7 जून 2019

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VI परमेश्वर की पवित्रता (III)" (भाग दो)

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VI परमेश्वर की पवित्रता (III)" (भाग दो)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: “प्रसिद्धि एवं लाभ के लिए मनुष्य के लोभी खोज के साथ, वे निरन्तर वैज्ञानिक अन्वेषण एवं गहरे अनुसंधान को क्रियान्वित करते रहते हैं, तो वे लगातार अपनी स्वयं की भौतिक आवश्यकताओं एवं काम वासना को संतुष्ट करते रहते हैं; फिर मनुष्य के लिए इसके क्या नतीजे हैं? सबसे पहले अब आगे से कोई पर्यावरणीय संतुलन नहीं रहा और, इसके साथ ही साथ, इस प्रकार के वातावरण के द्वारा समस्त मानवजाति के शरीरों को दूषित एवं क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, और विभिन्न संक्रमित रोग, विपदाएँ, एवं धुंध हर जगह फैल गई है। यह ऐसी स्थति है जिस पर अब मनुष्य का कोई नियन्त्रण नहीं है, क्या यह सही नहीं है? अब तुम लोग इसे समझते हो, यदि मानवजाति परमेश्वर का अनुसरण नहीं करती है, परन्तु इस रीति से हमेशा शैतान का अनुसरण करती रहती है—अपने आपको लगातार समृद्ध करने के लिए ज्ञान का उपयोग करती है, बिना रुके मानवीय जीवन के भविष्य की खोज करने के लिए विज्ञान का उपयोग करती है, निरन्तर जीवन बिताते रहने के लिए इस प्रकार की पद्धति का उपयोग करती है—तो क्या तुम लोग पहचानने में समर्थ हो कि मानवजाति का स्वाभाविक अन्त क्या होगा? स्वाभाविक अंतिम परिणाम क्या होगा? (बर्बादी।) यह बर्बादी होगीः एक समय में एक कदम बढ़ाकर बर्बादी की ओर पहुँचना! एक समय में एक कदम के लिए दृष्टिकोण!”अनुशंसित:अंतिम दिनों के मसीह के कथन “परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I” (भाग दो)

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

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1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...