच को,
  • और प्यार करें सच्चे मन से परमेश्वर को,
  • तो सर्वशक्तिमान का मुस्कुराता चेहरा,
  • अपनी ज्योति बिखराएगा हम सब पर।
  • तो भाइयो, उनके राज्य में रहकर हम,
  • उनके वचनों को खाएँ-पीएँ और आनंद मनाएं।
  • ईक-दूजे को प्रेम करो बहनो।
  • ईक-दिल हों और रखें ध्यान परमेश्वर के दिल का,
  •  
  • "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से

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XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...