- ज्योति है परमेश्वर का वचन
- I
- जगा दिया मुझे पूरब की बिजली ने,
- देखा परमेश्वर का वचन देह में प्रकट होते मैंने।
- न्याय और ताड़ना के वचन,
- जीतते और बचाते हैं मुझे।
- टुकड़े-टुकड़े कर दिये मेरे, नाकामियों, इम्तहानों, यातनाओं ने।
- उजागर हुई भ्रष्टता मेरी
- अहंकारी था मैं, सिर झुका लिया मैंने।