परमेश्वर के वचनों का एक भजन
स्वभाव में बदलाव वास्तविक जीवन से अलग नहीं हो सकता
परमेश्वर
में विश्वास करने में,
यदि
मानव बदलाव लाना चाहता है,
तो
उसे अपने वास्तविक जीवन से
खुद
को वियुक्त नहीं करना चाहिए।
XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...