31 अक्टू॰ 2018

परमेश्वर ने बचाया है मुझे


परमेश्वर ने बचाया है मुझे

  • I
  • परमेश्वर ने बचाया है मुझे।
  • मानव सा देहधारी हुआ, सह कर आँधी-तूफान,
  • मनुष्यों में छिप कर, कोई उसे न जान सका।
  • मुझे बचाने को न्याय किया, शुद्ध करने को ताड़ना दिया;
  • जिसमें दर्द मैंने सहे।
  • मैंने दिल से ईश्वर को किया प्यार,
  • उसकी करुणा, अनुग्रह का आनंद लिया।
  • बिन परमेश्वर के उद्धार के,
  • मेरा अंत – तन्हाई और विनाश है और बिन अनुग्रह के है।
  • बिन परमेश्वर के उद्धार के,
  • मेरा अंत – तन्हाई और विनाश है और बिन अनुग्रह के है।
  • बिन परमेश्वर के मैं हो सकती नहीं; आज मैं यहाँ नहीं हो सकती थी।
  • परमेश्वर ने बचाया है मुझे, हाँ!
  • बिन परमेश्वर के मैं हो सकती नहीं; आज मैं यहाँ नहीं हो सकती थी।
  • परमेश्वर ने बचाया है मुझे, हाँ! परमेश्वर की मैं करूंगी सदा आराधना।
  • II
  • परमेश्वर ने की बात और जगाया मुझे, उसके कार्य ने बदला है मुझे।
  • उसने मुझे जीवन दिया, मैं दिल से धन्यवाद देती हूँ।
  • उसे कितना मैं सच्चा प्यार देना चाहती हूँ!
  • अधर्म के काम अब भी मेरे अंदर हैं,
  • फिर भी मैंने देखी है उसकी सुंदरता।
  • चाहे कुछ भी हो परीक्षण, उसे छोड़ुंगी ना मैं।
  • परवाह की खुद की और कभी उसे न चाहा।
  • उसे दिया कष्ट और रुलाया, मैंने तोड़ा दिल परमेश्वर का।
  • नफ़रत है अपने भ्रष्ट स्वभाव से।
  • उसे आराम देने की मैं कोशिश करूंगी।
  • उसे आराम देने की मैं कोशिश करूंगी।
  • बिन परमेश्वर के उद्धार के,
  • मेरा अंत – तन्हाई और विनाश है और बिन अनुग्रह के है।
  • बिन परमेश्वर के उद्धार के,
  • मेरा अंत – तन्हाई और विनाश है और बिन अनुग्रह के है।
  • बिन परमेश्वर के मैं हो सकती नहीं; आज मैं यहाँ नहीं हो सकती थी।
  • परमेश्वर ने बचाया है मुझे, हाँ!
  • बिन परमेश्वर के मैं हो सकती नहीं; आज मैं यहाँ नहीं हो सकती थी।
  • परमेश्वर ने बचाया है मुझे, हाँ!
  • परमेश्वर की मैं करूंगी सदा आराधना।
  • बिन परमेश्वर के मैं हो सकती नहीं; आज मैं यहाँ नहीं हो सकती थी।
  • परमेश्वर ने बचाया है मुझे, हाँ!
  • बिन परमेश्वर के मैं हो सकती नहीं; आज मैं यहाँ नहीं हो सकती थी।
  • परमेश्वर ने बचाया है मुझे, हाँ! परमेश्वर की मैं करूंगी सदा आराधना।
  •  
  • "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से
  • Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-Hindi Christian Song 

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1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...