- ज्योति है परमेश्वर का वचन
- I
- जगा दिया मुझे पूरब की बिजली ने,
- देखा परमेश्वर का वचन देह में प्रकट होते मैंने।
- न्याय और ताड़ना के वचन,
- जीतते और बचाते हैं मुझे।
- टुकड़े-टुकड़े कर दिये मेरे, नाकामियों, इम्तहानों, यातनाओं ने।
- उजागर हुई भ्रष्टता मेरी
- अहंकारी था मैं, सिर झुका लिया मैंने।
- मलिनता में, अपनी नालायकी देखी मैंने।
- अपनी हैसियत और पुराने कर्ज़ों के संग,
- नीच और भ्रष्ट, क्या हो सकता था
- परमेश्वर की सेवा के लायक मैं?
- आस्था की सही राह पर ला खड़ा किया मुझे,
- रुकावटों, नाकामियों ने।
- सदमे, शुद्धिकरण और मुसीबतें
- बन गईं ज़ंजीर मेरे उद्धार की।
- बाँध दिया इन्होंने परमेश्वर के प्रेम से मुझे,
- जानता हूँ धार्मिक स्वभाव परमेश्वर का, कितनी बड़ी आशीष है।
- शुद्ध करते और बचाते हैं परमेश्वर के वचन मुझे,
- ताकि जी सकूँ असली ज़िंदगी मैं।
- परमेश्वर को जानकर, देकर गवाही उसकी,
- प्रेम करूँगा, सेवा करूँगा सदा परमेश्वर की मैं।
- II
- देहधारी परमेश्वर, उद्धारक फिर आया है।
- न्याय, दुखों, परीक्षणों के ज़रिये,
- आ गया हूँ रूबरू परमेश्वर के मैं।
- उद्धार का आनंद ले लिया मैंने,
- जान गया हूँ व्यवहारिक परमेश्वर को मैं।
- ज़िंदा नरक के अंधेरों में सीख गया हूँ,
- किससे नफ़रत, किससे मोहब्बत करूँ मैं।
- परमेश्वर के वचनों से प्रबुद्ध, समझ गया हूँ ज़िंदगी के राज़ मैं।
- भ्रष्ट इंसान की देह शैतान का देहधारण है।
- शुद्ध करते और बचाते हैं परमेश्वर के वचन मुझे,
- ताकि जी सकूँ असली ज़िंदगी मैं।
- परमेश्वर को जानकर, देकर गवाही उसकी,
- प्रेम करूँगा, सेवा करूँगा सदा परमेश्वर की मैं।
- III
- परमेश्वर का अपूर्व उत्कर्ष है ये,
- प्रेम कर सकता हूँ, गवाही दे सकता हूँ मैं उसकी।
- उसके प्रेम का प्रतिदान दूँ, सिर्फ़ यही ख़्वाहिश करता हूँ मैं।
- उसके न्याय और ताड़ना के मायने हैं,
- ये परमेश्वर के प्रेम को प्रकट करते हैं।
- श्रद्धा से परमेश्वर को मानूँ, प्रेम करूँ, ये फ़र्ज़ है मेरा।
- उसका वफ़ादार रहूँ, गवाही दूँ, ये फ़र्ज़ है मेरा।
- उसकी इच्छा और महिमा की ख़ातिर, ख़ुद को अर्पित करता हूँ मैं।
- शुद्ध करते और बचाते हैं परमेश्वर के वचन मुझे,
- ताकि जी सकूँ असली ज़िंदगी मैं।
- परमेश्वर को जानकर, देकर गवाही उसकी,
- प्रेम करूँगा, सेवा करूँगा सदा परमेश्वर की मैं।
- शुद्ध करते और बचाते हैं परमेश्वर के वचन मुझे,
- ताकि जी सकूँ असली ज़िंदगी मैं।
- परमेश्वर को जानकर, देकर गवाही उसकी,
- प्रेम करूँगा, सेवा करूँगा सदा परमेश्वर की मैं।
Source From: सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-आराधना के गी
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