सस्वर पाठ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सस्वर पाठ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

22 दिस॰ 2018

परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार भाग दो


जिसमें दर्शन शामिल हैं वह मुख्यतः स्वयं परमेश्वर के कार्य की ओर संकेत करता है, और जिसमें रीति व्यवहार शामिल होता है उसे मनुष्य के द्वारा किया जाना चाहिए, और इसका परमेश्वर से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। परमेश्वर के कार्य को स्वयं परमेश्वर के द्वारा पूर्ण किया गया है, और मनुष्य के रीति व्यवहार को स्वयं मनुष्य के द्वारा हासिल किया गया है। जिसे स्वयं परमेश्वर द्वारा किया जाना चाहिए उसे मनुष्य के द्वारा किए जाने की आवश्यकता नहीं है, और जिसका मनुष्य के द्वारा अभ्यास किया जाना चाहिए उससे परमेश्वर का कोई सम्बन्ध नहीं है। परमेश्वर का कार्य स्वयं उसकी सेवकाई है, और इसका मनुष्य से कोई सम्बन्ध नहीं है। इस कार्य को मनुष्य के द्वारा किए जाने की कोई जरूरत नहीं है, और, इससे बढ़कर, मनुष्य उस कार्य को करने में असमर्थ है जिसे परमेश्वर के द्वारा किया जाना है।

8 दिस॰ 2018

मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग तीन


परमेश्वर में जीवधारियों के प्रति कोई द्वेष नहीं है और वह केवल शैतान को पराजित करना चाहता है। उसके सम्पूर्ण कार्य-चाहे वह ताड़ना हो या न्याय – को शैतान की ओर निर्देशित किया गया है; इसे मानवजाति के उद्धार के लिए सम्पन्न किया जाता है, यह सब शैतान को पराजित करने के लिए है, और इसका एक उद्देश्य है: बिलकुल अन्त तक शैतान के साथ युद्ध करना! और परमेश्वर जब तक शैतान पर विजय प्राप्त ना कर ले वह कभी विश्राम नहीं करेगा! वह विश्राम तभी करेगा जब वह एक बार शैतान को हरा दे।

16 अक्टू॰ 2018

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII भाग चार


स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII भाग चार


2. प्रतिदिन भोजन एवं जल जो परमेश्वर मानवजाति के लिए तैयार करता है
मुझे बताओ: क्या कुछ ऐसा है जिसे परमेश्वर करता है, इसकी परवाह न करते हुए कि वह एक बड़ी चीज़ है या एक छोटी चीज़ है, जिसका कोई अर्थ या मूल्य नहीं है? हर चीज़ जो वह करता है उसका मूल्य एवं अर्थ है। आइए हम एक प्रश्न से चर्चा करें जिसके विषय में लोग अक्सर बात करते हैं: पहले क्या आया था, मुर्गी या अण्डा? तुम इसका उत्तर कैसे देते हैं? मुर्गी पहले आई थी, यह बिल्कुल पक्का है!

15 अक्टू॰ 2018

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII भाग तीन


स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII भाग तीन


2. प्रतिदिन भोजन एवं जल जो परमेश्वर मानवजाति के लिए तैयार करता है
हमने अभी अभी सम्पूर्ण वातावरण के एक भाग के बारे में बात किया था, अर्थात्, मनुष्य के जीवित रहने के लिए जरूरी स्थितियाँ जिन्हें परमेश्वर ने मानवजाति के लिए तैयार किया था जब उसने संसार को बनाया था। हमने बस पाँच चीज़ों के बारे में बात किया था, और ये पाँच चीज़ें सम्पूर्ण वातावरण हैं। जिस विषय में हम आगे बात करने जा रहे हैं वह शरीर में प्रत्येक मनुष्य के जीवन से करीब से जुड़ा हुआ है।

10 अक्टू॰ 2018

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII भाग दो


स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII भाग दो


(3) आवाज़
तीसरी चीज़ है आवाज़। साथ ही यह कुछ ऐसा भी है जिसे मनुष्यों के लिए एक सामान्य सजीव वातावरण में होना चाहिए। जब परमेश्वर ने सभी चीज़ों की सृष्टि की थी तब आवाज़ अस्तित्व में आया था। उस समय परमेश्वर उससे बहुत अच्छी तरह से निपटा। यह कुछ ऐसा है जो परमेश्वर के लिए और मानवजाति के जीवित रहने के लिए भी अति महत्वपूर्ण है।

1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...