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23 सित॰ 2017

चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास: पर्दा उठता है

चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास: पर्दा उठता है

वर्ष 1949 में मेनलैण्ड चीन में सत्ता में आने के बाद से, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी धार्मिक आस्था का निरंतर उत्पीड़न करने में लगी रही है। पागलपन में यह ईसाइयों को बंदी बना चुकी है और उनकी हत्या कर चुकी है, चीन में काम कर रहे मिशनरियों को निष्काषित कर चुकी है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा चुका है, बाइबल की अनगिनत प्रतियां जब्त कर जला दी गयीं हैं, कलीसिया की इमारतों को सीलबंद कर दिया गया है और ढहाया जा चुका है, और सभी गृह कलीसिया को जड़ से उखाड़ फैंकने का प्रयास किया जा चुका है। यह वृत्तचित्र फिल्म एक चीनी ईसाई, सोंग शाओलान की अचानक हुई रहस्मयी मौत का वर्णन करती है - एक ऐसी मौत जिसके लिए सीसीपी पुलिस लगातार असंगत और विवादित बयान देती रही। जांच के बाद, सोंग परिवार को मालूम पड़ा कि पुलिस पूरी तरह से झूठ बोल रही थी। सोंग परिवार के एक रिश्तेदार को पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो में काम कर रहे एक परिचित से पता चला कि परमेश्वर में विश्वास और अपनेकर्तव्यों के निष्पादन के परिणाम स्वरूप सोंग शाओलान की सीसीपी पुलिस द्वारा गुप्त रूप से निगरानी की जा रही थी। पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर इतना मारा कि उसकी मृत्यु हो गई। आरोप से बचने के लिए, पुलिस ने सोंग शाओलान की मौत की झूठी कहानी गढ़ी और सच्चाई पर पर्दा डाल दिया....

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

22 सित॰ 2017

चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास: भोर होने से पहले घना अँधेरा

चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास: भोर होने से पहले घना अँधेरा

वर्ष 1949 में मेनलैण्ड चीन में सत्ता में आने के बाद से, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी धार्मिक आस्था का निरंतर उत्पीड़न करने में लगी रही है। पागलपन में यह ईसाइयों को बंदी बना चुकी है और उनकी हत्या कर चुकी है, चीन में काम कर रहे मिशनरियों को निष्काषित कर चुकी है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा चुका है, बाइबल की अनगिनत प्रतियों को जब्त कर नष्ट किया जा चुका है, कलीसिया की इमारतों को सीलबंद कर दिया गया है और ढहाया जा चुका है, और सभी गृह कलीसिया को जड़ से उखाड़ फैंकने का प्रयास किया जा चुका है। यह वृत्तचित्र एक चीनी ईसाई, यांग हुइजी के वास्तविक अनुभव का वर्णन करती है, जिसे सीसीपी सरकार द्वारा गिरफ़्तार किया गया, यातनाएं दी गईं, और परमेश्वर में उसके विश्वास की वजह से उसे प्रताड़ित कर मार दिया गया। यांग हुइजी की मृत्यु के बाद, सीसीपी सरकार ने झूठा दावा किया कि उसकी मृत्यु दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई थी। उसका परिवार उसकी मौत का न्याय चाहता था, लेकिन सीसीपी की धमकियों की वजह से अंततः वे इतने डर गये कि उन्हें चुप होकर बैठना पड़ा।

21 सित॰ 2017

चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास: अपराधी कौन है?



चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास: अपराधी कौन है?

       वर्ष 1949 में मेनलैण्ड चीन में सत्ता में आने के बाद से, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी धार्मिक आस्था का निरंतर उत्पीड़न करने में लगी रही है। पागलपन में यह ईसाइयों को बंदी बना चुकी है और उनकी हत्या कर चुकी है, चीन में काम कर रहे मिशनरियों को निष्काषित कर चुकी है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा चुका है, बाइबल की अनगिनत प्रतियों को जब्त कर नष्ट किया जा चुका है, कलीसिया की इमारतों को सीलबंद कर दिया गया है और ढहाया जा चुका है, और सभी गृह कलीसिया को जड़ से उखाड़ फैंकने का प्रयास किया जा चुका है। यह वृत्तचित्र एक चीनी ईसाई, झाउ हाइजांग के वास्तविक अनुभव को दर्शाता है, जिसे परमेश्वर में उसके विश्वास और कर्तव्य के निष्पादन की वजह से सीसीपी सरकार ने गिरफ़्तार किया, उस पर अत्याचार किये और उसके साथ बुरा बर्ताव कर उसकी हत्या कर दी। झाउ हाइजांग की मृत्यु के बाद, सीसीपी सरकार द्वारा उसके परिवार पर भी नज़र रखी गयी, उन्हें धमकाया और डराया गया। न केवल वे उसकी मौत का न्याय दिलाने में असमर्थ रहे बल्कि, सीसीपी के अत्याचार ने उन्हें भी परेशानी में डाल दिया।

24 जुल॰ 2017

Hindi Movie Trailer "चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास" | Follow God by the Way of the Cross


Hindi Movie Trailer "चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास" | Follow God by the Way of the Cross


       चीन में धार्मिक उत्‍पीड़न का इतिहास के इस वृतचित्र में मुख्‍य रूप से मुख्यभूमि चीन के ऐसे दो ईसाइयों की सच्‍ची कहानी के बारे में बताया गया है, जिन्हें उनकी आस्‍था के कारण सीसीपी सरकार द्वारा यातना देकर मौत के घाट उतार दिया गया था। यह फिल्‍म चीनी ईसाइयों के सीसीपी सरकार के हाथों उत्‍पीड़न के अनुभवों का एक यथार्थ, निष्‍पक्ष निरूपण है, जो चीनी र्इसाइयों के धार्मिक विश्‍वास की स्‍वतंत्रता और मानवीय अधिकारों के सीसीपी द्वारा कुचले जाने की वर्तमान स्थिति पर गहन चिंतन प्रस्तुत करता है। यह फिल्म सीसीपी सरकार द्वारा अनगिनत चीनी ईसाइयों और ईसाइयों के रिश्‍तेदारों के दमन और अत्‍याचार का एक स्नैपशॉट है। यह उन सच्ची परिस्थितियों को देखने का एक झरोखा भी है जिनमें चीनी ईसाई और उनके परिवार के सदस्य जीवित रह रहे हैं।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...