स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I परमेश्वर का अधिकार (I) भाग चार के क्रम मेंपरमेश्वर का अधिकार (I) भाग चार के क्रम में
सभी चीज़ों व प्राणियों के ऊपर सृष्टिकर्ता के नियन्त्रण और प्रभुत्व की सच्चाई सृष्टिकर्ता के अधिकार के सच्चे अस्तित्व के विषय में बोलते हैं
उसी प्रकार से, अय्यूब के ऊपर यहोवा की आशीष अय्यूब की पुस्तक में दर्ज है। परमेश्वर ने अय्यूब को क्या दिया था? "और यहोवा ने अय्यूब के पिछले दिनों में उसको अगले दिनों से अधिक आशीष दी; और उसके चौदह हज़ार भेड़ बकरियाँ, छः हज़ार ऊँट, हज़ार जोड़ी बैल, और हज़ार गदहियाँ हो गईं" (अय्यूब 42:12)। मनुष्य के नज़रिए से, अय्यूब को दी गई ये चीज़ें क्या थीं? क्या वे मनुष्य की सम्पत्ति थी? इन सम्पत्तियों के द्वारा क्या अय्यूब उस युग में बहुत अधिक धनी हो गया था? उसे ऐसी सम्पत्तियाँ कैसे प्राप्त हुईं थीं? उसका धन कैसे बढ़ा था? यहाँ पर यह बात कही नहीं जा रही है कि परमेश्वर की आशीष के लिए धन्यवाद जिस से अय्यूब ने इन सम्पत्तियों को प्राप्त किया? अय्यूब इन सम्पत्तियों को किस नज़रिए से देखता था, और वह परमेश्वर की आशीषों को किस प्रकार महत्व देता था, ये वो बातें नहीं हैं जिन के भीतर हम जाएँगे। जब भी परमेश्वर की आशीषों की बात होती है, सभी लोग दिन और रात परमेश्वर से आशीषित होने की लालसा करते हैं, परन्तु मनुष्य के पास इसके ऊपर नियन्त्रण नहीं होता है कि वह अपने जीवनकाल के दौरान कितनी सम्पत्तियाँ प्राप्त कर सकता है, और यह कि वह परमेश्वर से आशीषों को प्राप्त करेगा भी कि नहीं - और यह एक निर्विवादित सत्य है!