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1 नव॰ 2018

स्वभाव में बदलाव वास्तविक जीवन से अलग नहीं हो सकता

परमेश्वर के वचनों का एक भजन

स्वभाव में बदलाव वास्तविक जीवन से अलग नहीं हो सकता 

परमेश्वर में विश्वास करने में,
यदि मानव बदलाव लाना चाहता है,
तो उसे अपने वास्तविक जीवन से
खुद को वियुक्त नहीं करना चाहिए।

24 सित॰ 2018

गरिमामय है सार परमेश्वर का

  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • गरिमामय है सार परमेश्वर का
  •  
  • I
  • परमेश्वर के सार का है एक हिस्सा प्यार, उसकी दया मिलती है सबको,
  • भूल जाते हैं लोग मगर, उसका एक हिस्सा गरिमा भी है।
  • परमेश्वर में प्यार है, मगर ये मायने नहीं इसके
  • कि ठेस पहुँचाई जा सकती है उसे,
  • और महसूस न हो उसे या प्रतिक्रिया न हो उसकी।
  • परमेश्वर को परिभाषित करने की ख़ातिर,
  • इंसानी कल्पनाओं का सहारा न ले,
  • न थोप अपनी ख़्वाहिश उस पर,
  • और जिस तरह पेश आता है वो इंसानों से, इंसानों से,
  • उसमें इंसानी तौर-तरीके अपनाए वो,
  • इसकी ख़ातिर मजबूर न कर उसको।

2 सित॰ 2018

परमेश्वर को प्रेम करने का पथ उजागर करता है सत्य और झूठ कोप्यार

  • आराधना गीत
  • परमेश्वर को प्रेम करने का पथ उजागर करता है सत्य और झूठ को
  •  
  • I
  • प्रेम करते हैं जो परमेश्वर को आज्ञापालन उसका वे करते हैं।
  • करुणा दिल उनका दिखाता, है दिखाता है।
  • जो नहीं करते प्रेम उसको, करते हैं विद्रोह ख़िलाफ़ उसके,
  • करते हैं प्रयास अपनी नियति के लिये,
  • बिना ज़मीर के, बिना ज़मीर के।
  • करते हैं प्रेम जो परमेश्वर को, धार्मिकता चाहते हैं,
  • प्यार सत्य को करते हैं वचन के अनुसार उसकेजीते हैं।
  • दिल होता है सच्चा, निष्ठावान पवित्र उनका।
  • त्याग नहीं सकते वो परमेश्वर को सदा के लिये।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...