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24 नव॰ 2018

तुझे अपने भविष्य मिशन से कैसे निपटना चाहिए



तुझे अपने भविष्य मिशन से कैसे निपटना चाहिए

क्या तू परमेश्वर के किसी युग विशिष्ट स्वभाव को ऐसी उचित भाषा में अभिव्यक्त कर सकता है जिसका युग में महत्व हो? परमेश्वर के कार्य के अपने अनुभव से, क्या तू परमेश्वर के स्वभाव का वर्णन विस्तार से कर सकता है? तू कैसे सटीक रूप से, उचित रूप से उसका वर्णन कर सकता है? जिसके माध्यम से, दूसरे तेरे अनुभवों के बारे में सीख सकें। तू दयनीय, बेचारे और धार्मिकता के भूखे प्यासे धर्मी भक्त विश्वासियों के साथ, जो तेरी चरवाही की आस लगाए बैठे हैं, अपने दर्शनों और अनुभवों को कैसे बांटेगा? किस प्रकार के पात्र तेरी प्रतीक्षा में हैं कि तू उनकी चरवाही करे? क्या तू कल्पना कर सकता है? क्या तू अपने कधों पर बोझ, अपने महान आदेश और अपनी उत्तरदायित्व के प्रति जागृत है?

12 मार्च 2018

क्या बाइबल की व्याख्या करना परमेश्वर का गुणगान करने और उनके लिए गवाही देने के समान है?





"शहर परास्त किया जाएगा" (4) - क्या बाइबल की व्याख्या करना परमेश्वर का गुणगान करने और उनके लिए गवाही देने के समान है?

Most people throughout the entire religious world believe that those who are most able to explain the Bible are people who know God, and that if they can also interpret the Bible's mysteries and explain prophecies, then they are people who conform to God's will, and they exalt and bear witness to God.

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...