सर्वशक्तिमान ईश्वर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सर्वशक्तिमान ईश्वर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

30 सित॰ 2018

परमेश्वर के क्रोध का प्रतीकात्मक अर्थ

  • परमेश्वर के क्रोध का प्रतीकात्मक अर्थ

  •  
  • I
  • दी जाती है चुनौती जब परमेश्वर की गरिमा और पवित्रता को,
  • जब धर्मी शक्तियाँ रोकी जाती हैं, इंसान द्वारा अनदेखी की जाती हैं,
  • तब भेजता है परमेश्वर अपने क्रोध को।
  • तब भेजता है परमेश्वर अपने क्रोध को।
  • परमेश्वर के सार के कारण धरा की ताकतें सारी,
  • जो करती मुकाबला और विरोध परमेश्वर का, बुरी हैं, वे अधर्मी हैं।
  • वे सारी ताकतें शैतान की हैं और आती उसी से हैं।
  • चूँकि परमेश्वर धर्मी है, प्रकाश है, पवित्र है,
  • सभी शैतान की चीज़ें जो दूषित हैं, बुरी हैं,
  • सभी हो जाएंगी ग़ायब यहां से, यहां से।

24 सित॰ 2018

गरिमामय है सार परमेश्वर का

  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • गरिमामय है सार परमेश्वर का
  •  
  • I
  • परमेश्वर के सार का है एक हिस्सा प्यार, उसकी दया मिलती है सबको,
  • भूल जाते हैं लोग मगर, उसका एक हिस्सा गरिमा भी है।
  • परमेश्वर में प्यार है, मगर ये मायने नहीं इसके
  • कि ठेस पहुँचाई जा सकती है उसे,
  • और महसूस न हो उसे या प्रतिक्रिया न हो उसकी।
  • परमेश्वर को परिभाषित करने की ख़ातिर,
  • इंसानी कल्पनाओं का सहारा न ले,
  • न थोप अपनी ख़्वाहिश उस पर,
  • और जिस तरह पेश आता है वो इंसानों से, इंसानों से,
  • उसमें इंसानी तौर-तरीके अपनाए वो,
  • इसकी ख़ातिर मजबूर न कर उसको।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...