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13 अक्टू॰ 2018

इरादा पक्का है परमेश्वर के अनुसरण का

  • आराधना गीत

  •  
  • I
  • परमेश्वर में आज तक आस्था रखकर,
  • आख़िर देख ली है रोशनी मैंने।
  • यातना और तकलीफ़ों की पथरीली राह पर चली हूँ मैं।
  • तज दिया संसार ने मुझको, दोस्त भी दूर-दूर रहते हैं।
  • न जाने कितनी रातें प्रार्थना में, जागकर गुज़ारी हैं मैंने।
  • ग़म और ख़ुशी के न जाने, कितने आँसू बहाए हैं मैंने।
  • दौड़ती रहती हूँ दिनभर, चैन कहीं न पाया मैंने।
  • आज़ादी महज़ नाम को है,
  • इंसान का हक न देखा मैंने।
  • शैतान से बेइंतिहा नफ़रत है मुझे,
  • मसीह आए, संभाले सत्ता, इंतज़ार है मुझे।
  • इंसानी ज़िंदगी की रोशनी तलाश करूँ मैं,
  • दुनिया की बुराई और अंधेरे, मजबूर कर रहे हैं मुझे।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...