सबसे पहले, परमेश्वर ने आदम और हव्वा का सृजन किया, और उसने साँप का भी सृजन किया। सभी चीज़ों में साँप सर्वाधिक विषैला था; उसकी देह में विष था, और शैतान उस विष का उपयोग करता था। यह साँप ही था जिसने पाप करने के लिए हव्वा को प्रलोभित किया। हव्वा के बाद आदम ने पाप किया, और तब वे दोनों अच्छे और बुरे के बीच भेद करने में समर्थ हो गए थे। यदि यहोवा जानता था कि साँप हव्वा को प्रलोभित करेगा और हव्वा आदम को प्रलोभित करेगी, तो उसने उन सबको एक ही वाटिका के भीतर क्यों रखा?
घर
- घर
- परमेश्वर के वचन के भजन
- राज्य एमवी सीरीज
- गायक-मंडली एकल
- सुसमाचार गायक मंडली
- नृत्य और गाने के वीडियो
- सुसमाचार फिल्में
- ए कैप्पेला संगीत वीडियो श्रृंखला
- स्तुति गीत का वीडियो
- अंतिम दिनों के मसीह के कथन- संकलन
- वचन देह में प्रकट होता है
- मसीह की बातचीतों के अभिलेख
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन
- भजन के आॅडियो
- कलीसिया जीवन पर फिल्म के अंश
- सुसमाचार मूवी ट्रेलर
- धार्मिक उत्पीड़न मूवी श्रृंखला
- पाठ्य-सामग्री
स्वर्ग लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
स्वर्ग लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
11 दिस॰ 2018
10 दिस॰ 2018
मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग एक
मनुष्य आज के कार्य एवं भविष्य के कार्य के विषय में थोड़ा बहुत ही जानता है, परन्तु वह उस मंज़िल को नहीं समझता जिसमें मानवजाति प्रवेश करेगी। एक प्राणी होने के नाते, मनुष्य को एक प्राणी के कर्तव्य को निभाना चाहिएः जो कुछ परमेश्वर करता है उसमें उसे उसका अनुसरण करना चाहिए, और जो भी तरीका मैं आप लोगों को बताता हूँ उसमें आप सब को आगे बढ़ना चाहिए। आपके पास स्वयं के लिए इंतज़ाम करने का कोई तरीका नहीं है, और आप स्वयं का नियन्त्रण करने में असमर्थ हैं; सब कुछ परमेश्वर की दया पर छोड़ दिया जाना चाहिए, और हर एक चीज़ उसके हाथों के द्वारा नियन्त्रित होती है। यदि परमेश्वर के कार्य ने मनुष्य को एक अन्त, एक बेहतरीन मंज़िल, एवं आधुनिकतम चीज़ प्रदान की होती, और यदि परमेश्वर ने मनुष्य को लुभाने और उससे उसका अनुसरण करवाने के लिए इसका उपयोग किया होता - यदि उसने मनुष्य के साथ कोई सौदा किया होता - तो यह विजय नहीं होती, न ही यह मनुष्य के जीवन में काम करने के लिए होता।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?
XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...
-
आराधना गीत मेरा घर कहां है I अपने नन्हें काग़ज़ पर रंगों से, नन्हा-सा घर बनाती हूं मैं, प्यारी मम्मी घर में है,...
-
परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है परमेश्वर भिन्न-भिन्न युगों के अनुसार अपने वचन कहता है और अपना कार्य करता है, तथा ...
-
Hindi Christian Song | मेरा घर कहां है (Lyrics) अपने नन्हें काग़ज़ पर रंगों से, नन्हा-सा घर बनाती हूं मैं, प्यारी मम्मी घर में है, ...