1 सित॰ 2018

इंसान का सच्चा जीवन

  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • इंसान का सच्चा जीवन
  •  
  • I
  • जब इंसान पाता है धरती पर सच्चा जीवन,
  • शैतान की सभी शक्तियां जाती हैं बंध।
  • इंसान जिएगा पृथ्वी पर आराम से।
  • उलझनें हो जाएंगी ग़ायब।
  • इंसानी, सामाजिक और पारिवारिक बंधन कर सकते हैं परेशान,
  • हो सकते हैं दर्द से भरे।
  • पर एक बार जब इंसान जीत लिया जाएगा पूरी तरह से, पूरी तरह से,
  • तो बदल जाएगा उसका दिल और दिमाग़।
  • एक बार जब इंसान जीत लिया जाएगा पूरी तरह से,
  • बदल जाएगा उसका दिल और दिमाग़।
  • II
  • इंसान का दिल करेगा परमेश्वर का आदर।
  • इंसान का दिल करेगा परमेश्वर से प्रेम।
  • दुनिया के सभी लोग जो चाहते हैं करना परमेश्वर से प्रेम, परमेश्वर से प्रेम,
  • एक बार जब उन पर जीत हासिल कर ली जाएगी,
  • एक बार जब शैतान हरा दिया जाएगा, हरा दिया जाएगा,
  • एक बार जब अंधेरी शक्तियों को दिया जाएगा बांध,
  • तो पृथ्वी पर इंसान का जीवन होगा परेशानियों से आज़ाद।
  • जिएगा वो आज़ादी से इस धरती पर,
  • देह की उलझनें हो जाएंगी ग़ायब।
  • इंसान हो जाएगा शैतान की शक्तियों से आज़ाद, हो जाएगा आज़ाद।
  • III
  • अगर परिवार में सबके प्रति तुम्हारा बर्ताव हो एकसमान,
  • और कलीसिया के भाइयों और बहनों के लिए भी,
  • चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं,
  • तुम्हारी तकलीफ़ें हो जाएगीं आधी।
  • इंसान बिता पाएगा एक सामान्य जीवन,
  • फ़रिश्ते की तरह खड़ा रहेगा वो।
  • और यह होगा अंतिम वादा
  • जो परमेश्वर देगा इंसान को।
  • एक बार जब इंसान जीत लिया जाएगा पूरी तरह से, पूरी तरह से,
  • बदल जाएगा उसका दिल और दिमाग़।
  • एक बार जब इंसान जीत लिया जाएगा पूरी तरह से,
  • बदल जाएगा उसका दिल और दिमाग़।
  • इंसान का दिल करेगा परमेश्वर का आदर।
  • इंसान का दिल करेगा परमेश्वर से प्रेम।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से

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1. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना क्या है? अगर कोई केवल प्रभु के लिए मिशनरी (धर्म-प्रचार सम्बन्धी) काम करता है, तो क्या यह परमेश्वर की इच्छा का पालन करना है?

XVIII. परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण क्या है और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है, इस पर हर किसी को स्पष्ट रूप से सहभागिता करनी चाह...