- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- परमेश्वर के अधिकार को जानने का मार्ग
- I
- परमेश्वर के अधिकार के ज्ञान को,
- उसकी सामर्थ्य को, पहचान को और सार को,
- तुम हासिल कर नहीं सकते
- अपनी कल्पनाओं से।
- कल्पना न करो, के मायने ये नहीं कि तुम कुछ न करो,
- या बस बैठकर तबाही का इंतज़ार करो।
- इसके मायने हैं – तर्क से अनुमान ना लगाओ,
- ना जानकारी या विज्ञान के ज़रिये अध्ययन करो।
- परमेश्वर के वचनों को खा-पीकर,
- अनुभव करो और उन वचनों की संगति करो,
- परमेश्वर के अधिकार का तुम अनुभव करोगे, उसे सत्यापित करोगे,
- और धीरे-धीरे उसकी समझ और ज्ञान को हासिल करोगे।