28 सित॰ 2018

पतरस की छवि - विजय का ध्वज

  • आराधना गीत
  • पतरस की छवि - विजय का ध्वज

  •  
  • I
  • देह में प्रकट होने वाला वचन परमेश्वर स्वयं है।
  • वही है असली सच्चा परमेश्वर हमारी आंखों के सामने।
  • कई युगों पहले, अंत के दिनों में, उसने तय किया मेरा जन्म।
  • उसने जीता, बचाया, जीवन दिया मुझे।
  • परमेश्वर के साथ इस परम प्यार को मज़बूत करता हूं मैं,
  • अंत के दिनों में पतरस की छवि दिखाई देती है।
  • परमेश्वर की रचनात्मक शक्ति है असीमित,
  • अपनी छवि में नए लोग बनाए हैं उसने।
  • कुछ भी हो, व्यावहारिक परमेश्वर के पीछे चलने का संकल्प है मेरा।
  • जब तक जान नहीं लेता परमेश्वर को, मैं विश्राम न करूंगा।
  • उसके लिए पीड़ा सह न पाऊं अगर,
  • तो इंसान कहलाने के लायक नहीं मैं।
  • शर्मिंदिगी होगी, उसके प्यार को चुका पाऊं न अगर।
  • II
  • तुम कहते हो और होता है वही,
  • तुम देते हो जो आदेश, वो होता है दृढ़।
  • तुम्हारे वचन है कई गुना और बिना अंत।
  • तुम हमेशा हो नए, कभी पुराने नहीं, कितने हो तुम अद्भुत।
  • तुम्हारा काम है ज़बरदस्त शक्तिमान।
  • मानव जाति की पापी प्रकृति का किया तुमने न्याय,
  • उनमें शैतान के बदसूरत चेहरे को रख दिया है सामने।
  • कोई भी तुम्हारे सामने खड़ा हो नहीं सकता।
  • मसीह ने दुश्मन ताक़तों को किया है दूर।
  • कुछ भी हो, व्यावहारिक परमेश्वर के पीछे चलने का संकल्प है मेरा।
  • जब तक जान नहीं लेता परमेश्वर को, मैं विश्राम न करूंगा।
  • उसके लिए पीड़ा सह न पाऊं अगर,
  • तो इंसान कहलाने के लायक नहीं मैं।
  • शर्मिंदिगी होगी, उसके प्यार को चुका पाऊं न अगर।
  • III
  • मुझमें तुम्हारे काम की महानता की कोई तुलना नहीं।
  • तुम्हारी कृपा कभी मापी जा सकती नहीं।
  • तुमने बर्दाश्त और माफ़ किया मेरे विद्रोह को,
  • तुम दे रहे हो उद्धार कार्य और प्यार में अनंत कृपा।
  • अपमानित और शर्मिंदा, छिपने की कोई जगह नहीं।
  • गंदगी की मुट्ठी के अलावा कुछ नहीं मैं।
  • हांकने के लिए कुछ बचा नहीं मेरे पास।
  • मेरा दिल जीत लिया गया, ज़मीन पर गिर गया हूं मैं।
  • कुछ भी हो, व्यावहारिक परमेश्वर के पीछे चलने का संकल्प है मेरा।
  • जब तक जान नहीं लेता परमेश्वर को, मैं विश्राम न करूंगा।
  • उसके लिए पीड़ा सह न पाऊं अगर,
  • तो इंसान कहलाने के लायक नहीं मैं।
  • शर्मिंदिगी होगी, उसके प्यार को चुका पाऊं न अगर।
  • IV
  • तुम्हारी पूर्ण सुंदरता की करता हूं मैं सराहना।
  • अपनी दरिद्रता, नीचता से नफ़रत है मुझे।
  • देखता हूं मैं कि तुम्हारे जीवन की कमी है मुझमें।
  • स्वर्ग और पृथ्वी की तरह, हम तुलना नहीं कर सकते।
  • तुम्हें जानकर, मैं जीवन खोजना चाहता हूं।
  • तुम्हारे वचनों के अनुसार जीकर मैं सच में हूं धन्य।
  • जीवन को समझा है मैंने तुम्हारे काम से।
  • देखा है मैंने, मैं हूं बहुत दूषित तुम्हारी सेवा करने के लिए।
  • मृत्यु तक करूंगा परमेश्वर की आज्ञा का पालन।
  • देह और आत्मा देकर करूंगा उसे पूरी तरह से प्यार।
  • परमेश्वर का महान काम खिल चुका है पूरी तरह।
  • परमेश्वर ने पाई है महिमा।
  • पतरस की छवि हुई है प्रकट दोबारा।
  • V
  • अपने लिए घृणा के कारण मैं कुछ और कह सकता नहीं।
  • मानूंगा आज्ञा, दूंगा बलिदान, चुपचाप करूंगा परमेश्वर से प्रेम।
  • अब मैं अपना सारा प्यार करता हूं पेश, सब परमेश्वर के लिए,
  • उसके लिए एक अच्छा गवाह होकर है ख़ुशी मुझे।
  • जीवन के रहस्य हैं खोजने के लायक।
  • परमेश्वर से करके प्यार, उसे जानकर, जीवन है नहीं व्यर्थ।
  • पतरस की छवि को दो पनपने।
  • परमेश्वर की उम्मीदों को न कुचलने का संकल्प लेता हूं मैं।
  • मृत्यु तक करूंगा परमेश्वर की आज्ञा का पालन।
  • देह और आत्मा देकर करूंगा उसे पूरी तरह से प्यार।
  • परमेश्वर का महान काम खिल चुका है पूरी तरह।
  • परमेश्वर ने पाई है महिमा।
  • पतरस की छवि हुई है प्रकट दोबारा।
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  • "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से
  • और पढ़ें: सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया - यीशु का दूसरा आगमन - अवतरण

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XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...