- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- परमेश्वर के क्रोध का प्रतीकात्मक अर्थ
- I
- दी जाती है चुनौती जब परमेश्वर की गरिमा और पवित्रता को,
- जब धर्मी शक्तियाँ रोकी जाती हैं, इंसान द्वारा अनदेखी की जाती हैं,
- तब भेजता है परमेश्वर अपने क्रोध को।
- तब भेजता है परमेश्वर अपने क्रोध को।
- परमेश्वर के सार के कारण धरा की ताकतें सारी,
- जो करती मुकाबला और विरोध परमेश्वर का, बुरी हैं, वे अधर्मी हैं।
- वे सारी ताकतें शैतान की हैं और आती उसी से हैं।
- चूँकि परमेश्वर धर्मी है, प्रकाश है, पवित्र है,
- सभी शैतान की चीज़ें जो दूषित हैं, बुरी हैं,
- सभी हो जाएंगी ग़ायब यहां से, यहां से।