8 सित॰ 2018

सत्य के लिए तुम्हें सब कुछ त्याग देना चाहिए

  • सत्य के लिए तुम्हें सब कुछ त्याग देना चाहिए

  •  
  • I
  • सच्चाई के रास्ते पर मुश्किलों का सामना करना होगा तुम्हें।
  • देना होगा ख़ुद को पूरी तरह तुम्हें।
  • सहना होगा अपमान, गले लगानी होगी और पीड़ा।
  • हासिल करने के लिए ज़्यादा सच्चाई करना होगा ऐसा।
  • जो भी सुंदर है उसे पाने की कोशिश करनी होगी तुम्हें।
  • जो भी अच्छा है उसे पाने की कोशिश करनी होगी तुम्हें,
  • जीवन की सार्थक राह पाने की कोशिश करनी होगी तुम्हें।
  • सच्चाई के लिए सभी सुखों को त्याग दो, देह को त्याग दो।
  • II
  • एक शांतिपूर्ण पारिवारिक जीवन के लिए,
  • सच्चाई को तुम छोड़ना नहीं,
  • सत्यनिष्ठा और गरिमा बनाकर रखनी होगी तुम्हें।
  • कुछ पल के सुखों के लिए इसे छोड़ न देना।
  • जो भी सुंदर है उसे पाने की कोशिश करनी होगी तुम्हें।
  • जो भी अच्छा है उसे पाने की कोशिश करनी होगी तुम्हें,
  • जीवन की सार्थक राह पाने की कोशिश करनी होगी तुम्हें।
  • सच्चाई के लिए सभी सुखों को त्याग दो, देह को त्याग दो।
  • III
  • सिर्फ़ आनंद के लिए सभी सत्यों को छोड़ न देना।
  • गर बिना उद्देश्य घिनौने तरीके से आगे बढ़ोगे तुम,
  • तो क्या जीवन बर्बाद नहीं होगा तुम्हारा?
  • जो भी सुंदर है उसे पाने की कोशिश करनी होगी तुम्हें।
  • जो भी अच्छा है उसे पाने की कोशिश करनी होगी तुम्हें,
  • जीवन की सार्थक राह पाने की कोशिश करनी होगी तुम्हें।
  • सच्चाई के लिए सभी सुखों को त्याग दो, देह को त्याग दो।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...